ऑस्ट्रेलिया के हाइपरसोनिक मिसाइल प्लान पर भड़का चीनी मीडिया, कहा- लेजर गन से उड़ा देंगे

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पेइचिंग
चीन और ऑस्ट्रेलिया के बीच जारी तनाव अब गंभीर रूप लेता दिखाई दे रहा है। प्रशांत महासागर में चीन की बढ़ती घुसपैठ को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया ने जंगी तैयारियों को बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। चीनी युद्धपोतों के आक्रामक रवैये के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका मिलकर हाइपरसोनिक एंटीशिप क्रूज मिसाइल विकसित करने की योजना पर काम कर रहे हैं। इसी बात को लेकर चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने ऑस्ट्रेलिया को धमकी दी है।

मिसाइल बनाकर चीन के लिए खतरा बन जाएगा ऑस्ट्रेलिया
ग्लोबल टाइम्स ने अपने संपादकीय में लिखा है कि चीन का ऑस्ट्रेलिया को सैन्य दुश्मन बनाने का कोई इरादा नहीं है। लेकिन, अमेरिका के साथ मिसाइल विकसित करने का नवीनतम कदम ऑस्ट्रेलिया को चीन के लिए संभावित खतरा बना सकता है। इतना ही नहीं चीन के प्रोपगेंडा अखबार ने शेखी बघारते हुए कहा कि हमारी लेजर गन ऐसे किसी भी खतरे से निपटने में सक्षम हैं।

चीन-रूस से निपटने के लिए हाइपरसोनिक हथियार बनाएगा ऑस्ट्रेलिया
बता दें कि ऑस्ट्र्लिया की रक्षा मंत्री लिंडा रेनॉल्ड्स ने मंगलवार को कहा था कि ऑस्ट्रेलिया, चीन और रूस का मुकाबला करने के लिए अमेरिका के साथ संयुक्त रूप से हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल विकसित करेगा। उन्होंने कहा कि हम ऑस्ट्रेलियाई सेना को हमारे हितों के खिलाफ आक्रामकता को रोकने के लिए और अधिक विकल्प देने के लिए उन्नत क्षमताओं में निवेश करना जारी रखेंगे।

ऑस्ट्रेलिया ने मिसाइल विकसित करने के लिए जारी किया बजट
ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्री ने हालांकि मिसाइलों को विकसित करने की लागत का खुलासा नहीं किया। उन्होंने यह भी नहीं बताया है कि यह प्रोजक्ट कब से शुरू होगा। ऑस्ट्रेलिया ने इस वर्ष अपने बजट में हाइपरसोनिक हथियारों को विकसित करने के लिए 6.8 बिलियन डॉलर की राशि का प्रावधान किया है। जुलाई में जारी 2020 डिफेंस स्ट्रैटेजिक अपडेट एंड 2020 फोर्स स्ट्रक्चर प्लान में भी रक्षा विभाग ने कहा कि वह हाइपरसोनिक हथियारों को विकसित करने में बड़ा निवेश करेगा।

चीन ने कहा- हमारा इरादा ऑस्ट्रेलिया को सैन्य दुश्मन बनाने का नहीं
शी जिनपिंग की पिट्ठू मीडिया ने धमकी देते हुए कहा कि गर ऑस्ट्रेलिया चीन को उकसाना चाहता है, तो चीन भी अपना बचाव करने के लिए तैयार है। हालांकि, हमारा इरादा ऑस्ट्रेलिया को अपना सैन्य दुश्मन बनाने का नहीं है। ग्लोबल टाइम्स ने चीन के विश्लेषकों के हवाले से लिखा किअगर ऑस्ट्रेलिया अमेरिका के प्रभाव में हाइपरसोनिक मिसाइलों जैसे आक्रामक हथियारों का विकास करता है और उसे तैनात करता है, तो यह हमारे लिए खतरनाक होगा।

ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका पर कार्रवाई की दी धमकी
चीनी सैन्य विशेषज्ञ और टीवी कमेंटेटर सोंग झोंगपिंग ने कहा कि हाइपरसोनिक हथियार हर देश के राष्ट्रीय रक्षा के लिए एक चुनौती है। अगर ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका सफलतापूर्वक ऐसे हथियार विकसित करते हैं, तो चीन और रूस निश्चित रूप से जवाबी कार्रवाई करेंगे। हाइपरसोनिक मिसाइलें दुनिया भर में मौजूदा मिसाइल रक्षा प्रणालियों के लिए काफी हद तक पकड़ के बाहर की चीज हैं। चीन की DF-17 मिसाइल भी हाइपरसोनिक स्पीड से उड़ती है।

चीनी एक्सपर्ट बोले- लेजर गन से तबाह करेंगे हाइपरसोनिक मिसाइल
सोंग झोंगपिंग ने दावा किया कि चीन डॉयरेक्ट एनर्जी वेपन को विकसित कर रहा है। यह एक एक लेजर हथियार है। जो उच्च तकनीकी पर आधारित होती हैं। उन्होंने दावा किया कि यह हाइपरसोनिक मिसाइलों को मार गिराने में कारगर हैं। हालांकि, अभी तक उनके इस दावे को लेकर किसी भी देश ने कोई ट्रायल नहीं किया है।



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