किसान आंदोलन के अनदेखे रंग: हाइवे के पास खेती शुरू, वीडियो चैट पर पोते का हाल लेते हैं किसान दादा

Spread the love


किसान आंदोलन अभी लंबा चलेगा। केंद्र सरकार का प्रस्‍ताव खारिज करने के बाद किसान संगठनों ने आंदोलन को देशव्‍यापी रूप देने की तैयारी की है। 15वें दिन में पहुंच चुका आंदोलन आने वाले दिनों में दिल्‍ली में रहने वालों की मुश्किलें और बढ़ा सकता है। अधिकतर बॉर्डर्स पहले से ही बंद हैं, आंदोलन ने जोर पकड़ा तो सभी बॉर्डर सील किए जा सकते हैं। किसानों ने तो चेतावनी दी कि वे दिल्‍ली के भीतर की सड़कें भी जाम करेंगे। सिंघु, टिकरी, गाजीपुर समेत दिल्‍ली से सटे बॉर्डर्स पर किसानों की भीड़ बढ़ रही है। लंबी लड़ाई की तैयारी करके आए किसान अपने आंदोलन को किस तरह आगे बढ़ा रहे हैं, आइए देखते हैं।

हाइवे पर ही किसानों ने शुरू कर दी है खेती

किसान दिल्‍ली से लगी सीमाओं पर हाइवे जाम करके बैठे हैं। दिनभर धरना-प्रदर्शन के बीच वक्‍त और खाली जगह मिलने पर खेती भी शुरू हो गई है। हाइवे के किनारे पड़ी जमीन पर रोपाई शुरू हो गई है। भले ही फसल बोने की यह कवायद सांकेतिक हो, मगर किसान इसके जरिए दिखाना चाहते हैं कि वे जहां भी रहेंगे, अन्‍न उपजाना जारी रखेंगे।

दादा आंदोलन में, पोते की याद आती है तो करते हैं वीडियो कॉल

आंदोलन में कई बुजुर्ग किसान शामिल हैं। वे अपने परिवार से मोबाइल फोन के जरिए जुड़े हुए हैं। वीडियो कॉल्‍स एक प्रमुख जरिया बन गई हैं अपनों से जुड़े रहने का। तस्‍वीरे में एक आंदोलनरत किसान अपने पोते से वीडियो चैट करता नजर आ रहा है।

टिकरी बॉर्डर पर डटे हुए हैं सैकड़ों किसान

दिल्‍ली और हरियाणा के बीच टिकरी बॉर्डर किसान आंदोलन की एक प्रमुख जगह है। यहां हजारों की संख्‍या में किसान मौजूद हैं। गुरुवार सुबह कोहरा ज्‍यादा था लेकिन इससे किसानों के तेवर नहीं बदले। वे सुबह से ही आवाज बुलंद करने लगे हैं।

दिल्‍ली आना-जाना अब हो जाएगा और मुश्किल

केंद्र के साथ बातचीत फेल होने के बाद किसानों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। इसका सीधा असर दिल्‍ली पर पड़ेगा। किसान संगठनों ने कहा है कि दिल्‍ली के सभी रास्‍ते ब्‍लॉक करने की कोशिश होगी। 12 दिसंबर तक दिल्‍ली-जयपुर और दिल्‍ली-आगरा हाइवे भी जाम करने की चेतावनी दी जा चुकी है। ऐहतियातन दिल्‍ली आने-जाने वाले अधिकतर रास्‍ते बंद हैं। अगर आंदोलन ने रफ्तार पकड़ी तो सभी बॉर्डर बंद किए जा सकते हैं।



Source link

Previous Article
Next Article

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *