अयोध्या में मस्जिद के लिए बनाए गए ट्रस्ट में सरकारी प्रतिनिधि रखने की अर्जी सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज

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नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि आयोध्या में मस्जिद निर्माण के लिए बनाए गए इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन में राज्य और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों को नॉमिनेट किया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस रोहिंटन एफ नरीमन की अगुवाई वाली बेंच ने इस मामले में दो वकीलों की ओर से दाखिल अर्जी खारिज कर दी।

याचिकाकर्ताओं का कहना था कि फंड के सही मैनेजमेंट के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार के रिप्रजेंटेटिव का होना जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर कहा गया था कि अयोध्या विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में मुस्लिम पक्षकारको मस्जिद बनाने के लिए 5 एकड़ जो जमीन देने का निर्देश दिया था उसके लिए बनाए गए ट्रस्ट में केंद्र और राज्य सरकार के प्रतिनिधि होने चाहिए।

याचिकाकर्ता ने कहा था कि ट्रस्ट को विदेश से चंदा आ सकता है इसकी आशंका है ऐसे में सरकार के प्रतिनिधि उसमें होने चाहिए। श्रीरामजन्म भूमि ट्रस्ट में सरकार के प्रतिनिधि हैं। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।



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