कुलभूषण जाधव पर फंसी पाकिस्‍तान की इमरान सरकार, नवाज शरीफ पर निकाली भड़ास

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हाइलाइट्स:

  • कुलभूषण जाधव को लेकर पाकिस्‍तान में अब आरोप-प्रत्‍यारोप का दौर शुरू हो गया है
  • शाह महमूद कुरैशी ने आरोप लगाया है कि नवाज शरीफ सरकार ने लापरवाही बरती
  • कुरैशी ने सफाई दी कि कोर्ट में भारत की चाल को नाकाम करने के लिए आया बिल

इस्‍लामाबाद
भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को लेकर अंतरराष्‍ट्रीय न्‍यायालय में फंसे पाकिस्‍तान में अब इस पूरे मामले को लेकर आरोप-प्रत्‍यारोप का दौर शुरू हो गया है। पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने आरोप लगाया है कि देश के पूर्ववर्ती नवाज शरीफ सरकार ने कुलभूषण जाधव मामले को लेकर लापरवाही बरती। संसद में कुलभूषण जाधव को लेकर बिल पास करने पर घिरे कुरैशी ने सफाई दी कि अंतरराष्‍ट्रीय कोर्ट में भारत की चाल को नाकाम करने के लिए ऐसा किया जा रहा है।

कुरैशी ने कहा, ‘यह पीएमएल एन (नवाज शरीफ की पार्टी) है जिसने कुलभूषण जाधव मामले में लापरवाही बरती।’ उन्‍होंने कहा कि जिन कदमों को हमारी सरकार ने उठाया है, उसे अंतरराष्‍ट्रीय अदालत के आदेशों और सिफारिशों को लागू करने के लिए किया गया है। इससे पहले विपक्ष ने कुलभूषण जाधव पर बिल पेश करने के दौरान जमकर हंगामा किया था। उसने आरोप लगाया था कि इमरान सरकार कुलभूषण मामले को ठीक से संभालने में फेल साबित हुई है।

भारतीय बंदी कुलभूषण जाधव को बड़ी राहत
पाकिस्‍तानी विदेश मंत्री ने कहा कि भारत अंतरराष्‍ट्रीय न्‍यायालय में पाकिस्‍तान को फंसाना चाहता है, इसलिए हमें यह बिल पेश करना पड़ा है। इससे पहले पाकिस्‍तान में मौत की सजा का सामना कर रहे भारतीय बंदी कुलभूषण जाधव को बड़ी राहत मिल गई थी। अंतरराष्‍ट्रीय न्‍यायालय के दबाव के आगे झुकते हुए पाकिस्‍तान की संसद के निचले सदन नैशनल असेंबली ने कुलभूषण जाधव को उच्‍च अदालतों में अपील करने की मंजूरी देने वाले बिल को अपनी स्‍वीकृति दे दी।

सैन्‍य अदालत की ओर से मौत की सजा का सामना कर रहे कुलभूषण जाधव को अपील करने का अधिकार नहीं था। इस पर अंतरराष्‍ट्रीय न्‍यायालय ने पाकिस्‍तान को लताड़ लगाई थी। इस बिल में अंतरराष्‍ट्रीय न्‍यायालय के फैसले के अनुरूप मौत की सजा की समीक्षा करने और पुर्नविचार करने के ज्‍यादा अधिकार दिए गए हैं। जानकारों का कहना है कि कुलभूषण जाधव के पाकिस्‍तान की उच्‍च अदालतों में अपील करने पर उनके भारत वापस भेजे जाने की संभावना बन सकती है। पाकिस्‍तान का दावा है कि कुलभूषण जाधव को वर्ष 2016 में बलूचिस्‍तान से पकड़ा गया था और उसे जासूसी के आरोप में उसी साल एक सैन्‍य अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी। भारत ने पाकिस्‍तान के इस दावे को खारिज किया है और कहा कि कुलभूषण जाधव को ईरान के चाबहार पोर्ट से किडनैप किया गया।



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