कोरोना संकट: न्‍यूजीलैंड की पीएम ने हासिल की प्रचंड जीत, कुर्सी बचाने के लिए जूझ रहे डोनाल्‍ड ट्रंप

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हाइलाइट्स:

  • दुनिया के दो लोकतांत्रिक देशों अमेरिका और न्‍यूजीलैंड ने एक बड़ा उदाहरण पेश किया है
  • एक तरफ ट्रंप सत्‍ता बचाने के लिए जूझ रहे हैं, वहीं न्‍यूजीलैंड की पीएम ने जोरदार जीत दर्ज की
  • प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न ने प्रचंड बहुमत हासिल कर दुनिया के समक्ष उदाहरण पेश किया

ऑकलैंड/वॉशिंगटन
कोरोना महामारी के इस दौर में दुनिया के दो लोकतांत्रिक देशों अमेरिका और न्‍यूजीलैंड ने विश्‍वभर के नेताओं के समक्ष एक बड़ा उदाहरण पेश किया है। एक तरफ विश्‍व के सबसे शक्तिशाली देश के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप कोरोना महमारी को रोकने में बुरी तरह असफल रहने के बाद अब सत्‍ता बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं न्‍यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न ने प्रचंड बहुमत हासिल कर शानदार उदाहरण पेश किया है।

न्यूजीलैंड की पीएम जेसिंडा अर्डर्न ने अपने दूसरे कार्यकाल के लिये आम चुनाव में शनिवार को शानदार जीत दर्ज की। वह विश्व की दूसरी ऐसा नेता हैं, जिन्होंने इस संवैधानिक पद पर रहने के दौरान 2017 में एक बच्चे को जन्म दिया था और पूरी दुनिया में कामकाजी माताओं के लिये ‘रोल मॉडल’ बन गईं। कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने की सफल कोशिशें करने को लेकर भी इस साल की शुरूआत में उनकी लोकप्रियता का ग्राफ ऊपर चढ़ गया था।

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दूसरी बार कोरोना वायरस पर जीत हासिल की
करीब 50 लाख की आबादी वाले इस देश ने दूसरी बार कोरोना वायरस पर जीत हासिल की है। 40 वर्षीय जेसिंडा की लिबरल लेबर पार्टी ने कुल मतों में अब तक 49 प्रतिशत मत हासिल किये हैं, जबकि प्रमुख प्रतिद्वंद्वी एवं कंजरवेटिव नैशनल पार्टी को सिर्फ 26.8 प्रतिशत मत ही प्राप्त हुए हैं। लिबरल लेबर पार्टी संसद में काफी समय से प्रचंड बहुमत हासिल करना चाहती थी, जो देश में 24 साल पहले आनुपातिक मतदान प्रणाली लागू होने के बाद से नहीं हुआ था।

इससे पहले सरकार बनाने के लिये विभिन्न दलों को गठबंधन करना पड़ता था लेकिन इस बार जेसिंडा और उनकी पार्टी अपने बूते सरकार बनाएगी। यहां एक विजयी भाषण में हजारों की संख्या में समर्थकों के समक्ष जेसिंडा ने कहा कि उनकी पार्टी को देश वासियों से कम से कम 50 साल के इतिहास में इस बार जबरदस्त समर्थन मिला है। उन्होंने कहा, ‘यह कोई सामान्य समय नहीं है। हम ऐसे धुव्रीकृत हो जा रहे विश्व में रह रहे हैं जहां अधिक से अधिक लोगों ने दूसरों का नजरिया सुनने की क्षमता खो दी है। ’

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न्यूजीलैंड में कठोर पाबंदियों वाला लॉकडाउन लागू
इस साल मार्च के अंत में जब देश में सिर्फ 100 लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी, जब उन्होंने न्यूजीलैंड में कठोर पाबंदियों वाला लॉकडाउन लागू कर दिया। उनकी यह योजना काम कर गई और देश ने 102 दिनों तक सामुदायिक स्तर पर संक्रमण नहीं होने दिया। हालांकि, अगस्त में ऑकलैंड में कोविड-19 के नये मामले सामने आये। इसके बाद उन्होंने यहां तत्परता से दूसरा लॉकडाउन लागू किया और वायरस के नये प्रसार को रोक दिया। नये मामले सिर्फ उन लोगों में गये जो विदेशों से लौट रहे थे।

ऑकलैंड में महामारी फैलने के कारण जेसिंडा ने चुनाव को भी एक महीने के लिये टाल दिया। वर्ष 2017 के चुनाव में लेबर पार्टी के दो अन्य दलों के साथ गठजोड़ करने के बाद जेसिंडा प्रधानमंत्री बनीं थी। वहीं, नैशनल पार्टी नेता जुडिथ कोलिंस ने ऑकलैंड में अपने समर्थकों से कहा कि वह जेसिंडा को कॉल कर उन्हें शुभकामनाएं देंगी। कोलिंस वकील रह चुकी हैं। उन्होंने कोविड-19 महामारी से अर्थव्यवस्था में आई मंदी को लेकर करों में कटौती का चुनावी वादा किया था। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्‍यूजीलैंड की प्रधानमंत्री को शानदार जीत पर बधाई दी है।

बाइडेन ने अपने प्रतिद्वंदी ट्रंंप पर तगड़ी बढ़त बनाई
जेसिंडा अर्डर्न ने यह जीत ऐसे समय पर हासिल की है जब अगले महीने अमेरिका में भी चुनाव होने वाले हैं। अमेरिकी चुनाव में कोरोना महामारी को रोकने में असफल साबित हुए राष्‍ट्रपति ट्रंप को अपनी कुर्सी बचाए रखने के लिए ऐड़ी-चोटी का जोर लगाना पड़ रहा है। इसके बाद भी वह रेटिंग में जो बाइडेन से काफी चल रहे हैं। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक बाइडेन ने अपने प्रतिद्वंदी ट्रंंप पर तगड़ी बढ़त बना ली है।



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