कोरोना वैक्‍सीन की जरूरत है भी या….? पूछने वाले को स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री हर्षवर्धन ने दिया यह जवाब

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Coronavirus vaccine news: केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि कोरोना की वैक्‍सीन तैयार करने में सारी सावधानियों का पालन किया जा रहा है। उन्‍होंने कहा कि इसी वजह से वैक्‍सीन लॉन्चिंग की कोई तय तारीख नहीं दी जा सकती।

नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

<p>संडे संवाद कार्यक्रम में केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री।<br></p>

हाइलाइट्स

  • संडे संवाद में स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने दिया कोरोना वैक्‍सीन से जुड़े सवालों के जवाब
  • बार-बार वैक्‍सीन आने की नई तारीखों पर कहा- हमनें आधिकारिक बयान में कोई डेट नहीं दी
  • प्राइवेट पार्टनरशिप पर सवाल उठाने वालों को भी हर्षवर्धन ने दिया जवाब, बताया क्‍यों है जरूरी
  • सरकार वैक्‍सीन के सेफ्टी और प्रभावी होने पर दे रही जोर, केंद्रीय मंत्री ने दी जानकारी

नई दिल्‍ली

भारत सरकार कोविड-19 के टीके को लेकर कोई झूठा ऐलान नहीं कर रही है। केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने रविवार को यह बात कही। वह ‘संडे संवाद’ कार्यक्रम में एक सवाल का जवाब दे रहे थे। केंद्रीय मंत्री से पूछा गया था कि ‘वैक्‍सीन को लेकर सरकार ने पहले 15 अगस्‍त की तारीख दी, फिर कहा कि 2020 के आखिर तक आएगी। क्‍या सरकार ये घोषणाएं केवल लोगों को लुभाने के लिए कर रही है?’ हषवर्धन ने कहा क‍ि वैक्‍सीन डेवलपमेंट में बहुत समय लगता है। उन्‍होंने साफ किया कि वैक्‍सीन की उपलब्‍धता को लेकर कोई आधिकारिक तारीख नहीं दी गई है।

क्‍या बिल गेट्स का एजेंडा बढ़ा रही सरकार?
एक अन्‍य शख्‍स ने पूछा कि क्‍या सरकार कोविड-19 का टीका लगवाने के लिए मजबूर कर बिल गेट्स का एजेंडा बढ़ा रही है। इस शख्‍स ने सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (SII) के बिल गेट्स फाउंडेशन से टाईअप करने पर सवाल उठाए। उसने कहा कि ‘हमारे यहां मृत्‍यु-दर इतनी कम है तो क्‍या सरकार को वाकई वैक्‍सीन की जरूरत है या वह केवल बिल गेट्स का एजेंडा बढ़ा रही है?’ जवाब में हर्षवर्धन ने कहा कि ‘प्रभावी वैक्‍सीन ही किसी बीमारी को रोकने का सबसे कारगर जरिया है।’ उन्‍होंने कहा कि इसी वजह से न सिर्फ भारत, बल्कि दुनियाभर में सरकारी और प्राइवेट साझेदारियां हुई हैं ताकि वैक्‍सीन जल्‍द मिल सके।

  

  • वैक्‍सीन से ज्‍यादा असरदार है ये कॉकटेल

    ‘साइंस’ जर्नल में छपी रिसर्च के अनुसार, रिसर्चर्स ने बंदरों पर REGN-COV का टेस्‍ट किया। उनमें कोविड-19 के हल्‍के लक्षण देखने को मिले। जबकि सुनहरे चूहों में लक्षण ज्‍यादा गंभीर थे। पता चला कि जब बंदरों को वायरस के संपर्क में लाने से तीन दिन पहले कॉकटेल दिया गया तो इलाज में इन्‍फेक्‍शन को पनपने ही नहीं दिया गया। साइंटिस्‍ट्स के अनुसार, ‘यह नतीजे अभी तक जानवरों पर हुए वैक्‍सीन के नतीजों के बराबर या अच्‍छे हैं।’

