चक येगर: पाकिस्तान का वह सबसे हमदर्द अमेरिकी पायलट, जो इंदिरा गांधी पर आगबबूला हो उठा था

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हाइलाइट्स:

  • 1971 की जंग में पाकिस्तान की मदद कर रहे थे अमेरिकी पायलट चक येगर
  • भारत के पायलट ने इस्लामाबाद में उड़ा दिया चक का पसंदीदा बीचक्राफ्ट
  • इंदिरा गांधी और भारतीय पायलट को चक येगर ने कभी नहीं किया माफ

नई दिल्ली
भारत और पाकिस्तान के बीच साल 1971 में हुए युद्ध को इतिहास के पन्नों में हमेशा याद रखा जाएगा। इस जंग में भारत ने पाकिस्तान को घुटने टेकने को मजबूर किया, जिसके बाद पड़ोसी मुल्क के दो टुकड़े हो गए। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) को ‘आयरन लेडी’ कहा जाने लगा। लेकिन पाकिस्तान का हमदर्द एक अमेरिकी पायलट ऐसा भी था, जिसने जंग को पर्सनल ले लिया था। नाम था चक येगर (Chuck Yeager), जिनका निधन 97 वर्ष की उम्र में सोमवार को हो गया।

भारत-पाकिस्तान युद्ध और इंदिरा गांधी के साथ संबंध से पहले इस लाजवाब पायलट के बारे में जान लीजिए। अमेरिका के लीजेंड पायलट चक येगर पहले ऐसे वायुसेना के पायलट थे, जिन्होंने हवा से भी तेज गति से विमान उड़ाने यानी कि Sound Barrier को तोड़ने का रेकॉर्ड बनाया था। साल 1947 में NASA के टेस्ट मिशन के दौरान चक ने यह कारनामा किया था।

जब तक जिंदा रहे, भारत के प्रति ठंडी नहीं पड़ी आग
चक जब तक जिंदा रहे, उनके मन में कभी भी इंदिरा गांधी और भारतीय वायुसेना के पायलट के प्रति आग ठंडी नहीं पड़ी। चक को पाकिस्तान में मिलिट्री असिस्टेंस अडवाइजरी ग्रुप (MAAG) के पद पर तैनात किया गया था। उनका काम ‘पाकिस्तानियों को बिना खुद को समाप्त किए बगैर अमेरिकी मिलिट्री उपकरणों का इस्तेमाल करना सिखाने’ का था। इस्लामाबाद में अमेरिकी उच्चायोग में रहे एडवर्ड इंग्राहम के अनुसार चक येगर का पसंदीदा विमान दो इंजन वाला बीचक्राफ्ट (Beechcraft) था।

चक के पुराने ट्विट में दिखा था भारत के प्रति रोष

चक ने भारत से लड़ाई को पर्सनली लिया
इंग्राहम के अनुसार भारत के लगातार हमले से पाकिस्तान कमजोर पड़ने लगा था। पाकिस्तान के तत्कालीन सैन्य शासक याहया खान ने वेस्टर्न फ्रंट खोलने का फैसला किया, जिसके बाद चक येगर ने लड़ाई को पर्सनली लेना शुरू कर दिया। भारत की तरफ से प्रतिक्रिया के बाद पाकिस्तानी पायलट्स ने अपने विमानों को बॉर्डर के इलाकों से दूर कर लिया। लेकिन किसी ने इस बारे में जनरल येगर को चेतावनी नहीं दी।

भारतीय पायलट ने उड़ा दिया विमान
भारत की तरफ से पहली प्रतिक्रियावादी स्ट्राइक में इस्लामाबाद एयरपोर्ट पर खड़ी दो प्लेन को निशाना बनाया गया। इनमें से एक येगर की बीचक्राफ्ट थी और दूसरी संयुक्त राष्ट्र फोर्स की सप्लाई विमान। पायलट अरुण प्रकाश ने 20 मिलीमीटर कैनन फायर से दोनों प्लेन को उड़ा डाला। पसंदीदा विमान को खोने के बाद चक आपे से बाहर हो गए और अमेरिकी उच्चायोग में उनकी चीखें गूंजने लगी।

प्लेन उड़ाने वाले अरुण प्रकाश बाद में नेवी चीफ बने

इंदिरा गांधी पर हुए आगबबूला
चक के अनुसार- अमेरिकी झंडा लगे बीचक्राफ्ट उड़ाने वाले भारतीय पायलट को ना केवल यह पता था कि वह क्या कर रहा है। बल्कि उसे प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तरफ से इस बात का स्पष्ट निर्देश भी था। चक ने बाद में इसे भारत की तरफ से अमेरिकी के प्रति की गई प्रतिक्रिया भी करार दिया। विमान उड़ाने वाले अरुण प्रकाश बाद में चलकर भारतीय नौसेना के चीफ भी बने।



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