अमेरिका, रूस, जापान, ऑस्‍ट्रेलिया… दुश्‍मन बने चीन के लिए दोस्‍तों का साथ जुटा रही भारतीय नौसेना

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चीन ने भारत के सामने जो चुनौती पेश की है, भारतीय नौसेना उसके लिए पूरी तरह तैयार है। पूर्वी लद्दाख में सर्विलांस के लिए P-8I विमान भेजने से लेकर हिंद महासागर क्षेत्र, अरब सागर में भी नेवी के इंतजाम पुख्‍ताा हैं। रणनीतिक रूप से महत्‍वपूर्ण पोतों और रूट्स पर जंगी जहाज निगरानी रख रहे हैं। इन सबके बीच भारत ने बाकी देशों की नौसेनाओं से भी अपने संबंध मजबूत किए हैं। ऐसे वक्‍त में जब चीन दुश्‍मनी पर आमादा है, भारत को दोस्‍तों का साथ चाहिए। जून महीने के बाद से नौसेना पांच अलग-अलग देशों की नौसेनाओं के साथ युद्धाभ्‍यास कर चुकी है। ये महज अभ्‍यास नहीं, पीपुल्‍स लिबरेशन आर्मी नेवी (PLA Navy) को साफ संकेत है कि समुद्री इलाकों में उसकी कोई भी गलती बहुत भारी पड़ सकती है।

बांग्‍लादेश संग युद्धाभ्‍यास कर रही नौसेना

भारतीय नौसेना ने बांग्‍लादेश की नौसेना के साथ मिलकर बंगाल की खाड़ी में अभ्‍यास किया है। दोनों देशों के बीच संयुक्‍त अभ्‍यास को ‘बोंगोसागर’ नाम दिया गया है। इस अभ्‍यास में भारतीय नौसेना के आईएनएस किलतन, आईएनएस खुखरी जैसे जहाज शामिल हुए।

हिंद महासागर में जुटे थे भारत-ऑस्‍ट्रेलिया के जंगी जहाज

सितंबर के आखिरी हफ्ते में भारत और ऑस्‍ट्रेलिया की नौसेनाओं ने हिंद महासागर में अभ्‍यास किया गया था। इस दौरान कई ऐडवांस्‍ड सरफेस और ऐंटी-एयर एक्‍सरसाइज को अंजाम दिया गया। भारत मित्र देशों के साथ पासेज एक्‍सरसाइज (PASSEX) आयोजित करता है।

तीन दिन तक चली JIMEX 2020

-jimex-2020

भारत और जापान की नौसेनाओं ने उत्‍तरी अरब सागर में 26-28 सितंबर तक अभ्‍यास किया। यह दोनों देशों के बीच हुए ऐतिहासिक समझौते के बाद पहला अभ्‍यास था। भारत और जापान ने लॉजिस्टिक्‍स सपोर्ट के लिए एक-दूसरे की सेनाओं को अपने-अपने बेस एक्‍सेस करने का समझौता किया है। भारत और जापान के बीच सैन्‍य अभ्‍यास को JIMEX कहते हैं।

रूस के साथ भी हो चुकी ड्रिल

भारत और रूस के जंगी जहाज सितंबर महीने की शुरुआत में दो दिन के लिए अभ्‍यास में जुटे रहे। बंगाल की खाड़ी में हुई इस एक्‍सरसाइज में कई तरह की ऐंटी-एयरक्राफ्ट ड्रिल्‍स, फायरिंग एक्‍सरसाइज और हेलिकॉप्‍टर ऑपरेशंस का अभ्‍यास किया गया। नौसेना की तरफ से इसमें गाइडेड मिसाइल डिस्‍ट्रॉयर रणविजय, स्‍वदेशी फ्रिजेट सहयाद्रि और फ्लीट टैंकर शक्ति के अलावा कई हेलिकॉप्‍टर्स शरीक हुए थे।

अमेरिका के साथ लगातार हो रहा अभ्‍यास

चीन के खिलाफ भारत और चीन की नौसेनाएं एक ही रास्‍ते पर हैं। दोनों देशों के बीच, एक-दूसरे के बेच एक्‍सेस करना का समझौता 2016 में ही हो चुका है। अप्रैल-मई में जब चीन ने पूर्वी लद्दाख में अपनी कारस्‍तानी शुरू की तो नेवी ने अमेरिकी नौसेना को अभ्‍यास के लिए बुलाया। जुलाई में अंडमान-निकोबार आइलैंड्स में अभ्‍यास हुआ। इसके बाद भी कई मौके पर अमेरिकी नौसेना के जहाज भारतीय नौसेना के जहाजों के साथ रहे। हाल ही में अमेरिका के P-8 पोसाइडन एयरक्राफ्ट ने पोर्ट ब्‍लेयर पर ईंधन भराया।



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