  • वैक्‍सीन से ज्‍यादा असरदार है ये कॉकटेल

    रिसर्चर्स ने स्‍टडी में कहा कि इससे कोविड इन्‍फेक्‍शन से बचाव और इलाज, दोनों संभव है। जब बंदरों को इन्‍फेक्‍शन के एक दिन बाद यह कॉकटेल दिया गया तो उनका वायरल क्लियरेंस उन बंदरों से तेज था जिन्‍हें कॉकटेल नहीं मिला था। चूहों को इन्‍फेक्‍शन से दो दिन पहले रीजेनेरॉन का ऐंटीबॉडी कॉकटेल देने पर ‘वजन में कमी’ की दिक्‍कत दूर हो गई। स्‍टडी में रिसर्चर्स ने कहा, ‘हमारे डेटा इस बात का सबूत है कि REGN-COV2 पर आधारित इलाज से कोविड-19 बीमारी की रोकथाम और इलाज में फायदा मिल सकता है।’

  • वैक्‍सीन से ज्‍यादा असरदार है ये कॉकटेल

    REGN-COV2 में दो ऐंटीबॉडीज का ‘कॉकटेल’ है। इन्हें नए कोरोना वायरस के उस हिस्‍से को रोकने के लिए बनाया गया है जिसके जरिए वो इंसानी कोशिका में प्रवेश करता है। ये ऐंटीबॉडीज अपने आप को वायरस के ‘स्‍पाइक प्रोटीन’ के अलग-अलग हिस्‍सों से जोड़ लेती हैं। इससे उनका स्‍ट्रक्‍चर बदल जाता है।

  • वैक्‍सीन से ज्‍यादा असरदार है ये कॉकटेल

    वैक्‍सीन शरीर को खुद ऐंटीबॉडीज बनाना सिखाती हैं। साइंटिस्‍ट्स रिकवर हो चुके मरीजों के खून से लिए गए कॉन्‍वलसेंट प्‍लाज्‍मा में निकाली गईं रेडीमेड ऐंटीबॉडीज पर भी रिसर्च कर रहे हैं। हालांकि इसे बड़े पैमाने पर इलाज के लिए इस्‍तेमाल नहीं किया जा सकता। ऐंटीबॉडीज का यह कॉकटेल ड्रिप के जरिए दिया जाता है। रीजेनेरॉन के कॉकटेल में रिकवर हुए मरीजों के प्‍लाज्‍मा से निकाली गईं दो सबसे अच्‍छी ऐंटीबॉडीज हैं।



वैक्‍सीन देने को लेकर क्‍यों हो रही इतनी तैयारी?
इसी कार्यक्रम में हर्षवर्धन से पूछा गया कि जब कोई वैक्‍सीन अप्रूव ही नहीं हुई है तो तैयारियां क्‍यों की जा रही हैं? क्‍या ऐसा केवल लोगों को झूठी उम्‍मीद देने के लिए किया किया गया है? इसपर हर्षवर्धन ने कहा क‍ि ‘इसकी संभावना है कि वैक्‍सीन सीमित मात्रा में सप्‍लाई होगी।’ उन्‍होंने कहा कि भारत जैसे बड़े देश में प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण की तैयारी करना जरूरी है, न कि एक लाइन से सबको टीका लगाना। हर्षवर्धन ने कहा क‍ि कोल्‍ड चैन और इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर से जुड़ी अन्‍य चीजें इसलिए सुनिश्चित की जा रही हैं ताकि जब उनकी जरूरत पड़े तो कोई दिक्‍कत न आए।

हर्षवर्धन के संसदीय क्षेत्र के लोगों को मिलेगी प्राथमिकता?
केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री से रोशन सिंह ने सवाल किया कि क्‍या उनके संसदीय क्षेत्र के लोगों को वैक्‍सीन में प्राथमिकता दी जाएगी? इसपर उन्‍होंने जवाब दिया कि वे केवल उनके सांसद ही नहीं, देश के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री भी हैं। हर्षवर्धन ने कहा, “जब स्‍वास्‍थ्‍य का सवाल हो तो मैं साफ कर दूं कि सरकार इसके लिए एक पारदर्शी नीति बना रही है।” उन्‍होंने कहा, ‘जिस इस वैक्‍सीन की जरूरत पहले होगी, उसे यह वैक्‍सीन पहले मिलेगी चाहे वह मेरे संसदीय क्षेत्र का हो या नहीं।’

 

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Web Title coronavirus vaccine really needed or not health minister harsh vardhan answers

(News in Hindi from Navbharat Times , TIL Network)

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