चीन ने फिर लांघी हद, अब भूटान की जमीन पर 12 किमी अंदर बसाई अपनी दूसरी बस्ती

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पेइचिंग
चीन की दूसरे देशों की जमीन कब्जाने की भूख शांत होती नहीं दिखाई दे रही है। अब ड्रैगन ने भूटान की जमीन पर बॉर्डर से 12 किलोमीटर अंदर अपनी दूसरी नागरिक बस्तियों को बसाया है। मार्च-जून 2017 में डोकलाम स्टैंडऑफ के दौरान चीन ने बड़े पैमाने पर भूटान की जमीन कब्जा करने का प्रयास किया था। लेकिन, तब भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई के कारण चीन को पीछे हटना पड़ा था। अब हाल में ली गई सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ है कि चीन ने भूटान की सीमा के अंदर सड़क और नागरिक बस्तियों का निर्माण किया है।

भारत की चिंता बढ़ी
सिलीगुड़ी कॉरिडोर के नजदीक स्थित चीन की इस बस्ती के कारण भारत की भी चिंता बढ़ गई है। भारतीय एजेंसिया और सेना भी चीन की हर चाल पर बारीकी से नजर रखे हुए है। इस कॉरिडोर को चिकन नेक के नाम से भी जाना जाता है, जो पूर्वोत्तर से शेष भारत को कनेक्ट करने का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नवीनतम सैटेलाइट तस्वीरों से यह स्पष्ट हो रहा है कि चीन ने भूटान की अमो चू नदी के साथ लगने वाली जमीन का बड़ा हिस्सा हड़प लिया है।

चीन ने तोड़ा डोकलाम समझौता
डोकलाम तनाव के दौरान भारत और चीन के बीच एक समझौता हुआ था। जिसमें दोनों पक्षों में सहमति बनी थी कि भारत दक्षिण में डोकलाम नाला और पीएलए यानी चीन पूर्व में अमो चू को पार नहीं करेगा। लेकिन, चीन ने अपना वादा तोड़ते हुए अमो चू नदी के दूसरी तरफ बस्तियों का निर्माण किया है। चीन के कब्जे वाले भूटान के शेरसिंगमा या यातुंग घाटी में बड़े पैमाने पर नागरिकों को बसाने की योजना भी बनाई जा रही है।

नदी पर चीन ने बनाया स्थायी पुल
भारत ने चीन को सख्त चेतावनी दी थी कि वे इस इलाके में कोई हरकत करने का प्रयास न करें। लेकिन, चीनी सेना ने उन सीमाओं को तोड़ते हुए भूटान की जमीन पर कब्जा जमा लिया है। इतनी ही नहीं, चीन ने अमो चू नदी पर एक पुल का निर्माण किया है। गाँव के लगभग 400 मीटर दक्षिण में स्थित पुल लगभग 40-45 मीटर लंबा और लगभग 6 मीटर चौड़ा है। कम से कम सात पियर और आठ स्पैन वाला पुल, अमो चू नदी के पूर्वी और पश्चिमी तट को जोड़ता है।



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