इजरायल के दुश्मन हिजबुल्लाह ने यूरोप में छिपाया वही विस्फोटक जिसने बेरूत धमाके में ली थी 200 की जान: US

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वॉशिंगटन
पिछले महीने लेबनान की राजधानी बेरूत में हुए विस्फोट ने करीब 200 लोगों की जान ले ली थी। यह धमाका अमोनियम नाइट्रेट की वजह से हुआ था। अब अमेरिका की सरकार ने दावा किया है कि इजरायल के दुश्मन हिजबुल्लाह ने पूरे यूरोप में इसी विस्फोटक को स्टोर करके रखा है। बेल्जियम, फ्रांस, ग्रीस, इटली, स्पेन और स्विजरलैंड में 2012 से इसे पहुंचाया गया है। इसके साथ ही अमेरिका ने यूरोप पर इस ईरान-समर्थित समूह को बैन करने का दबाव बनाया है।

‘आतंकी हमले करने के लिए छिपाया’
आतंकवाद विरोधी अधिकारी नेथन सेल्स ने बताया है कि हिजबुल्लाह फर्स्ट-एड किट्स के कोल्ड पैक में इसे छिपाकर तस्करी कर रहा है। अमेरिका की सरकार ने यूरोप से इसे बैन करने के लिए कहा है जबकि ब्रसेल्स इसके राजनीतिक और सैन्य धड़ों को अलग-अलग तरीके से देखता है। सेल्स ने कहा कि हिजबुल्लाह ने यूरोप में ये विस्फोटक इसलिए जमा कर रखा है ताकि जहां ईरान चाहे, वहां इसकी मदद से आतंकी हमलों को अंजाम दिया जा सके।

मिला है फ्रांस का समर्थन
गौरतलब है कि हिजबुल्लाह के चुने हुए प्रतिनिधि लेबनान की सरकारों में हिस्सा रहे हैं। लेबनान की सरकार को 4 अगस्त को बेरूत में हुए धमाकों के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। वहीं, ब्रिटेन और जर्मनी जैसे देशों ने इसे गैरकानूनी करार दे रखा है। हालांकि, फ्रांस ने हिजबुल्लाह के राजनीतिक धड़े को सही माना है। फ्रांस बेरूत में दोबोरा पुनर्निर्माण में भी मदद कर रहा है।

सेल्स का कहना है कि हिजबुल्लाह के सैन्य और राजनीतिक धड़ों को अलग-अलग करके नहीं देखा जा सकता है। उन्होंने दावा किया है कि पूरी तरह से बैन नहीं करने पर ग्रुप फंडिंग कर सकता है। उन्होंने कहा कि यह एक ही संगठन है और यह आतंकी संगठन है। शिया संगठन हिजबुल्ला को ईरान का समर्थन मिला है।

एक महीने बाद फिर दहका बेरूत पोर्ट, आग की लपटों के बाद धुएं का गुबार

फाइल फोटो

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