अजरबैजानी फोर्स ने आर्मेनियाई सेना के ठिकानों पर की भीषण बमबारी, जारी किया हवाई फुटेज

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बाकू
अजरबैजान और आर्मेनिया के बीच सोमवार से शुरू हुई जंग अब भी जारी है। इस लड़ाई के दौरान अबतक दोनों पक्षों के 200 से ज्यादा लोगों की मौत भी हो चुकी है। वहीं अजरबैजान की फोर्स ने दावा किया है कि उनकी सेना ने आर्मेनिया के कई सैन्य ठिकानों और टैंकों पर भीषण बमबारी की है। अपने दावे को पुख्ता करने के लिए अजरबैजान के रक्षा मंत्रालय ने ड्रोन से लिए गए कई वीडियो भी जारी किए हैं। जिसमें मिसाइलों और बमों से आर्मेनियाई ठिकानों को निशाना बनाते हुए दिखाया गया है।

दोनों देश कर रहे अलग-अलग दावे
वहीं, आर्मेनिया के रक्षा मंत्रालय का दावा है कि उसकी सेना नागोर्नो-काराबाख के कई इलाकों में अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं। रक्षा मंत्रालय ने यह भी दावा किया है कि उन्होंने अजरबैजान के एक मिलिट्री प्लेन को मार गिराया है। दोनों ही पक्ष एक दूसरे को लड़ाई के दौरान भारी नुकसान पहुंचाने का दावा कर रहे हैं। लेकिन, इसकी अभी तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है कि किसके दावे में कितनी सच्चाई है।

युद्धविराम की अपील का कोई असर नहीं
रूस-अमेरिका और फ्रांस समेत दुनियाभर के कई देश लगातार दोनों देशों से युद्धविराम की अपील कर रहे हैं। लेकिन, उनकी अपील का इन दोनों देशों पर कोई असर होता दिखाई नहीं दे रहा है। नागोर्नो-काराबाख इलाके पर कब्जे को लेकर शुरू हुई लड़ाई अब भी जारी है और लगातार दोनों पक्ष एक दूसरे के सिविलियन इलाकों को भी निशाना बना रहे हैं। विशेषज्ञ इसे 1990 के बाद दोनों देशों के बीच अबतक की सबसे भीषण लड़ाई बता रहे हैं।

रूस और तुर्की में जंग का मंडराया खतरा
आर्मीनिया और अजरबैजान में बढ़ती जंग से रूस और तुर्की के इसमें कूदने का खतरा पैदा हो गया है। रूस जहां आर्मीनिया का समर्थन कर रहा है, वहीं अजरबैजान के साथ नाटो देश तुर्की और इजरायल है। न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स की रिपोर्ट के मुताबिक आर्मेनिया और रूस में रक्षा संधि है और अगर अजरबैजान के ये हमले आर्मेनिया की सरजमीं पर होते हैं तो रूस को मोर्चा संभालने के लिए आना पड़ सकता है। उधर, आर्मेनिया ने कहा है कि उसकी जमीन पर भी कुछ हमले हुए हैं।


अजरबैजान के साथ तुर्की और इजरायल
उधर, अजरबैजान के साथ तुर्की और इजरायल खड़े हैं। तुर्की ने एक बयान जारी कहा है कि हम समझते हैं कि इस संकट का शांतिपूर्वक समाधान होगा लेकिन अ‍भी तक आर्मीनियाई पक्ष इसके लिए इच्‍छुक नजर नहीं आ रहा है। तुर्की ने कहा क‍ि हम आर्मेनिया या किसी और देश के आक्रामक कार्रवाई के खिलाफ अजरबैजान की जनता के साथ आगे भी खड़े रहेंगे। माना जा रहा है कि तुर्की का इशारा रूस की ओर था। वहीं, इजरायल भी अजरबैजान को घातक हथियारों की सप्लाई कर रहा है।

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