कश्‍मीर में नागोर्नो-काराबाख दोहराने की तैयारी में पाकिस्‍तान, तुर्की भेज रहा सीरियाई हत्‍यारे

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आर्मीनिया के नागोर्नो-काराबाख में कत्‍लेआम मचाने के बाद अब तुर्की और उसका ‘धार्मिक गुलाम’ बन चुका पाकिस्‍तान कश्‍मीर में भी इसी को दोहराने की खतरनाक साजिश रच रहे हैं। तुर्की ने सीरियाई नैशनल आर्मी के खुंखार आतंकवादियों को इकट्ठा किया है और उसे उत्‍तरी सीरियाई इलाके में प्रशिक्षण दे रहा है। ये जेहादी आतंकी अब तुर्की के अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर भाड़े के सिपाही बन गए हैं। लीबिया, अजरबैजान, आर्मीनिया, यमन और दक्षिणी कुर्दिस्‍तान में खूनी खेल खेलने के बाद अब तुर्की के ये हत्‍यारे पाकिस्‍तान की मदद करने जा रहे हैं। कुर्दिश मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक किराए के ये हत्‍यारे अब कश्‍मीर जाने की तैयारी कर रहे हैं ताकि भारतीय सैनिकों के खिलाफ जंग लड़ी जा सके।

आतंकी बोला, नार्गोनो-काराबाख की तरह है कश्‍मीर

कुर्दिश मीडिया वेबसाइट एएनएफ न्‍यूज के मुताबिक नागोर्नो-काराबाख तुर्की के विस्‍तार का लक्ष्‍य था। वहीं जम्‍मू-कश्‍मीर में इस्‍लामिक शासन की स्‍थापना खलीफा बनने की तमन्‍ना रखने वाले तुर्की के राष्‍ट्रपति रेचप तैयप एर्दोगन की मंशा है। एएनएफ न्‍यूज ने कहा कि सीरियाई नैशनल आर्मी के ‘सुलेमान शाह ब्रिगेड’ के कमांडर मुहम्‍मद अबू अमशा ने पांच दिन पहले सीरिया में ऐलान किया था कि तुर्की चाहता है कि मिल‍िशिया को कश्‍मीर भेजा जाए। आतंकी अमशा ने कहा कि तुर्की के अधिकारी उससे और अन्‍य कमांडरों से चाहते हैं कि वे ऐसे वॉल‍ंटियर्स की लिस्‍ट तैयार करें जो कश्‍मीर जाना चाहते हैं। कश्‍मीर जाने के लिए जो लोग तैयार होंगे उन्‍हें शुरू में दो हजार डॉलर दिया जाएगा। कमांडर ने अपने गिरोह से कहा कि कश्मीर भी उतना ही पहाड़ी इलाका है जितना आर्मीनिया का नार्गोनो-काराबाख है।

​नागोर्नो की तरह से कश्‍मीर पर कब्‍जे की तैयारी में पाक!

सूत्रों ने बताया कि कश्‍मीर में खूनी खेल खेलने के लिए इसी तरह की आतंकियों की भर्ती सीरिया के अन्‍य जगहों जैसे अजाज, जराब्‍लुस, बाब और इदल‍िब में हो रही हैं। इन हत्‍यारों को गुप्‍त तरीके से देश के बाहर पहुंचाया जाएगा। एएनएफ ने कहा कि पाकिस्‍तान भी नागोर्नो-काराबाख की तरह से कश्‍मीर में हमले की तैयारी कर रहा है। पाकिस्‍तान के इस नापाक साजिश में मदद के लिए अब उसका आका तुर्की किराए के सीरियाई हत्‍यारे भेजने की तैयारी कर रहा है। तुर्की इन हत्‍यारों को ऐसे समय पर भेज रहा है जब भारत और पाकिस्‍तान के बीच तनाव चरम पर है। गत 13 नवंबर को भारतीय सेना ने जोरदार कार्रवाई करते हुए पीओके में आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था। इससे पहले तुर्की और पाकिस्‍तान दोनों ने ही अजरबैजान का साथ देते हुए आर्मीनिया पर हमले के लिए भाड़े के हत्‍यारे वहां भेजे थे। खुद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रो ने इसकी पुष्टि की थी।

​पाकिस्‍तान और तुर्की के बीच बढ़ रही दोस्‍ती, भारत के लिए खतरा

हाल के दिनों में पाकिस्‍तान और तुर्की के बीच दोस्‍ती काफी बढ़ गई है। पाकिस्‍तान और तुर्की ने पिछले दिनों मोहम्‍मद साहब के विवादित कार्टून को लेकर फ्रांस पर एक साथ हमला बोला था। वर्ष 2019 में तुर्की, मलेशिया और पाकिस्‍तान ने ‘इस्‍लामोफोबिया के खिलाफ वैश्विक संघर्ष’ के लिए एक संयुक्‍त टीवी चैनल लॉन्‍च करने का फैसला किया था। तुर्की और पाकिस्‍तान के बीच आर्थिक सहयोग भी लगातार बढ़ रहा है। पाकिस्‍तान तुर्की से कई आधुनिक हथियार और रेडॉर खरीद रहा है। तुकी चाहता है कि अब पाकिस्‍तान और बांग्‍लादेश तुर्की के कब्‍जे वाले उत्‍तरी साइप्रस के हिस्‍से को मान्‍यता दें। तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तैयप एर्दोगन का पाकिस्तान प्रेम किसी से छिपा हुआ नहीं है। एर्दोगन कई बार संयुक्त राष्ट्र के मंच से भी कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान का समर्थन कर चुके हैं।

​कश्मीर पर पाकिस्तान का समर्थन करता है तुर्की

तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन मुस्लिम दुनिया का सबसे बड़ा नेता या खलीफा बनने की कोशिश में हैं। सऊदी अरब के इस्लामिक वर्ल्ड पर प्रभुत्व को चुनौती देने के लिए राष्ट्रपति एर्दोगन ऐसे कदम उठा रहे हैं ताकि खुद को मुसलमानों का संरक्षक साबित कर सकें। ग्रीस की न्यूज वेबसाइट Pentapostagma के पत्रकार एंड्रियास माउंटजौरौली के मुताबिक एर्दोगन यहां तक कि कश्मीर मुद्दे में भारत को धमकी भी दे रहे हैं। उन्होंने लिखा कि तुर्की लंबे समय से भूमध्य सागर क्षेत्र में ग्रीस, साइप्रस और इजिप्ट के खिलाफ आक्रामक तैयारियों में जुटा है। ग्रीस के पत्रकार ने दावा किया है कि तुर्की और पाकिस्तान आपस में रक्षा सहयोग को बढ़ाकर दूसरे देशों की जमीन लूटना चाहते हैं। हाल में ही शील्ड ऑफ मेडेटेरियन युद्धाभ्यास के दौरान पाकिस्तानी लड़ाकू विमान तुर्की पहुंचे थे। राष्ट्रपति एर्दोगन पाकिस्तान की सहायता से ग्रीस की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास करना चाहते हैं। इसलिए ही वह कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान की सहायता के लिए आतंकी गुटों को भेजने की योजना बना रहे हैं।



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