क्या BJP का CM बनने पर NDA में लौटेगी RLSP ? पढ़ें बिहार चुनाव पर उपेंद्र कुशवाहा का पहला इंटरव्यू

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हाइलाइट्स:

  • जीतन राम मांझी के जाने से महागठबंधन को नुकसान तो है, लेकिन नुकसान की भरपाई बहुत जल्द कर ली जाएगी-उपेंद्र कुशवाहा
  • मांझी जी एनडीए में शामिल होंगे या जेडीयू में अपनी पार्टी का विलय करेंगे इस विषय में मेरे पास कोई जानकारी नहीं है
  • चुनाव के समय कोई भी व्यक्ति या नेता इधर से उधर जाता है उस पर बहुत ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं
  • अगर कोई तेजस्वी यादव पर नेतृत्व क्षमता का आरोप लगा रहा है तो यह आरोप नीतीश कुमार पर भी लगता है कि उन से मंत्री तक नहीं संभल रहे-उपेंद्र कुशवाहा

पटना
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले बिहार में राजनीति के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। विपक्षी खेमे को गुरुवार को बड़ा झटका लगा है। जीतन राम मांझी ने महागठबंधन से अलग होने का फैसला लिया है। ऐसे में महागठबंधन के अहम घटक दल उपेंद्र कुशवाहा इस बारे में क्या सोचते हैं। महागठबंधन मांझी की कमी को कैसे पूरा करेगा? इन तमाम सवालों का जवाब जानने के लिए नवभारत टाइम्स.कॉम के संवाददाता नीलकमल ने राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा से बातचीत की।

सवाल : जीतन राम मांझी के महागठबंधन छोड़ने से कितना नुकसान होगा और इसकी भरपाई कैसे होगी?
उपेंद्र कुशवाहा : जीतन राम मांझी के जाने से महागठबंधन को नुकसान तो है, जब परिवार का कोई सदस्य अलग होता है तो नुकसान होता ही है। लेकिन महागठबंधन में इस नुकसान की भरपाई कर ली जाएगी। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा जीतन राम मांझी के महागठबंधन छोड़कर जाने से हुए नुकसान की भरपाई बहुत जल्द कर ली जाएगी। (हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया की नुकसान की भरपाई कैसे होगी।)

सवाल : आप के संदर्भ में जीतन राम मांझी से बात हुई होगी। उन्होंने आपको बताया कि वे महागठबंधन छोड़ वो कहां जा रहे हैं?
उपेंद्र कुशवाहा : पहले उनसे बात हुई थी, लेकिन महागठबंधन छोड़कर वह कहां जाएंगे इस संदर्भ में उन्होंने कभी कोई बात नहीं कही। मांझी जी ने महागठबंधन छोड़ दिया है अब वे एनडीए में शामिल होंगे या जेडीयू में अपनी पार्टी का विलय करेंगे इस विषय में मेरे पास कोई जानकारी नहीं है। हां, एक बार मैंने इस संदर्भ में मांझी जी से बात भी की थी तो उन्होंने कहा था कि वह कहां जाएंगे अभी तय नहीं किया है।

सवाल : जीतन राम मांझी के महागठबंधन छोड़ने के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि उपेंद्र कुशवाहा भी कोई बड़ा निर्णय ले सकते हैं।
उपेंद्र कुशवाहा : कयास लगाने वाले कयास लगाते रहे, लेकिन उपेंद्र कुशवाहा और उनकी पार्टी महागठबंधन में है और आगे भी रहेंगे। हम लोग महागठबंधन को और भी मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं। बिहार की जनता नीतीश कुमार के 15 साल के कुशासन से ऊब चुकी है। अब जनता भी यह समझ चुकी है कि सिर्फ महागठबंधन ही जो उनके हितों की रक्षा कर सकती है।

सवाल : जिस तरह से आपने सम्मानजनक सीट नहीं मिलने की वजह से एनडीए का साथ छोड़ा था। क्या विधानसभा चुनाव में मन मुताबिक सीट महागठबंधन से नहीं मिलती है तो उपेंद्र कुशवाहा का क्या रुख होगा?
उपेंद्र कुशवाहा : महागठबंधन में हमारा सीट का कोई मसला नहीं है, हमारा मकसद है नीतीश कुमार से बिहार को मुक्ति दिलाना है। नीतीश कुमार ने बिहार को 15 साल में बिहार को रसातल में पहुंचा दिया कितना दिन बिहार की जनता झेलेगी नीतीश कुमार को।

सवाल : महागठंबध की सरकार बनती है तो कौन होगा मुख्यमंत्री और यह भी कहा जा रहा है कि उपेंद्र कुशवाहा डिप्टी सीएम बनेंगे?
उपेंद्र कुशवाहा : महागठबंधन की ही सरकार बनेगी और मुख्यमंत्री कौन बनेगा इसका फैसला सही वक्त पर ले लिया जाएगा। सभी घटक दल बैठकर बात करेंगे, उसके बाद मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की जाएगी। तब आप लोगों को भी जानकारी दे दी जाएगी। जहां तक मेरे डिप्टी सीएम बनने का प्रश्न है तो उपेंद्र कुशवाहा ने आज तक किसी पद के लिए राजनीति नहीं की।

