अमेरिका ने F-35A लड़ाकू विमान से दागा ‘परमाणु बम’, दहशत में आया चीन

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पेइचिंग
अमेरिका ने अपने स्टील्थ तकनीकी वाले लड़ाकू विमान F-35A से परमाणु बम दागने का अभ्यास किया है। यूनाइटेड स्टेट्स एयर फोर्स (USAF) ने अपने लड़ाकू विमान से B61-12 परमाणु बम गिराने का एक वीडियो भी जारी किया है। इसी के बाद से अमेरिका का दुश्मन नंबर एक चीन दहशत में है। चीनी सेना की आधिकारिक वेबसाइट इंग्लिश चाइनामिल डॉट कॉम डॉट सीएन पर जारी एक लेख में ड्रैगन ने इस परीक्षण को लेकर गंभीर चिंता जताई है।

अमेरिकी परमाणु शक्ति से डरी चीनी सेना
चीनी सेना ने इस लेख में कहा है कि इस परीक्षण के बाद से अमेरिका के पास परमाणु हमला करने की ताकत और बढ़ जाएगी। अमेरिकी सेना इन दिनों छोटे-छोटे परमाणु बमों को विकसित कर रही है। जो सटीक निशाना लगाने में माहिर हैं। इससे अमेरिकी सेना के समुद्र, हवा या जमीन पर प्रभावी तरीके से दुश्मन के खिलाफ कार्रवाई करने की ताकत मिल जाएगी। एफ-36ए लड़ाकू विमान जल्दी से किसी रडार की पकड़ में भी नहीं आता है। इससे अमेरिका की अत्याधुनिक युद्ध क्षमता और उन्नत वायु रक्षा प्रणालियों के खिलाफ घुसपैठ और आसान हो जाएगी।

छोटे-छोटे परमाणु बमों को विकसित कर रहा अमेरिका
चीनी सेना ने दावा किया है कि 2020 के अमेरिका के रक्षा बजट में छोटे-छोटे परमाणु बमों को विकसित करने के लिए 8.3 फीसदी अधिक धन को आवंटित किया गया है। इस कारण अमेरिकी सेना इन दिनों B-61 परमाणु बमों के सीरीज को विकसित कर रही है। B-61 के कई वैरियंट अमेरिकी सेना में कार्यरत हैं। इनमें से कई ऐसे भी हैं जिनमें जरूरत पड़ने पर परमाणु हथियारों को फिट किया जा सकता है। जबकि टेस्ट के दौरान इनमें परमाणु तत्वों को नहीं रखा जाता है।

अमेरिका की सामरिक शक्ति में होगा जबरदस्त इजाफा
ड्रैगन ने चिंता जताते हुए कहा है कि अगर एफ-35 लड़ाकू विमान परमाणु हमला करने में सक्षम हो जाता है तो इससे अमेरिका की सामरिक क्षमता में जबरदस्त इजाफा होगा। इस कारण सामरिक परमाणु हमलों को अंजाम देना अमेरिकी सेना के लिए और अधिक आसान भी हो जाएगा। परमाणु हथियारों का उपयोग करने की अमेरिका की सनक से फिर से अन्य देशों के बीच परमाणु दौड़ शुरू हो जाएगी। इस कारण परमाणु निरस्त्रीकरण के कार्यक्रम न केवल बेकार हो जाएंगे, बल्कि परमाणु संघर्षों के जोखिम भी बढ़ जाएगा

F-35 News

25 अगस्त को अमेरिका ने किया था यह टेस्ट
हाल में जारी रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने इस साल 25 अगस्त को नेवादा में टोनोपा टेस्ट रेंज में इस परमाणु परीक्षण को अंजाम दिया था। कई अमेरिकी विशेषज्ञों ने इस टेस्ट को अमेरिकी सेना के परमाणु हथियारों की तैनाती में बड़ा कदम करार दिया था। इस टेस्ट में अमेरिकी F-35A फाइटर जेट के जरिए एक नकली लक्ष्य पर बिना रेडिएशन वाले मटेरियल से बने B61-12 परमाणु बम गिराया गया था।



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