असम-बिहार समेत देश के कई राज्यों में बाढ़ से बुरे हालात, भारी बारिश का अलर्ट

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देश के उत्तरी हिस्से में स्थित राज्यों में बाढ़ का कहर जारी है। अगले दो से तीन दिनों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर, बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और असम में अलग-अलग स्तर की चेतावनियां भी जारी की हैं। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन से कई जगहों पर रास्ते बाधित हुए हैं। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कई हिस्सों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। वहीं, उत्तर प्रदेश और बिहार के गांवों में अभी भी बाढ़ से बुरे हालात हैं। असम और उत्तराखंड में भी लगातार बारिश की वजह से कई नदियां उफान पर हैं। ओडिशा में कई नदियां खतरे के लेवल से ऊपर हैं और कई गांवों में पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया है। आइए जानते हैं कि किस राज्य में बाढ़ के क्या हालात हैं-

जम्मू में देखते ही दखते बह गया नदी पर बना पुल

असम में लाखों हुए विस्थापित

पूर्वोत्तर के राज्य में लगातार बारिश और ब्रह्मपुत्र नदी के साथ-साथ उसकी सहायक नदियों में जलस्तर बढ़ने से पूरे राज्य में तबाही मची हुई है। असम इस साल बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए है। अभी तक कम से कम 140 लोगों की मौत हो चुकी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, असम के 28 जिलों में बाढ़ की वजह से बुरे हालात हैं। लाखों लोग विस्थापित हुए हैं और राहत कैंपों में रह रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में 18 जिलों के 1020 गांव प्रभावित

-18-1020-

उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि बाढ़ से राज्य में कहीं भी किसी प्रकार की चिंताजनक परिस्थिति नहीं है। हालांकि, राज्य में बाढ़ से 18 जिलों के 1020 गांव प्रभावित हैं। राहत आयुक्त संजय गोयल ने मंगलवार को बताया कि राज्य में कहीं भी किसी प्रकार की चिंताजनक परिस्थिति नहीं है। बाढ़ से 18 जिलों के 1020 गांव प्रभावित हैं।

बिहार में एक तिहाई फसल हुई तबाह

बिहार के करीब 20 जिलों में बाढ़ से फसल को नुकसान हुआ है। भारी-बारिश और बाढ़ से बिहार में करीब 33 फीसदी फसल को नुकसान का अनुमान है। बिहार में बीते सप्ताह तक 32.59 लाख हेक्टेयर में धान की रोपाई हो चुकी थी जबकि प्रदेश के किसानों ने मक्के की बुवाई 3.92 लाख हेक्टेयर में की है। ये आधिकारिक आंकड़े प्रदेश के कृषि विभाग से मिले हैं। आंकड़ों के अनुसार, बिहार में चालू खरीफ सीजन में 92,000 हेक्टेयर में दलहन फसलों की बुवाई हुई है जबकि तिलहनों की बुवाई 80,000 हेक्टेयर में हुई है। प्रदेश के करीब 16 जिलों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं।बिहार के दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, गोपालगंज, सारण, सीवान, शिवहर, खगड़िया, भागलपुर, सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, पुर्णिया समेत करीब 20 जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जहां फसलों को भी नुकसान हुआ है।

बाढ़ में फंस गई कार

ओडिशा के कई जिलों में बाढ़

ओडिशा के कई राज्यों में नदियां उफान पर हैं। भद्रक में भारी बारिश के बाद बैतरणी नदी में जलस्तर खतरे के स्तर को पार करने वाला है। गांवों में पानी घुसने से फसलें पानी में डूब गई हैं और लोगों के घर भी पानी से लबालब हो गए हैं। दूसरी तरफ मयूरभंज जिले के निचले इलाकों में भी जमकर पानी घुसा है। कई नदियों के पुल भी पानी में डूबने की कगार पर हैं।

​भूस्खलन के चलते बंद हुआ जम्मू-श्रीनगर हाइवे

भारी बारिश के बाद भूस्खलन होने से जम्मू-श्रीनगर हाईवे पिछले दो दिनों से बंद है। इसके चलते करीब एक हजार वाहन इस हाई वे पर फंसे हुए हैं। मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि शुक्रवार तक जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कई हिस्सों में बारिश होती रहेगी। श्रीनगर में मौसम विभाग के डायरेक्टर ने आईएएनएस को बताया कि अगले 24 से 26 घंटे में और ज्यादा बारिश होने की संभावना है। बारिश से भूस्खलन होने की भी संभावना है। बता दें कि कश्मीर घाटी के लिए जम्मू-श्रीनगर हाईवे एक लाइफलाइन की तरह है।



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