कंगना और उद्धव के बीच छिड़े संग्राम में बालासाहेब की क्यों हो गई एंट्री?

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हाइलाइट्स:

  • अभिनेत्री कंगना रनौत का मुंबई स्थित दफ्तर में बीएमसी की कार्रवाई के बाद बढ़ा बवाल
  • कंगना ने सीधे सीएम उद्धव ठाकरे पर साधा निशाना
  • इस बीच, सोशल मीडिया पर आज बालासाहेब ठाकरे भी लगातार ट्रेंड कर रहे हैं

नई दिल्ली
कंगना और उद्धव ठाकरे के बीच छिड़े संग्राम में गुरुवार को बालासाहेब ठाकरे की भी एंट्री हो गई है। ट्विटर पर #BalasahebThackeray लगातार ट्रेंड कर रहा है। दरअसल कंगना ने एक ट्वीट में बालासाहेब के अच्छे कर्मों’का जिक्र करते हुए उद्धव पर सबसे तीखा तंज किया है। इस हैशटैग के साथ लोग लगातार सवाल कर रहे हैं कि अगर बालासाहेब जीवित हो तो भी क्या शिवसेना का यही रुख होता।

दरअसल, बीएमसी ने बुधवार को मुंबई के पाली हिल में अभिनेत्री कंगना रनौत का दफ्तर और घर में अवैध कब्जा की बात करते हुए तोड़फोड़ की थी। बीएमसी के इस कार्य का राज्य सरकार में शिवसेना की सहयोगी कांग्रेस और एनसीपी ने विरोध किया। शिवसेना के मुख्य प्रवक्ता संजय राउत ने इसे बदले की कार्रवाई नहीं बताया लेकिन उद्धव के सहयोगी दल उनके किनारे करते हुए नजर आए। इस बीच, कंगना ने लगातार उद्धव ठाकरे पर हमलावर रुख अपना रखी हैं। इसी क्रम में आज कंगना ने एक ट्वीट किया, ‘तुम्हारे पिताजी के अच्छे कर्म तुम्हें दौलत तो दे सकते हैं मगर सम्मान तुम्हें खुद कमाना पड़ता है, मेरा मुंह बंद करोगे मगर मेरी आवाज मेरे बाद सौ फिर लाखों में गूंजेगी, कितने मुंह बंद करोगे? कितनी आवाजें दबाओगे? कब तक सच्चाई से भागोगे तुम कुछ नहीं हों सिर्फ वंशवाद का एक नमूना हो।’

सोशल मीडिया पर सवाल, बालासाहेब होते तो क्या ऐसा होता?

इस ट्वीट पर सोशल मीडिया पर लोग यह सवाल पूछ रहे हैं कि क्या अगर बालासाहेब जिंदा होते तो क्या उस समय भी ऐसा ही होता। कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि शिवसेना फिर से पुराने रास्ते पर चल पड़ी है। बता दें कि एक पुराने इंटरव्‍यू बालासाहब ठाकरे एनसीपी के साथ कभी हाथ नहीं मिलाने की बात कर रहे हैं। वह कहते हैं कि जिस आदमी ने अटल जी की सरकार को नीचे गिराया, वह उसके साथ हाथ कैसे मिला सकते हैं। बाला साहब आगे कहते हैं कि वह सस्‍ती राजनीति के लिए एनसीपी और शरद पवार से कभी हाथ नहीं मिलाएंगे। वहीं उन्होंने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को विदेशी मूल का बताते हुए उनका विरोध किया था। लेकिन अब वहीं एनसीपी और कांग्रेस के साथ राज्य में शिवसेना की सरकार की है और उद्धव सीएम।

सोशल मीडिया पर बादल सिंह राजपूत नामक एक यूजर्स ने लिखा है कि शिवसेना नाम बालासाहेब ठाकरे ने चुना था लेकिन अब उन्हीं के बेटे बालासाहेब के मूल्यों के साथ खेल रहे हैं।

एक अन्य यूजर्स हरिकेश श्रीवास्तव ने लिखा है कि आज अगर बालासाहेब जिंदा होते तो कंगना के साथ जो हुआ वह नहीं हुआ होता।

मोहित पाटिल नामक एक अन्य यूजर ने लिखा है कि आप केवल कल्पना करिए आज की स्थिति में बालासाहेब होते। काश ये होते आज।

एक अन्य यूजर का ट्वीट

एक अन्य यूजर का ट्वीट

फाइल फोटो

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