सवाल : आपने एक मुहिम चलायी थी कि देश के उच्च और उच्चतम न्यायालय में 200 परिवार वालों के बच्चे ही जज बनते हैं, इसलिए आपने ज्यूडिशियरी सर्विस कमिशन बनाने की मांग की थी। इसके अलावा आपने बिहार के लिए शिक्षा नीति की 25 सूत्री कार्यक्रम चलाने की की भी बात की थी। क्या अभी भी इसपर कायम हैं?
उपेंद्र कुशवाहा : बिल्कुल सही बात है और मैं आज भी इसपर कायम हूं। बिहार के लिए हमने नीतीश कुमार को 25 सूत्री शिक्षा सुधार कार्यक्रम की सूची सौंपी थी। नीतीश जी के रहते तो नहीं हुआ अब हमारी सरकार बनने के बाद शिक्षा सुधार के लिए वह नीति लागू करेंगे। बिहार को बनाने के लिए ऐसी नीति की ही जरूरत है और हमारी सरकार बनने के बाद बिहार की जनता बदलाव और राहत महसूस करेगी। जहां तक जुडिशरी सर्विस कमीशन की बात है तो आप देखिए जितना भी फैसला सुप्रीम कोर्ट का आ रहा है उसमें आप देखेंगे कि सरकार सुप्रीम कोर्ट को भी प्रभावित कर रही है यह दिख रहा है। आरक्षण तो बिल्कुल खत्म हो चुका है, आरक्षण बिल्कुल उल्टा हो गया है। सामान्य कैटेगरी के लिए आरक्षण 50 प्रतिशत हो गया है। बाकी ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत से ज्यादा आरक्षण हो ही नहीं सकता है। सोशल जस्टिस की धज्जियां उड़ रही है, अगर ओबीसी का कोई बच्चा सामान्य वर्ग के बच्चे से ज्यादा नंबर भी ला रहा है तो उसे आरक्षण कोटे में डाल दिया जा रहा है। यह अन्याय है और बीजेपी के रहते इसमें बदलाव संभव नहीं है।

सवाल : श्याम रजक के जदयू में शामिल होने के बाद लगता है कि महागठबंधन को फायदा होगा दलित नेता और भी जुड़ेंगे महागठबंधन के साथ?
उपेंद्र कुशवाहा : अभी के समय में कोई भी किसी पार्टी से किसी दूसरी पार्टी में जाए यह होता है। चुनाव के समय ऐसा अक्सर होता है, ऐसे में कोई भी व्यक्ति या नेता इधर से उधर जाता है उस पर बहुत ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं। कोई भी किसी पार्टी से दूसरे पार्टी में जाए उससे किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि चुनाव के समय हमेशा ऐसा होता आया है।

सवाल : आरजेडी के 6 विधायक जेडीयू में शामिल हो गए क्या ऐसा लगता है कि तेजस्वी में नेतृत्व क्षमता नहीं है। लालू प्रसाद यादव के समधी भी जदयू में शामिल हो गए?
उपेंद्र कुशवाहा : नहीं नहीं ऐसा नहीं है चुनाव के समय ऐसा होता है जेडीयू से आरजेडी में भी लोग गए हैं और आरजेडी से जदयू में गए है। अगर इस आधार पर तेजस्वी यादव पर कोई आरोप लगा दें तो यह आरोप नीतीश कुमार पर भी लगता है कि उन से मंत्री तक नहीं संभल रहे। इसलिए इस पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं है, क्योंकि चुनाव के वक्त लोग इधर से उधर करते हैं और जहां तक चंद्रिका यादव की बात है यह तो पहले से ही पता था कि वह जेडीयू में शामिल हो सकते हैं।

सवाल : अब यह भी कहा जा रहा है कि लालू यादव की बहू ऐश्वर्या राय जेडीयू की टिकट पर महुआ से चुनाव लड़ सकतीं हैं। क्या लगता है कि लालू यादव का परिवार बिखर जाएगा।
उपेंद्र कुशवाहा : इसमें कहां कोई दिक्कत है ऐश्वर्या को जहां से चुनाव लड़ना है वह लड़े। अगर वह जेडीयू से भी चुनाव लड़ती है तो वह उनकी मर्जी है। संविधान में सभी को चुनाव लड़ने का हक दिया गया है। इसमें लालू यादव के परिवार बिखरने की बात कहां है। यह मामला पारिवारिक है और मामला कोर्ट में भी चल रहा है। ऐसे में इसे राजनीति से जोड़कर देखना ठीक नहीं है।

सवाल : बिहार में सरकार फिर से एनडीए की बनती है और नीतीश कुमार के बजाए बीजेपी का मुख्यमंत्री बनता है तो उपेंद्र कुशवाहा क्या वापस एनडीए में आएंगे?
उपेंद्र कुशवाहा : बीजेपी हो या जेडीयू अब सपना ना देखें बिहार में मुख्यमंत्री बनने का। बिहार में नवंबर तक की एनडीए की सरकार है। इसके बाद बिहार में महागठबंधन की सरकार बनेगी। एनडीए का अब मुख्यमंत्री बनने का सपना ही रह जाएगा।



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