इजरायल की रिमोट कंट्रोल्ड किलर गन Smash 2000 को खरीदेगा भारत, चीन-पाक के ड्रोन का बनेगा काल

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चीन और पाकिस्तान से बढ़ते खतरों को देखते हुए भारत अपने दोस्त इजरायल से घातक रिमोट कंट्रोल्ड किलर गन को खरीदने जा रहा है। स्मैश 2000 नाम के इस किलर गन को शुरुआती तौर पर सीमित संख्या में ही खरीदा जाएगा। यह एंटी-ड्रोन हथियार कंप्यूटराइज्ड फायर कंट्रोल और इलेक्ट्रो-ऑप्टिक साइट प्रणाली जैसे आधुनिक तकनीकी से लैस है। इसे किसी भी रायफल के ऊपर आसानी से फिट किया जा सकता है। कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि इसी हथियार की मदद से इजरायल ने हाल में ही ईरानी परमाणु वैज्ञानिक डॉ मोहसिन फखरीजादेह की हत्या की थी। हालांकि, इसकी दोनों देशों में से किसी ने भी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

नौसेना चीफ करमबीर सिंह ने किया था ऐलान

चार दिसंबर को नौसेना दिवस के अवसर पर नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह ने इस बात की घोषणा की थी कि ड्रोन हमलों से निपटने के लिए नौसेना इस तरह के स्मैश-2000 सिस्टम खरीद रही है। माना जा रहा है कि अगले साल के शुरूआत से नौसेना को इस स्मैश-2000 फायर कंट्रोल सिस्टम की डिलीवरी शुरू हो जाएगी। यह हथियार करीब 120 मीटर उंचाई तक उड़ रहे ड्रोन को मार गिराने में सक्षम है।

इस तकनीकी से दूर से फायर की जा सकेगी गन

इजरायली कंपनी स्मार्ट शूटर ने जुलाई में SMASH प्रोडक्ट से जुड़ी SMASH Hopper गन को विकसित किया था। इस गन को लाइट रिमोट कंट्रोल्ड वेपन स्टेशन (LRCWS) के नाम से भी जाना जाता है। यह सिस्टम SMASH 2000 कम्प्यूटरीकृत गनसाइट और दूर से नियंत्रित किए जाने वाले माउंट से मिलकर बना है। जिसे किसी ट्रायपॉड, जमीन या किसी गाड़ी के ऊपर लगाया जा सकता है।

लक्ष्य को ढूंढकर खुद लॉक कर लेती है यह गन

SMASH 2000 गनसाइट को किसी ऑटोमेटिक गनमाउंट की जरूरत नहीं होती है। यह अपने आप ही लक्ष्य को ढूंढकर उसे लॉक कर लेता है। जिसके बाद दूर बैठा ऑपरेटर को जब लगता है कि अब फायर करने से लक्ष्य को ज्यादा नुकसान होता, तब वह रिमोट कंट्रोल के जरिए फायर कर सकता है।

आधुनिक तकनीकी वाले ड्रोन खरीद रहे आतंकी

हाल में आई एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में काउंटर टेररिज्म से जुड़े अधिकारियों ने बताया था कि आतंकवादी समूह और आईएसआई छोटे पैमाने पर हथियारों की तस्करी करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे थे। लेकिन, हाल के दिनों में उन्होंने ड्रोन के आधुनिक वर्जन को खरीदा है। ये ड्रोन एक बार में बडी मात्रा में हथियारों को लेकर जाने में सक्षम हैं।

पंजाब बार्डर से हो रही हथियारों की तस्करी

कि जम्मू कश्मीर में एलओसी पर ऊंचे पहाड़ों और भारी बर्फबारी के कारण आतंकवादियों के लिए घुसपैठ करना आसान नहीं है। ऐसी स्थिति में कई ऐसी रिपोर्ट्स आईं हैं जिसमें कहा गया है कि आतंकी संगठन ड्रोन की मदद से पंजाब बॉर्डर के जरिए हथियारों की तस्करी कर रहे हैं। जिससे कश्मीर घाटी में उनकी आतंकी वारदातें जारी रहें। सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक राकेश अस्थाना ने मंगलवार को बल के स्थापना दिवस समारोह में चुनौती को लेकर संकेत दिया था। 20 जून को जम्मू के कठुआ सेक्टर में हथियारों और गोला-बारूद के साथ एक ड्रोन को बीएसएफ ने मार गिराया था। बीएसएफ ने कहा कि पश्चिमी सीमा पर ड्रोन घुसपैठ का मुकाबला करने के लिए तकनीकी समाधान खोजने के लिए भी काम किया जा रहा है।



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