कब मिलेगी ऑक्सफर्ड-एस्‍ट्राजेनेका की कोरोना वायरस वैक्सीन? ब्रिटेन ने बताया समय

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हाइलाइट्स:

  • कोरोना वायरस वैक्सीन बनाने की रेस में सबसे आगे है एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी
  • ब्रिटेन के वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा- क्रिसमस के बाद तैयार हो जाएगी हमारी वैक्सीन
  • अगले साल की शुरुआत से ब्रिटेन में कोरोना संक्रमितों को दी जाएगी वैक्सीन की डोज

लंदन
दुनियाभर में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए कई देश वैक्सीन बनाने की कोशिश कर रहे हैं। कोरोना वायरस वैक्सीन बना रहे सभी प्रमुख उम्मीदवारों में ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी और एस्‍ट्राजेनेका को सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा है। ब्रिटेन और भारत समेत दुनिया के कई देशों में इस वैक्सीन का क्लिनिकल ट्रायल जारी है। इस बीच ब्रिटेन के एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी ने इस वैक्सीन के तैयारी को लेकर एक बड़ी जानकारी दी है।

दिसंबर में क्रिसमस के बाद इस्तेमाल को होगा तैयार
ब्रिटेन के वरिष्ठ मेडिकल प्रमुखों में शामिल एक विशेषज्ञ ने संकेत दिया है कि देश में कोविड-19 का टीका इस्तेमाल के लिए नए साल की शुरुआत में तैयार होने की उम्मीद है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इंग्लैंड के उप प्रमुख चिकित्सा अधिकारी एवं कोरोना वायरस वैश्विक महामारी को लेकर सरकार के सलाहकारों में शामिल जोनाथन वान टाम ने सांसदों को बताया कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में एस्‍ट्राजेनेका द्वारा बनाया जा रहा टीका दिसंबर में क्रिसमस के बाद इस्तेमाल के लिए तैयार हो सकता है।

भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के साथ करार
भारत में इसका सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के साथ करार है। द संडे टाइम्स ने बताया कि वान टाम ने पिछले सप्ताह सांसदों को जानकारी दी कि हम इससे प्रकाश वर्षों तक दूर नहीं है। यह कतई अवास्तविक बात नहीं है कि हम क्रिसमस के तत्काल बाद टीका इस्तेमाल के लिए तैयार कर सकते हैं। इससे अस्पताल में भर्ती होने वाले लोगों और उनकी मौत की संख्या पर काफी असर पड़ेगा।

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ब्रिटेन की कोरोना वैक्सीन पर पूरी दुनिया की निगाह
वान टाम के साथ एक अन्य बैठक में भाग लेने वाले एक सांसद ने बताया कि चिकित्सा विशेषज्ञ एस्ट्राजेनेका के तीसरे चरण के परिणाम को लेकर बहुत आशावान हैं। उन्हें इसके परिणाम इस महीने या अगले महीने के अंत तक आ जाने की उम्मीद है। वान टाम का बयान ऐसे समय में आया है, जब ब्रिटेन सरकार ने शुक्रवार को नया कानून पेश किया जिसमें कोविड-19 के संभावित टीके को लगाने की बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मियों को अनुमति दी गई। स्वास्थ्य एवं सामाजिक देखभाल विभाग ने बताया कि नए कदम संभावित टीके तक लोगों की पहुंच बढ़ाने में मदद करेंगे।

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