कोरोना वैक्‍सीन बनाएगी मुकेश अंबानी की कंपनी, रेस में कौन आगे? जानिए लेटेस्‍ट अपडेट

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कोविड-19 का टीका (Covid-19 vaccine) खोजने में अब भारत की छह कंपनियां लग गई हैं। इस लिस्‍ट में ताजा नाम है रिलांयस लाइफ साइंसेज का। यह देश की उन छह दवा कंपनियों में शामिल हो गई है जिन्‍हें कोरोना वायरस के खिलाफ वैक्‍सीन डेवलप करने का रेगुलेटरी अप्रूवल मिला है। भारत बायोटेक, सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया, जायडस कैडिला जैसी कंपनियां भी वैक्‍सीन डेवलप/ट्रायल कर रही हैं। सरकार को उम्‍मीद है कि अगले साल की पहली तिमाही तक कोई दो वैक्सीन तैयार हो जाएंगी। वहीं, WHO चीफ डॉ टेड्रोस एडनॉम गेब्रियेसस ने उम्‍मीद जताई है कि वैक्‍सीन इसी साल के आखिर तक मिल सकती है। उन्‍होंने कहा क‍ि हमें अपनी सारी ऊर्जा वायरस से लड़ने में लगानी चाहिए।

ग्‍लोबल वैक्‍सीन रेस में कौन आगे?

दुनियाभर में कोरोना की 160 से ज्‍यादा वैक्‍सीन डेवलप हो रही हैं। जिन वैक्‍सीन से सबसे ज्‍यादा उम्‍मीद है, वो कुछ इस प्रकार हैं।

  • ऑक्‍सफर्ड-अस्‍त्राजेनका की वैक्‍सीन- फेज 2/3 ट्रायल में
  • मॉडर्ना की वैक्‍सीन – फेज 3 ट्रायल में
  • फाइजर की वैक्‍सीन – फेज 2/3 ट्रायल में
  • साइनोफार्म, साइनोवैक और कैनसिनो बायोलॉजिक्‍स की वैक्‍सीन (चीन) – फेज 3 ट्रायल

भारत में डेवलप हो रहीं वैक्‍सीन

  • कोविशील्‍ड (ऑक्‍सफर्ड-अस्‍त्राजेनेका) – फेज 2 ट्रायल
  • कोवैक्सिन – फेज 2 ट्रायल
  • जायकोव-डी- फेज 2 ट्रायल

अगले साल इंसानों पर ट्रायल शुरू करेगी रिलायंस

कोरोना वायरस वैक्‍सीन की रेस में एक और नाम जुड़ गया है। रिलायंस लाइफ साइंसेज (RLS) का। मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्‍ट्रीज लिमिटेड (RIL) के स्‍वामित्‍व वाली यह कपंनी एक कोविड वैक्‍सीन डेवलप कर रही है। इसी महीने से वैक्‍सीन की जानवरों पर प्री-क्लिनिकल स्‍टडीज शुरू हो जाएगी। रिलायंस ने जो वैक्‍सीन बनाई है, वह रीकॉम्बिनेंट प्रोटीन बेस्‍ड कोविड वैक्‍सीन है। इस 2021 की पहली तिमाही में इंसानों पर ट्रायल की स्‍टेज में पहुंचने की संभावना है। कोविड-19 के दौर में कंपनी ने टेस्‍ट किट्स से लेकर लैबोरेटरी तक ऑपरेट की है। अब कंपनी वैक्‍सीन डेवलपमेंट, मैनुफैक्‍चरिंग और डिस्‍ट्रीब्‍यूशन तक की फील्‍ड में उतरना चाहती है।

2020 के आखिर तक आ जाएगी वैक्‍सीन: WHO

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WHO चीफ ने जिनेवा कहा है कि इस साल के अंत तक कोरोना वायरस की एक प्रमाणिक वैक्सीन तैयार हो सकती है। WHO के कार्यकारी बोर्ड की बैठक में कहा कि हमें वैक्सीन की जरूरत होगी और आशा है कि इस वर्ष के अंत तक हमारे पास एक वैक्सीन हो सकती है। उन्होंने वैक्सीन के उपलब्ध होने पर समान वितरण सुनिश्चित करने के लिए सभी नेताओं के बीच एकजुटता और राजनीतिक प्रतिबद्धता का आह्वान किया। पढ़ें पूरी खबर

अपनी वैक्‍सीन के लिए WHO को पटा रहा चीन

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चीन ने कोरोना की कई वैक्‍सीन बनाई हैं। अब वह चाहता है कि WHO इसे दुनियाभर को देने में उसकी मदद करे। चीन में हजारों लोगों को टीके दिए गए हैं, मगर किसी भी वैक्‍सीन का क्लिनिकल ट्रायल पूरा नहीं हुआ है। इस वजह से वैक्‍सीन सेफ है या नहीं, इसे लेकर एक्‍सपर्ट्स चिंता जता रहे हैं। एक धड़ा यह भी कह रहा है कि चूंकि कोरोना चीन से ही फैला इसलिए देश उससे वैक्‍सीन खरीदने में हिचकेंगे। अगर WHO उसकी वैक्‍सीन को प्रमोट करेगा तो चीनी कंपनियों को तगड़ा मुनाफा हो सकता है।

WHO से नाराज अमेरिका ने उठाया बड़ा कदम

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अमेरिका अब ग्‍लोबल लेवल पर कोरोना वायरस वैक्‍सीन डेवलप और डिस्‍ट्रीब्‍यूट करने की कोशिश COVAX से बाहर हो गया है। वाइट हाउस ने मंगलवार को कहा है कि उसने वर्ल्‍ड हेल्‍थ ऑर्गनाइजेशन के इस पहल से जुड़े होने की वजह से यह फैसला किया है। बयान में कहा गया, ‘अमेरिका अंतरराष्‍ट्रीय सहयोगियों से वायरस को हराने की कोशिश जारी रखेगा लेकिन हम भ्रष्‍ट WHO और चीन के प्रभाव वाली बहुपक्षीय संस्‍थाओं के काबू में नहीं रहेंगे।”



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