चीनी दादागिरी के दिन होंगे खत्म, जापानी पीएम ने मोदी को दिया ‘क्वॉड’ का सुझाव

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टोक्यो
एशिया में चीन की बढ़ती दादागिरी को रोकने के लिए जापान और भारत अपने संबंधों को मजबूत कर रहे हैं। इसी सिलसिले में जापान के नवनियुक्त प्रधानमंत्री योश‍िदे सुगा ने भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी से बात की है। शुक्रवार को हुई बातचीत के दौरान पीएम मोदी और सुगा ने दोनों देशों के बीच आर्थिक और सैन्य संबंधो को और मजबूत करने पर सहमति जताई है। वहीं, पीएम सुगा ने चीन से बढ़ते खतरे को कम करने के लिए क्वॉड का सुझाव दिया है।

क्वॉड को मजबूत बनाने की तैयारी में जापान
जापानी पीएम योशिदे सुगा ने पीएम मोदी से कहा कि वे फ्री और ओपन इंडो-पैसिफिक रीजन के लिए भारत-जापान-ऑस्ट्रेलिया और यूएस के बीच सहयोग को बढ़ाना चाहते हैं। बता दें कि चीन से बढ़ते खतरों को देखते हुए इन चार देशों ने मिलकर क्वॉड को बनाने का फैसला किया है। इसके अलावा जापानी पीएम ने संयुक्त राष्ट्र में भी आपसी सहयोग को बढ़ाने को लेकर बातचीत की है।

भारतीय और जापानी आर्मी चीफ भी कर रहे बातचीत
चीन से खतरे को देखते हुए भारतीय और जापानी आर्मी चीफ भी लगातार एक दूसरे के संपर्क में हैं। 14 सितंबर को ही जापानी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल यूसा ने भारतीय सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे से बातचीत की थी। इस दौरान दोनों सेना प्रमुखों ने इंडो पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती घुसपैठ के खिलाफ आपसी सहयोग को बढ़ाने पर सहमति जताई थी।

भारत के साथ जापान ने किया बड़ा रक्षा समझौता
सितंबर में ही जापान ने भारत के साथ डिफेंस सेक्टर में लॉजिस्टिक और सर्विसेज के लिए बड़ा समझौता किया था। नई दिल्ली में हुए इस समझौते में भारत की तरफ से रक्षा सचिव अजय कुमार और जापान की तरफ से भारत में राजदूत सुजुकी सतोशी ने हिस्सा लिया। इस समझौते के तहत अब भारतीय सेना जापान से और जापानी सेना भारत से अपनी जरुरतों के सामान का आसानी से आदान-प्रदान कर सकेंगी।

जापानी रक्षा मंत्री ने चीन के खिलाफ भारत से मांगा था सहयोग
पूर्वी चीन सागर में चीनी युद्धपोतों की बढ़ती घुसपैठ से परेशान होकर जापान के रक्षा मंत्री तारो कोनो ने भारत को व्‍यापक क्षेत्रीय तंत्र बनाने का सुझाव दिया था। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री होने के नाते मैं यह कहना चाहता हूं कि चीन, जापान के लिए सुरक्षा खतरा बन गया है। जापानी रक्षा मंत्री ने कहा कि चीन के पास क्षमता भी और उसका यह इरादा भी है। उन्‍होंने कहा कि इंडो-पैसफिक क्षेत्र में भारत जापान सहयोग करें।



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