ओली के प्रिय चीन ने बंद किया बार्डर, जरूरी सामानों के लिए फिर तरसेगा नेपाल

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काठमांडू
प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के प्रिय चीन ने जनवरी से ही दो बॉर्डर चेकपोस्ट को बंद किया हुआ है। इस कारण पिछले 8-9 महीनों से चीन के रास्ते नेपाल आने वाले जरूरी उपकरणों, दवा, मशीनरी सहित कई सामान बॉर्डर पर फंसे हुए हैं। भारत से रिश्तों में आए तनाव के कारण नेपाल ने जरूरी वस्तुओं के आयात के लिए चीन की मदद मांगी थी। लेकिन, ओली को यह नहीं पता था कि उनका दोस्त चीन ऐन मौके पर धोखा दे देगा। अब नेपाल में जरूरी वस्तुओं की किल्लत होने का अंदेशा जताया जा रहा है।

संक्रमण का बहाना बनाकर चीन ने बंद किया बॉर्डर
चीन और नेपाल ने द्विपक्षीय व्यापार के लिए रासुवागढ़ी-केरूंग और ततोपानी-खासा में बॉर्डर चेकपोस्ट का निर्माण किया था। इस रास्ते से नेपाल में दवाईयां, आवश्यक खाद्य पदार्थ और जरूरी साजो सामान की सप्लाई होती है। चीन ने कोरोना वायरस के संक्रमण का बहाना बनाकर जनवरी से ही इन दोनों चेकपोस्ट को बंद कर दिया है। नेपाल सरकार के बार-बार अनुरोध के बावजूद चीन इन रास्तों को खोलने पर राजी नहीं है।

नेपाल में हो सकती है जरूरी वस्तुओं की किल्लत
नेपाली वेबसाइट माईरिपब्लिका की एक रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल में चीन के अघोषित बंदी के कारण आवश्यक वस्तुओं की कमी हो गई है। सिंगति हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से जुड़े चीनी उपकरण पिछले 8 महीनों से बॉर्ड चेकपोस्ट पर फंसे हुए हैं। इस कारण परियोजना के निर्माण में भी देरी हो रही है, जबकि लागत दिनों दिन बढ़ता जा रहा है।

नेपाली सरकार की नहीं सुन रहा चीन
चीन के व्यापारियों ने सरकार से अनुरोध किया है कि वे चीन से बात कर इन चेक पोस्ट को जल्द से जल्द खुलवाएं। नेपाल राष्ट्रीय उद्यमी महासंघ के अनुसार, माल लदे 1,000 से अधिक ट्रक केवल केरूंग में अटके हुए हैं। वहीं, उद्योग, वाणिज्य और आपूर्ति मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, चीन स बार-बार अनुरोध किए जाने के बावजूद कोई जवाब नहीं आया है।


नेपाल में कोरोना के कहर के कारण चीन ने बंद किया बॉर्डर
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि नेपाल में कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लचर तरीकों को देखते हुए चीनी अधिकारियों ने सीमा को खोलने का मुद्दा टाल दिया है। बता दें कि नेपाल में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, नेपाल में अबतक 59573 लोग संक्रमित पाए गए हैं, जिनमें से 383 लोगों की मौत हो गई है। कम संख्या में कोरोना वायरस टेस्टिंग के कारण नेपाल में संक्रमण के वास्तविक स्थिति का भी पता नहीं चल पा रहा है।

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