केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर लगाया आरोप, कहा-मुझे किसानों के समर्थन में निकलने से रोका गया

Spread the love


नई दिल्ली
भारत बंद के दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को नजरबंद किए जाने का आरोप लगाते हुए आप कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के कुछ घंटे बाद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा केंद्र सरकार ने पूरी कोशिश की कि वह प्रदर्शनकारी किसानों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए नहीं जा पाएं। इससे पहले आम आदमी पार्टी (आप) ने आरोप लगाया था कि सिंघू बॉर्डर पर केन्द्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों से मिलने के बाद से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिल्ली पुलिस ने घर में नजरबंद कर दिया है।

आप संयोजक ने अपने आवास के बाहर कई घंटे तक चले नाटकीय घटनाक्रम के बाद बाहर आकर पार्टी सदस्यों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, ‘‘अगर मुझे नहीं रोका जाता, तो मैं गया होता और भारत बंद में किसानों का साथ दिया होता। मुझे खुशी है कि भारत बंद सफल रहा। मैंने अंदर बैठकर प्रदर्शन कर रहे किसानों के लिए प्रार्थना की।’’ केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने हरसंभव प्रयास किया कि वह बाहर नहीं निकल सकें। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘उन्होंने पूरी कोशिश की कि मैं बाहर नहीं निकल सकूं। अगर उन्होंने मुझे नहीं रोका होता तो मैं प्रदर्शनकारी किसानों के समर्थन के लिए गया होता। मुझे उम्मीद है कि केंद्र सरकार किसानों की मांग पर सहमत होगी और एमएसपी पर कानून बनाएगी ताकि उन्हें और परेशानी नहीं उठानी पड़े।’’

केजरीवाल ने कहा, ‘‘हम पर स्टेडियमों को अस्थायी जेलों के तौर पर इस्तेमाल करने की अनुमति देने के लिए बहुत दबाव बनाया गया, लेकिन हमने अनुमति नहीं दी और मुझे लगता है कि इससे आंदोलन को मदद मिली। लेकिन तब से केंद्र बहुत नाराज है।’’ मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से कहा, ‘‘मैं सेवादारों के रूप में किसानों की सेवा करने के लिए आप सभी को बधाई देता हूं।’’ इससे पहले उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि उन्हें केजरीवाल के आवास में जाने नहीं दिया गया। बाद में आप नेता ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया।

इससे पहले आप के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने एक संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने केजरीवाल को उनके आवास पर नजरबंद कर दिया है। हालांकि, विशेष पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) उत्तर जोन, सतीश गोलचा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में हालात शांतिपूर्ण हैं। पुलिस उपायुक्त (उत्तर) एंटो अल्फोंस ने भी केजरीवाल के आवास के प्रवेश द्वार की तस्वीर साझा की और सभी आरोपों को खारिज किया।

केजरीवाल के आवास के बाहर संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सिसोदिया ने दावा किया कि उन्हें और कई पार्टी विधायकों को मुख्यमंत्री से मुलाकात की अनुमति नहीं दी गयी। विपक्षी भाजपा और कांग्रेस ने केजरीवाल की तथाकथित नजरबंदी को ‘राजनीतिक चालबाजी’ करार दिया। दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता नवीन कुमार ने कहा कि आप पार्टी झूठ और धोखेबाजी की राजनीति में लिप्त है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘कल मुख्यमंत्री केजरीवाल सिंघू बॉर्डर गये थे और वह शाम को एक पार्टी में भी गये। यह रहा वीडियो। वे घर में आराम को नजरबंदी कह रहे हैं।’’ दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष अनिल चौधरी ने कहा, ‘‘यह चालबाजी है। जब उनकी सरकार ने नये कृषि कानून को अधिसूचित किया है तो वह भारत बंद का समर्थन कैसे कर सकते हैं? उन्हें अपने आवास से निकलने से पहले अमित शाह की अनुमति का इंतजार करना होगा।’’



Source link

Previous Article
Next Article

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *