अफ्रीकी जनजाति के अजब नियम, गैर-मर्दों संग पत्‍नी को संबंध की इजाजत, पति करता है इंतजार

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शताक्षी अस्थाना
अफ्रीका में रहने वाली प्रजातियों की कई अजीब-ओ-गरीब प्रथाएं होती हैं और नियम भी। शायद इसमें सबसे हैरान करने वाली है बोराना ओरोमा जनजाति। नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से बातचीत में पेशे से जियोफिजिस्ट रत्नेश पांडे ने बताया है कि इस समुदाय की महिलाओं को विवाहेतर शारीरिक संबंध बनाने की न सिर्फ इजाजत होती है बल्कि समर्थन भी मिलता है। यहां जानें इस समुदाय से जुड़ी रोचक कहानियां- (Photo: Gerhard Huber, Global Geography)

चलती है अलग सरकार

बोराना ओरोमो लोगों को बोराना भी कहा जाता है। ये इथियोपिया के दक्षिणी ओरोमिया के बोरेना जोन, सोमालिया के सीमावर्ती जोन और उत्तरी केन्या में रहते हैं। बोराना लोग बिना किसी रुकावट के गड्डा प्रणाली के अनुसार अपना जीवन जीते है। इसमें बाहरी दुनिया का और वहां की सरकार का कोई दखल नहीं होता है। यह स्वदेशी लोकतांत्रिक प्रणाली है। इसके तहत इस समुदाय की राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों को नियंत्रित किया जाता है।

गड्डा प्रणाली के अंतर्गत, पांच ओरोमो समूहों से पुरुषों का चयन आठ वर्ष की अवधि के लिए किया जाता है। अपने कार्यकाल के दौरान पूरे समाज की न्यायिक, राजनीतिक, धार्मिक और अन्य गतिविधिओ को नियंत्रित करते है। आठ साल के बाद वह सेवानिवृत्त हो जाते हैं। इसी के जरिए उन्होंने राजनीतिक और सैन्य संगठन के तौर पर खुद को काफी सशक्त किया। (Photo: Gerhard Huber, Global Geography)

…पति करता है बाहर इंतजार

इस जनजाति की महिलाएं एक लौकी को सुखाकर बने बर्तन में दूध रखती हैं। इन बर्तनों को तरह-तरह से सजाया जाता है। महिलाएं मनकों से बनी अंगूठियां पहनती हैं। यहां महिलाओं को विशेष अधिकार प्राप्त होते हैं। विवाहित महिलाएं अपने पति के अलावा किसी और पुरुष के साथ भी शारीरिक संबंध रख सकती हैं। न सिर्फ इस फैसले का सम्मान किया जाता है बल्कि पूरा समुदाय समर्थन भी करता है। एक पत्नी ही हमेशा यह तय करती है कि कौन उसके घर में प्रवेश करेगा और शारीरिक संबंध बनाएगा। इस दौरान अगर पति घर आता है और घर के बाहर भाले को जमीन में दबा हुआ पाता है, तो वह अंदर नहीं जा सकता। इसे इस बात का संदेश माना जाता है कि पत्नी उसके किसी गैर-पुरुष के साथ शारीरिक संबंध बना रही है। जब वह गैर-पुरुष भाला जमीन से निकालता है, पति तभी अंदर जाता है। (Photo: Gerhard Huber, Global Geography)

धर्म से जुड़ीं कहानियां

बोराना ओरोमो के देवता वका कहलाते हैं। इस्लाम और ईसाई धर्म के प्रसार से पहले, बोराना वाकेफना नामक प्राचीन धर्म का पालन करते थे जो एकेश्वरवादी धर्म होता था। वाकेफना शब्द वाका शब्द से निकला है, जिसका अर्थ है अफान- ओरोमू में ‘आकाश देव’। वाकेफना धर्म के अनुयायियों को वक्फताता कहा जाता था और वे वका को अपना देवता मानते थे। वाकेफना धर्म में एक पुजारी हुआ करता था जिसे कल्ला कहा जाता था। वह बोराना ओरोमो समुदाय और देवता के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाया करता था। वाकेफना में मानना होता था कि पेड़, झरने और चट्टानों जैसी वस्तुओं में भी आत्माएं होती हैं।

वाकेफना में एक किंवदंती के अनुसार, बोराना ओरोमो को अपने भगवान वाक को उपहार देना होता था और जिसके लिए उन्हें अपने सबसे बड़े बच्चे का बलिदान करना होता था। कहते हैं कि वहां एक जादूगर होता था जो जंगल में रहता था। वह नवजात शिशुओं को मार देता था और उस दौरान कल्ला नामक पुजारी बोराना ओरोमो और वका देवता के बीच मध्यस्थता करता था। अभी भी बहुत सारे बोराना ओरोमो लोग अपने पारंपरिक धर्म वक्फना को मानते हैं और उसका पालन करते हैं। (Photo: Gerhard Huber, Global Geography)

नाम रखने का अनोखा तरीका

बोराना ओरोमो एक घुमंतू जनजाति है जो कि अपने ऊंटों और जानवरों के लिए चरने के स्थान को खोजते रहते हैं। बोराना ओरोमो समुदाय के पुरुष अपने पशुओं के झुंड का नेतृत्व करते हैं जबकि बोराना ओरोमो महिलाएं घरों को बनाने और इनकी साफ-सफाई की जिम्मेदार होती है। बोराना गायों, बकरियों, भेड़ों सहित दूसरे पशुओं को पालते हैं। जब यहां परंपरागत नाच होता है तो समझा जाता है कि किसी के घर बच्चा पैदा हुआ है। बोराना ओरोमो लोग अपने बच्चों का नाम तीन साल तक नहीं रखते हैं। यहां ज्यादातर नियम बच्चों को लेकर होते हैं और अपनों से बड़े लोगों को कभी उनके फर्स्ट नेम से नहीं बुलाते हैं।

ये लोग बच्चों के नाम समय, स्थान, पर्व इत्यादि के अनुसार रखते हैं- जो लड़के दिन में दोपहर के वक्त होते हैं उन्हें ‘गुयो’ कहा जाता है। किसी का नाम समारोह के नाम पर ‘जिल’ होता है, लेकिन अगर बच्चा बरसात के मौसम में पैदा होता है तो उसे ‘रॉब’ और सूखे के मौसम में पैदा हुए बच्चे को ‘बॉन’ कहा जाता है। अन्य नामों में जाल्देस (बंदर), फुन्नान (नाक), गुफू (पेड़ का ठूंठ) और लम्बी टांगों वाले को ‘ल्यूक’ कहा जाता है। बच्चे के जन्म के बाद के तीन साल के बाद के समारोह के दौरान मां-बाप बच्चे का जो नाम रखते हैं, वह कभी बदला नहीं जाता है। (Photo: Gerhard Huber, Global Geography)

ऐसे होती हैं शादियां

बोराना महिलाएं बकरी की खाल से बने कपड़े पहनती हैं। इस जनजाति की महिलाएं अपने अपने बालों को सुंदर बनाए रखने के लिए घी का इस्तेमाल करती हैं और अपने सर पर बहुत सारी चोटियां बनाती हैं। बोराना जनजाति की युवतियां अच्छे वर को पाने के लिए शादी से पहले अपने सिर का एक बड़ा सा हिस्सा मुंडवा लेती हैं। शादी के बाद ही लड़कियों को ठीक से बाल बढ़ाने और उसे संवारने का मौका दिया जाता है। इतना ही नहीं, यहां के लोग शादी के बाद फोटो खिंचाना भी अच्छा नहीं मानते। इन लोगों का मानना हैं कि ऐसा करने से शरीर में खून की कमी हो जाती है।

बोराना ओरोमो अपनी झोपड़ी लकड़ी और खाल से बनाते हैं। इस समुदाय में वृद्ध महिलाओं को संस्कृति के रखवाले के रूप में सम्मानित किया जाता है। उनका अपमान करना भी इस समुदाय में गुनाह माना जाता है। इस समुदाय में लड़कियों को उसकी मां के व्यवहार से तोला जाता है। अगर मां, सभ्य-सुशील है तो इसका मतलब उसकी लड़की भी वैसी होगी और इसी आधार पर पुरुष अपने लिए पत्नी का चुनाव करते हैं। बोराना ओरोमो में शादी कई चरणों की लंबी बातचीत के बाद तय होती है। लड़की के माता-पिता, शादी की शर्तों की जांच के लिए ‘कड़ा’ नाम की बैठक आयोजित करते हैं। यहां पर लड़के के परिवार के सदस्यों को आमंत्रित किया जाता है और शादी की तारीख तय की जाती है। (Photo: Gerhard Huber, Global Geography)

इनका होता है सबसे ज्यादा सम्मान

इस जनजाति समाज में आध्यात्मिक नेताओं का बहुत सम्मान होता है। यहां आत्माओं को अयाना भी कहते हैं और उनका भी बड़ा महत्व होता है। आत्माओं को प्रसन्न करने के लिए आध्यात्मिक नेता बलिदान और अनुष्ठानों का आयोजन करते हैं जिससे कि उनके समाज के लोगों का स्वास्थ्य ठीक रहे, जानवरों की सुरक्षा होती रहे, खेतों की उर्वरता बनी रहे और फसलों का पैदावार होता रहे। इस समुदाय में मुखिया के बेटे को सबसे भाग्यशाली समझा जाता है और अगर वे दुर्व्यवहार भी करें तो कोई उन्हें दंडित नहीं कर सकता है। ऐसे बेटों की मांओं को विशेष सम्मान प्राप्त होता है। इस जनजाति की मुखिया की पत्नी को विशेष आभूषण पहनने होते हैं। बोराना महिलाएं अपने दामादों के सामने नहीं आती हैं और अपना मुंह नहीं दिखाती हैं लेकिन कभी अगर दोनों आमने-सामने आ जाते हैं तो दोनों ही अपना मुंह ढंक लेते हैं। (Photo: Gerhard Huber, Global Geography)

ऐसे होते हैं बुद्धिमान और बहादुर लड़के

बोराना ओरोमो समुदाय का लड़का अगर अपनी किशोरावस्था में जंगली जानवरों जैसे हाथी, शेर, गैंडे और भैंस का शिकार करना शुरू कर देता है और उन्हें मार गिराता है तो उसे समुदाय में विशेष दर्जा प्राप्त होता है और उसके समुदाय में उसे बहादुर और बुद्धिमान माना जाता है। उसका यह गुण, उसे उसके समाज में नेता के रूप में चुने जाने की अधिक संभावना को प्रदान करता है। इस समुदाय के खान पान में दूध, दही, घी, मांस, शहद, शक्तिवर्धक खून का घोल पीते हैं। गाय के दूध में गाय का रक्त मिलाकर एक शक्तिवर्धक घोल तैयार किया जाता है। इसके लिए गाय की गर्दन में एक घाव कर दिया जाता है। बाद में गाय के घाव को मिट्टी से बंद कर देते हैं। (Photo: Gerhard Huber, Global Geography)



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