कोरोना से जंग के बीच मिजोरम सरकार और असम राइफल्स के बीच तकरार

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नई दिल्ली
कोरोना से जंग के बीच मिजोरम में राज्य सरकार और असम राइफल्स के बीच तनातनी चल रही है और यह तनातनी गृह मंत्रालय तक पहुंच गई है। मिजोरम सरकार ने असम राइफल्स पर आरोप लगाया कि वह कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने में सहयोग नहीं कर रही जबकि असम राइफल्स की तरफ से दिए गए जवाब में कहा गया कि ऐसे कमेंट, पोस्ट या ऑर्डर निकालने से बचें जो असम राइफल्स की छवि धूमिल करते हैं और उन्हें उनकी ड्यूटी पूरी करने में सहयोग दें।

चेक पॉइंट पर सहयोग न करने का आरोप
मिजोरम के गृह विभाग की तरफ से असम राइफल्स को और गृह मंत्रालय को भेजे गए पत्र में कहा गया कि 18 अगस्त को विरांगटे बॉर्डर एंट्री पॉइंट पर असम राइफल्स के लोगों ने एंट्री और मेडिकल स्क्रीनिंग प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया और चार आर्म्ड लोगों ने पुलिस चेक पॉइंट पर ऑफिसर इंचार्ज को घेर लिया। इसमें यह भी लिखा गया कि आंकड़ों के मु्ताबिक राज्य के मिलिट्री और पैरामिलिट्री फोर्सेस स्टेशनों के बीचअसम राइफल्स कोविड के आंकड़े बढ़ाने में दूसरे नंबर पर है। इसमें लिखा है कि मिजोरम शांतिपूर्ण राज्य है और असम राइफल्स की यह हरकत स्वीकार्य नहीं है। इसमें असम राइफल्स को भविष्य में ऐसा न करने की सलाह भी दी गई।

सिक्योरिटी फोर्स को है मूवमेंट में छूट
इसका जवाब देते हुए असम राइफल्स ने लिखा है कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय की तरफ से सिक्योरिटी फोर्सेस को मूवमेंट की छूट दी गई है। यह फोर्स की ऑपरेशनल जरूरत भी है साथ ही भारत-म्यांमार बॉर्डरसहित कई उन पोस्ट पर तैनात सैनिकों के लिए आवश्यक सामान पहुंचाने के लिए जरूरी है, जो पोस्ट कटऑफ हो जाती हैं। असम राइफल्स के मुताबिक कई बार राज्य के गृह विभाग से मूवमेंट की परमिशन के लिए संपर्क किया गया लेकिन कोई साकारात्मक जवाब नहीं मिला। असम राइफल्स ने यह भी लिखा है कि पूरे राज्य में अब तक कोविड-19 के 860 मामले आए जिसमें 476 अभी एक्टिव केस हैं। असम राइफल्स में 101 केस आए जिसमें अभी 48 एक्टिव हैं। इन एक्टिव केस में से सिर्फ तीन का इलाज जोरम मेडिकल कॉलेज में चल रहा है जबकि बाकी 45 का इलाज असम राइफल्स की कोविड केयर फैसिलिटी में चल रहा है और असम राइफल्स कर्मी स्टेट मेडिकल फैसिलिटी पर बोझ नहीं हैं। असम राइफल्स के केसों की वजह से आंकड़ें बढ़ने की बात भी गलत है।

शांतिपूर्ण राज्य बनाम इललीगल ट्रेड
मिजोरम के मुख्य सचिव की तरफ से भी असम राइफल्स के बर्ताव की शिकायत करते हुए पत्र लिखा गया जिसमें लिखा है कि असम राइफल्स के अधिकारी भूल जाते हैं कि राज्य में अफ्स्पा ( सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम ) लागू नहीं है और यह शांतिपूर्ण राज्य है। हालांकि सिक्योरिटी फोर्सेस के लोग इललीगल ट्रेड के आंकड़ों के जरिए बताते हैं कि किस तरह राज्य में भी इललीगल ट्रेड फैला हुआ है और असम राइफल्स लगातार उसे खत्म करने का काम कर रहा है। एक अधिकारी ने बताया कि इसी साल 1 अगस्त को ही 11 करोड़ रुपये की कीमत का गोल्ड रिकवर किया गया और 7 अगस्त को 10.5 करोड़ रुपये कीमत की ड्रग्स सीज की गई। पिछले दो सालों में राज्य में करीब 800 किलो सोना सीज किया गया। उनके मुताबिक इललीगल ट्रेड बढ़ रहा है असम राइफल्स उसे रोकने के लिए लगातार काम कर रहा है।



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