चिराग ने उठाया था ‘सात निश्चय’ पर सवाल, नीतीश ने कर दिया इसके पार्ट-2 का एलान

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हाइलाइट्स:

  • एनडीए गठबंधन में शामिल जेडीयू-एलजेपी में नहीं थम रहा घमासान
  • चिराग पासवान ने नीतीश कुमार के ‘सात निश्चय’ कार्यक्रम पर उठाए थे सवाल
  • अब बिहार के मुख्यमंत्री ने कर दिया सात निश्चय पार्ट-2 का ऐलान
  • बिहार में चुनाव तारीखों का ऐलान, तीन फेज में होंगे चुनाव, 10 नवंबर को आएंगे नतीजे

पटना
बिहार में चुनावी समर (Bihar Elections Date Announced) का ऐलान हो चुका है, इसी के साथ सभी सियासी दल रणनीतिक तैयारी में जुट गए हैं। हालांकि, सत्ताधारी एनडीए में शामिल दो सहयोगी दल जेडीयू (JDU) और एलजेपी (LJP) के बीच तल्खी कम होने के नाम नहीं ले रही है। लोक जनशक्ति पार्टी के मुखिया चिराग पासवान (Chirag Paswan), मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) को लगातार घेरते नजर आ रहे हैं। यही नहीं उनकी पार्टी जेडीयू के खिलाफ उम्मीदवार उतारने की भी तैयारी कर रही है। दूसरी ओर नीतीश कुमार भी अब आर-पार के मूड में नजर आ रहे हैं। यही वजह है कि चिराग पासवान की ओर से प्रदेश सरकार के ‘सात निश्चय’ कार्यक्रम पर सवाल उठाए जाने के बावजूद मुख्यमंत्री (Chirag Paswan Vs Nitish kumar) ने इसके पार्ट-टू का ऐलान कर दिया है।

चिराग ने कहा था- सात निश्चय महागठबंधन की सरकार कार्यक्रम
एलजेपी अध्यक्ष चिराग पासवान ने कई मोर्चों पर सीएम नीतीश कुमार के फैसलों पर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि एलजेपी कार्यकर्ताओं के साथ सरकार का कोई संवाद ही नहीं है। यही नहीं चिराग पासवान ने पिछले दिनों कहा कि नीतीश सरकार सात निश्चय के तहत ली गई योजनाओं पर आगे बढ़ी है। सात निश्चय को महागठबंधन की सरकार के दौरान राष्‍ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के समर्थन के साथ नीतीश कुमार ने अपने काम के एजेंडे में शामिल किया था। इसमें लोक जनशक्ति पार्टी या फिर भारतीय जनता पार्टी की कोई सोच नहीं है।

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चिराग ने की थी न्यूनतम साझा कार्यक्रम की मांग
यही नहीं चिराग ने ‘सात निश्चय’ कार्यक्रम पर सवाल उठाते हुए यहां तक कहा था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आरजेडी और कांग्रेस के सहयोग से तैयार कार्यक्रम को आगे नहीं बढ़ना चाहिए। उन्होंने ये भी कहा था कि बिहार में बीजेपी-जेडीयू-एलजेपी की साझा सरकार है, तो ऐसे में न्यूनतम साझा कार्यक्रम जरूरी है। लगातार ये परंपरा रही है कि जब कोई साझा सरकार बनती है, तब उसके लिए न्यूनतम साझा कार्यक्रम तय होता है। दूसरी ओर चिराग पासवान के सवाल उठाए जाने के बावजूद नीतीश कुमार ने ‘सात निश्चय’ कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का एलान किया है।

नीतीश कुमार ने किया सात निश्चय पार्ट-2 का एलान
बिहार में चुनाव की तारीखों का ऐलान होने के बाद नीतीश कुमार ने शुक्रवार को कहा कि ये तो बिहार की जनता ही तय करेगी कि अगली सरकार किसकी बनेगी। अगर जनता का भरोसा मिला तो अगले कार्यकाल में हम बचे हुए काम भी पूरा करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने जनता से जो वादा किया और जिन योजनाओं को शुरू किया, उसको पूरा करने का काम किया है। सात निश्चय-एक के तहत कोई भी काम पेंडिंग नहीं है। जनता अगर दोबारा मौका देती है तो अगली बार हम सात निश्चय-2 को लेकर आएंगे उसे पूरा करने का काम करेंगे।

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सात निश्चय-दो कार्यक्रम पर एक नजर
1. सक्षम बिहार स्वावलंबी बिहार
2. युवा शक्ति बिहार की प्रगति: हर जिले में मेगा स्किल सेंटर बनाएंगे।
3. सशक्त महिला सक्षम महिला: इसके तहत इंटर पास करने वाली लड़की को 25 हजार और ग्रेजुएशन करने वाली लड़की को ₹50000 राज्य सरकार देगी।
4. स्वस्थ गांव समृद्ध गांव: इसमें हर गांव में स्ट्रीट लाइट लगाया जाएगा और गांव को गंदगी मुक्त किया जाएगा, पशु पालकों की मदद की जाएगी।
5. आश्रय स्थल का निर्माण: हर शहर में वृद्धजनों के लिए आश्रय स्थल बनाए जाएंगे, शहरी गरीबों के लिए बहुमंजिला आवास बनाए जाएंगे। हर शहर में विद्युत शव गृह दाह बनाया जाएगा।
6. सुलभ संपर्क पथ: नई सड़क बनाए जाएंगे, जहां जरूरत पड़ेगी वहां फ्लाईओवर का निर्माण कराया जाएगा।
7. सबके लिए स्वास्थ्य सुविधा: बिहार के लोगों के साथ साथ बिहार में पशुओं के भी स्वास्थ्य की सुविधा की व्यवस्था बिहार के हर जगह पर उपलब्ध कराई जाएगी

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नीतीश के फैसले पर क्या होगा एलजेपी का फैसला?
सात निश्चय-दो कार्यक्रम के ऐलान के साथ ही नीतीश कुमार ने आगे की रणनीति स्पष्ट कर दी है। अब देखना है कि एलजेपी मुखिया चिराग पासवान आगे क्या रणनीति अपनाते हैं? क्या पार्टी बगावती तेवरों के साथ गठबंधन में शामिल रहेगी, या फिर कोई बड़ा फैसला ले सकती है। साथ ही एलजेपी और जेडीयू में जारी घमासान के बीच बीजेपी का क्या रुख रहेगा? फिलहाल ये तो आने वाले दिनों में ही साफ हो सकता है।

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