आर्मी में अब नहीं रुकेगी जेसीओ और जवानों की एक तिहाई तनख्वाह, मिली बड़ी राहत

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नई दिल्ली
इंडियन आर्मी में हजारों जवानों और जेसीओ को डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स (डीएमए) ने राहत दी है। अब जवानों और जेसीओ की एक तिहाई तनख्वाह नहीं रुकेगी। पहले 10 महीने तक कोई रिपोर्ट न होने पर उनकी एक तिहाई तनख्वाह रुकनी शुरू हो जाती थी और फिर शिकायतों के बाद लंबे वक्त में वह तनख्वाह वापस मिल पाती थी। डीएमए ने अब साफ कर दिया है कि इस तरह तनख्वाह रोकना गलत है और अब नवंबर के बाद इस तरह कोई करता है तो इसे निर्देशों का उल्लंघन माना जाएगा।

रुक जाती थी तनख्वाह
आर्मी में जवानों और जेसीओ को एक पार्ट-2 ऑर्डर भरना होता है। अगर किसी की शादी हुई है, किसी की मौत हुई है, छुट्टी पर गया है, छुट्टी से वापस आया है, कहीं दूसरी जगह पोस्टिंग हुई या प्रमोशन हुआ है तो यह सब पार्ट-2 ऑर्डर में भरना होता है। जो जवान या जेसीओ 10 महीने तक पार्ट-2 ऑर्डर नहीं भरते थे तो उनकी एक तिहाई तनख्वाह रोकनी शुरू हो जाती थी।

नहीं भरना होता पार्ट-2
आर्मी के एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक इस तरह का कोई नियम नहीं है और तनख्वाह काटना रोकना है लेकिन यह लंबे वक्त से चला आ रहा था। अब डीएमए ने इस गड़बड़ी को दूर किया है। उन्होंने कहा कि कई बार जवान 10 महीने से ज्यादा वक्त से एक ही जगह पर पोस्टिंग पर रहते हैं और न छुट्टी पर जाते हैं। ऐसी कोई वजह नहीं होती कि उन्हें पार्ट-2 ऑर्डर भरना पड़े। उन्होंने कहा कि अगर मौजूदा हालात देखें तो जो जवान लाइन ऑफ ऐक्चुअल कंट्रोल में ईस्टर्न लद्दाख में तैनात हैं, वह अपनी ड्यूटी करेंगे या फिर पार्ट-2 ऑर्डर भरेंगे।

नवंबर से हो गया लागू
तनख्वाह गलत तरीके से रोकी जा रही थी जिसे डीएमए के अधिकारियों ने पकड़ा। डीएमए की तरफ से सीजीडीए (कंट्रोलर जनरल ऑफ डिफेंस अकाउंट) को निर्देश दिए गए हैं कि इस तरह तनख्वाह रोकने पर तुरंत रोक लगे। नवंबर से ये लागू हो गया है। डीएमए ने यह भी कहा कि तनख्वाह रोकने जैसे कदम उठाने की बजाय रिपोर्टिंग सिस्टम को मजबूत किया जाए।



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