चीन ने दिया ‘दोस्त’ बांग्लादेश को तगड़ा झटका, अपनी कोरोना वैक्सीन के ट्रायल के लिए मांगा पैसा

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ढाका
बांग्लादेश ने जैसे ही अमेरिका के साथ ओपन स्काई संधि की वैसे ही चीन ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया। कुछ दिनों पहले ही चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग बांग्लादेश के साथ स्ट्रैजिक पॉर्टनरशिप को नई ऊंचाईयों तक ले जाने की बात कर रहे थे। वहीं मंगलवार को चीन की सिनोवेक कंपनी ने अपनी कोरोना वायरस वैक्सीन का ट्रायल बांग्लादेश में बंद कर दिया है।

चीनी कंपनी ने ट्रायल के लिए मांगा पैसा
चीनी कंपनी ने बांग्लादेशी अधिकारियों से कहा है कि अगर उन्हें कोरोना वैक्सीन का ट्रायल अपने देश में करना है तो उन्हें इसकी फंडिंग करनी होगी। बता दें कि दुनियाभर में इस समय कई वैक्सीन निर्माता अपने पैसों पर दूसरे देशों में फ्री में क्लिनिकल ट्रायल कर रहे हैं। खुद चीन भी कम से कम 11 देशों में अपनी कोरोना वायरस वैक्सीन का ट्रायल फ्री में कर रहा है। ऐसे में बांग्लादेश जैसे छोटे और आनुपातिक रूप से गरीब देश से पैसे मांगना चीन की एक चाल हो सकती है।

शेख हसीना तक पहुंचा मामला
स्वास्थ्य सचिव अब्दुल मन्नान ने बांग्लादेश के समाचार पत्र द डेली स्टार को बताया कि सिनोवेक कंपनी ने कहा है कि हम फिर से आपके देश में वैक्सीन का ट्रायल शुरू कर सकते हैं। लेकिन, इसके लिए आपको फंडिंग करनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि हम प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बात करने के बाद ही कोई फैसला लेंगे। उन्होंने कहा कि हम सिनोवेक पर निर्भर नहीं है। सरकार वैक्सीन विकसित होने के बाद अन्य सभी विकल्प तलाश रही है।

सिनोवेक कंपनी बांग्लादेश के साथ खेल रही गेम
मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि चीनी कंपनी सिनोवेक ने जो चिट्ठी बांग्लादेश के स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजा है उसमें फंडिंग की मात्रा को नहीं बताया है। इस कंपनी की साइट पर भी अब वैक्सीन के बांग्लादेश में ट्रायल को लेकर कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। बता दें कि सिनोवेक ने कोरोनावेक नाम से एक वैक्सीन बनाई है जिसका क्लिनिकल ट्रायल कई देशों में चल रहा है।

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बांग्लादेश के सहारे भारत को घेरने की कोशिश में चीन
चीन अपने अरबों डॉलर के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) में बांग्लादेश को शामिल करने के लि एड़ी चोटी का जोर लगा रहा है। इस परियोजना की मदद से बंगाल की खाड़ी में चीन अपनी पहुंच बनाना चाहता है। इस क्षेत्र में भारत के अंडमान निकोबार और विशाखापत्तनम सहित कई नेवल बेस और रणनीतिक ठिकाने हैं। चीन का मुख्य उद्देश बांग्लादेश को साधकर भारत को घेरने की है। वह हिंद महासागर में श्रीलंका और मालदीव को पहले ही अपने कर्ज के जाल में फंसा चुका है। नेपाल पहले से ही चीन की भाषा बोल रहा है और पाकिस्तान तो उसका सदाबहार दोस्त है ही।

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चीन ने बांग्लादेश में किया है 26 अरब डॉलर का निवेश
गौरतलब है कि चीन ने बांग्लादेश में 26 अरब डॉलर का निवेश किया है जबकि 38 अरब डॉलर निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है। इसके साथ ही बांग्लादेश उन देशों में शामिल हो गया है, जहां पर चीन ने आधारभूत संरचना में सबसे अधिक निवेश किया है। बांग्लादेश चीन से लगभग 15 बिलियन डॉलर का आयात करता है। जबकि चीन को बांग्लादेश से निर्यात किए जाने वाले वस्तुओं की कीमत आयात के मुकाबले बहुत कम है।



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