अरबों सितारों का संगम…ऐस्ट्रोनॉमर्स ने तैयार किया आकाशगंगा का सबसे सटीक 3 D मैप, सुलझेगी ब्रह्मांड की अनसुलझी गुत्थी

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लंदन
ऐस्ट्रोनॉमर्स ने हमारी आकाशगंगा का सबसे डीटेल्ड 3डी मैप तैयार किया है। ब्रह्मांड के रहस्यों को खोलने के लिए और आकाशगंगाएं कैसे काम करती हैं, इस बारे में और ज्यादा जानकारी जुटाने की दिशा में यह एक अहम कदम साबित हो सकता है। इस इलेक्ट्रॉनिक ऐटलस को यूरोपियन स्पेस एजेंसी की Gaia स्पेस ऑब्जर्वेटरी से मिले डेटा के आधार पर तैयार किया गया है। यह ऑब्जर्वेटरी साल 2013 से आसमान को स्कैन कर रही थी।

ब्रह्मांड से जुड़े बड़े सवाल
इस मैप में ऐस्ट्रोनॉमर्स के लिए काफी जानकारियां मौजूद हैं। इनसे सोलर सिस्टम की तेज होती गति (acceleration) और गैलेक्सी के द्रव्यमान (mass) का पता लगाया जा सकता है। इससे यह पता चल सकता है कि सोलर सिस्टम कैसे बना था और ब्रह्मांड किस गति से फैलता (universe expansion) जा रहा है।

कैंब्रिज में इंस्टिट्यूट ऑफ ऐस्ट्रोनॉमी ESA Gaia साइंस टीम के सदस्य निकोलस वॉल्टन ने इसकी तुलना ऐसे प्राचीन नक्शों से की है जिनमें कुछ जगहें खाली रहती थीं और मान लिया जाता था कि वहां क्या पाया जाता होगा। उन्होंने कहा है, ‘हम यहां दरअसल ऐसा 3D मैप तैयार कर रहे हैं जिसमें कुछ सौ प्रकाश वर्ष दूर के सितारे हों।’

सितारों की स्थिति और मूवमेंट को चार्ट करते हुए प्रोब ने आकाशगंगा के बाहर जारी प्रक्रिया देखी हैं। दो करीबी आकाशगंगाओं के बीच धुंधले सितारों को देखा जा सकता है जो इस बात का सबूत है कि Large Magellenic Cloud Small Magellanic Cloud को खत्म कर रहे हैं।

क्या दिखा बदलाव?
ज्यादातर ऑब्जेक्ट जिन्हें Gaia ऑब्जर्व करता है, वे बेहद दूर और चमकीले quasar होते हैं जिन्हें हमारे सूरज के mass से अरबों गुना ज्यादा mass वाले ब्लैकहोल ऊर्जा देते हैं। इनसे सोलर सिस्टम के मूवमेंट की तुलना करने पर Gaia के डेटा से पता चलता है कि सोलर सिस्टम आकाशगंगा के केंद्र की ओर हर साल एक सेकंड में 7 मिलीमीटर बढ़ रहा है।
(Source: The Guardian)



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