कोरोना: महीनों की मेहनत पर पानी फेर सकती है जरा सी लापरवाही, यूं ही नहीं पीएम मोदी ने जोड़े हाथ

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हाइलाइट्स:

  • भारत में कोरोना मामले 76 लाख के पार, 67.95 लाख मरीज हो चुके हैं ठीक
  • पिछले 24 घंटों में 717 मरीजों की मौत के साथ कुल मृतक करीब 1.16 लाख
  • कोविड के 7.40 लाख केस अब भी ऐक्टिव, लगातार आ रही इनमें कमी
  • केस फैटलिटी रेट गिरकर 1.51 फीसदी, रिकवरी रेट 89 पर्सेंट के पास

नई दिल्‍ली
कोरोना वायरस के सक्रिय मामलों में लगातार गिरावट देखी जा रही है। पिछले दो दिन से ऐक्टिव केस 7.5 लाख से कम रहे हैं। इस दौरान केस फैटलिटी रेशियो (CFR) भी 1.51 प्रतिशत तक गिर गया है। इसका मतलब यह कि कोरोना से मौतों की दर घटी है। यही नहीं, देश के 14 राज्‍य/केंद्रशासित प्रदेश ऐसे हैं जहां CFR 1% से भी कम है। ठीक होने वाले मरीजों की संख्‍या 68 लाख का आंकड़ा छूने वाली है। रिकवरी रेट 88.81 पर्सेंट हो गया है। ठंड की आमद से पहले यह राहत भरी बात है लेकिन खतरा बिल्‍कुल भी टला नहीं है।

ऐक्टिव मामले बयां कर रहे महामारी की तस्‍वीर
केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के अनुसार, देश में 7,40,090 ऐक्टिव केस हैं। इनमें से 78% मामले 10 राज्‍यों में सीमित हैं। महाराष्‍ट्र में 8,000 से ज्यादा नए केस हैं। कर्नाटक और केरल में भी 5-5 हजार से ज्‍यादा मामले सामने आए हैं। भारत का रिकवरी रेट 25 मार्च को लॉकडाउन लगने के बाद से लगातार बेहतर हो रहा है। 30 सितंबर को रिकवरी रेट जहां 83.33 पर्सेंट था, वहीं अब यह 88.81% हो गया है।

17 सितंबर के बाद से लगातार कम हो रहे ऐक्टिव केस।

ऑक्सिजन सपोर्ट पर मरीजों की संख्‍या भी हुई कम
मंगलवार को संक्रमण के मामलों में मामूली गिरावट दर्ज करने के बाद बुधवार को पिछले दिन के मुकाबले 7,254 अधिक मामले सामने आए। महाराष्ट्र सबसे ज्‍यादा प्रभावित राज्य है, जहां संक्रमण के कुल 16,09,516 मामले दर्ज किए गए हैं, इसमें 42,453 मौतें भी शामिल हैं। इसके बाद आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और दिल्ली हैं। मंत्रालय के अनुसार, कोविड-19 के ऑक्सीजन सपोर्ट पर रह रहे मामलों में सितंबर के आखिरी सप्ताह से गिरावट दर्ज की गई है।

अभी टला नहीं है खतरा: एक्‍सपर्ट्स
सरकार से लेकर स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञ बार-बार कह रहे हैं कि कम होते केसेज का मतलब यह नहीं कि महामारी काबू में है। अभी सावधानी बरतना बंद नहीं कर सकते। केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय सर्दियों और त्‍योहारों को लेकर जागरूकता अभियान चला रहा है। एक्‍सपर्ट्स ने आशंका जताई है कि ठंड के मौसम में कोरोना संक्रमण के मामले अचानक बढ़ सकते हैं। इसके अलावा त्‍योहारों पर भीड़-भाड़ की संभावना को देखते हुए भी कोरोना केसेज में विस्‍फोट का डर है। पिछले दिनों महाराष्‍ट्र और केरल में त्‍योहारों के बाद अचानक मामले बढ़े थे। अगर लापरवाही बरती गई तो देश में कोरोना की सेकेंड वेव देखने को मिल सकती है।

खुद पीएम मोदी ने हाथ जोड़कर की अपील
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का खतरा समझते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता से मुखातिब हुए। मंगलवार शाम को राष्‍ट्र के नाम संदेश में मोदी ने देशवासियों से आगामी त्‍योहारों के दौरान और अधिक सावधानी बरतने की अपील की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘लॉकडाउन भले चला गया है, लेकिन वायरस नहीं गया है।’ उन्‍होंने कहा, “त्योहारों के मौसम में बाजारों में भी रौनक धीरे-धीरे लौट रही है। लेकिन हमें ये भूलना नहीं है कि लॉकडाउन भले चला गया हो, वायरस नहीं गया है।” पीएम ने कहा, “बीते सात से आठ महीने में प्रत्येक भारतीय के प्रयास से जिस संभली हुई स्थिति में हैं, हमें उसे बिगड़ने नहीं देना है, और अधिक सुधारना है।”



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