अमेरिका-नाटो से तनाव, रूस ने दागी दुनिया की सबसे घातक क्रूज मिसाइल जिरकॉन

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हाइलाइट्स:

  • रूस ने अपनी सबसे घातक हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल जिरकॉन का सफल परीक्षण किया है
  • रूस के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस मिसाइल का परीक्षण बैरंट सागर में किया गया है
  • इस मिसाइल ने ध्‍वनि की तुलना में 8 गुना ज्‍यादा स्‍पीड (मैक 8) से 450 किमी की दूरी तय की
  • रूस ने यह परीक्षण ऐसे समय पर किया है जब उसका अमेरिका और नाटो के साथ तनाव चल रहा

मास्‍को
रूस ने अपनी सबसे घातक हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल जिरकॉन का सफल परीक्षण किया है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस मिसाइल का परीक्षण बैरंट सागर में किया गया है। इस मिसाइल ने ध्‍वनि की तुलना में 8 गुना ज्‍यादा स्‍पीड (मैक 8) से 450 किमी की दूरी तय की और अपने नकली लक्ष्‍य को तबा‍ह किया। रूस ने यह परीक्षण ऐसे समय पर किया है जब उसका अमेरिका के नेतृत्‍व वाले नाटो देशों के साथ तनाव चल रहा है।

रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन ने जिरकॉन मिसाइल के सफल परीक्षण की प्रशंसा की है। उन्‍होंने कहा कि रूस के लिए यह एक महत्‍वपूर्ण घटना है जो देश की सुरक्षा को बढ़ाएगी। रूसी राष्‍ट्रपति ने इस परियोजना में शामिल सभी लोगों की प्रशंसा की। उन्‍होंने आशा जताई कि भविष्‍य में भी रूसी विशेषज्ञ सेना को फिर से ताकतवर बनाने के लिए काम करते रहेंगे।

4.5 म‍िनट में 450 किमी की दूरी तय की
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस हाइपरसोनिक मिसाइल की रेंज 450 किमी रही। मिसाइल ने 28 किमी की ऊंचाई से उड़ान भरी और 4.5 म‍िनट में 450 किमी की दूरी को तय करते हुए अपने लक्ष्‍य को तबाह कर दिया। इस दौरान मिसाइल ने 8 मैक की स्‍पीड हासिल की। बता दें कि हाइपरसोनिक मिसाइल की दुनिया में सबसे आगे रूस चल रहा है। रूस ने अपनी 3M22 जिरकॉन मिसाइल को तैनात करना शुरू कर दिया है।


विशेषज्ञों के मुताबिक भारत की ब्रह्मोस-2 मिसाइल भी जिरकॉन पर आधारित है। आम मिसाइलें बैलस्टिक ट्रैजेक्‍टरी फॉलो करती हैं। इसका मतलब है कि उनके रास्‍ते को आसानी से ट्रैक किया जा सकता है। इससे दुश्‍मन को तैयारी और काउंटर अटैक का मौका मिलता है जबकि हाइपरसोनिक वेपन सिस्‍टम कोई तयशुदा रास्‍ते पर नहीं चलता। इस कारण दुश्‍मन को कभी अंदाजा नहीं लगेगा कि उसका रास्‍ता क्‍या है। स्‍पीड इतनी तेज है कि टारगेट को पता भी नहीं चलेगा। यानी एयर डिफेंस सिस्‍टम इसके आगे पानी भरेंगे।


S-500 के अलावा इसे कोई रोक नहीं सकता
रूस के अत्‍याधुनिक S-500 एयर डिफेंस सिस्‍टम के अलावा किसी भी देश के पास हाइपरसोनिक मिसाइलों का रोकने की क्षमता नहीं है। रूस और चीन से टक्‍कर के लिए अमेरिका भी इस ब्रह्मास्त्र का निर्माण कर रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि अमेरिका अभी अविश्वसनीय मिलिट्री एक्विपमेंट बना रहा है। उन्होंने इसे सुपर-डुपर मिसाइल नाम दिया। ट्रंप ने यह भी कहा कि हमारे पास अभी जो मिसाइलें मौजूद हैं यह उससे यह 17 गुना तेज है।

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रूस ने सबसे खतरनाक क्रूज म‍िसाइल का सफल परीक्षण क‍िया



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