जिस डॉक्टर का Bhilwara model को सफल बनाने में रहा योगदान, उसके लिए अब यही बना गले की फांस, कारण बताओ नोटिस जारी

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हाइलाइट्स:

  • प्रदेश में लगातार कोरोना का बढ़ रहा है कहर
  • क़ोरोना संक्रमण रोकथाम में भीलवाड़ा मॉडल ने दिलाई प्रदेश को ख्याति
  • सीएम गहलोत से लेकर पीएम मोदी तक कर चुके हैं भीलवाड़ा मॉडल की प्रशंसा
  • भीलवाड़ा मॉडल को सफल बनाने वाले डॉक्टर मुस्ताक खान को कारण बताओ नोटिस
  • नोटिस देकर किया जा रहा है परेशान, चिकित्सकों में रोष

भीलवाड़ा
राजस्थान में कोरोना संक्रमण के दौरान जिस भीलवाड़ा मॉडल की प्रशंसा की जाती थी। उसे ही लेकर अब विवाद सामने आया है। इतना ही नहीं, इसे सफल बनाने वाले मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर मुस्ताक खान को इसे लेकर जिला परिषद की ओर से नोटिस भी थमा दिया गया है। भीलवाड़ा जिले की यह खबर सभी को चौंकाने वाली है। दरअसल भीलवाड़ा मॉडल के अहम किरदार डॉक्टर मुस्ताक खान को जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोपाल राम बिरडा ने कारण बताओ नोटिस थमाया है, जिसके जरिए उनसे तीन दिनों में जवाब मांगा गया है। साथ ही इस घटना के बाद जिले के चिकित्सकों में रोष व्याप्त है।

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नोटिस में इस बात को लेकर है विवाद
मिली जानकारी के अनुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर मुस्ताक खान को सीईओ जिला परिषद गोपाल राम ने नोटिस दिया है। इस कारण बताओ नोटिस में उनसे पूछा गया है कि उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों से भीलवाड़ा शहर में स्वास्थ्य कर्मी कोरोना संक्रमण के दौरान क्यों लगाए थे। नोटिस में यह भी लिखा गया है कि 3 दिन में इसका जवाब नहीं देने पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि भीलवाड़ा मॉडल की सफलता का मुख्य कारण रूथ लेस कंटेनमेंट थी। इसके तहत डॉ. मुश्ताक खान ने भीलवाड़ा शहर का प्रथम लक्ष्य रखते हुए शहर के 74000 परिवारों की चार लाख से अधिक जनसंख्या का एक बार नहीं 4 बार सर्वे करवाने के लिए 2000 स्वास्थ्य कर्मियों की टीम लगाई थी।

रोटेशन पर लगाए गए थे स्वास्थ्यकर्मी
आपको बता दें कि डॉ. मुश्ताक ने तत्कालीन जिला कलेक्टर राजेंद्र भट्ट की अनुमति से रोटेशन पर स्वास्थ्यकर्मियों की टीम को ग्रामीण क्षेत्रों से भेजा था। साथ ही स्वास्थ्य कर्मी भीलवाड़ा शहर में इन्हें लगाया गया था, , लेकिन अब यह अभिनव प्रयोग ही उनके गले की हड्डी बन गया है। साथ ही इस मामले को लेकर भीलवाड़ा प्रशासन में विवाद खड़ा हो गया है। इस संबंध में जब जिला कलेक्टर एम. नकाते ने बात की गई, तो उन्होंने कहा कि नोटिस के बारे में कोई जानकारी नहीं है और न ही मुझसे इस संबंध में अनुमति ली गई है। नकाते ने कहा कि डॉ. मुश्ताक खान का कार्यप्रणाली काफी अच्छी रही है। लिहाजा मैं जल्द इस नोटिस के संबंध में जानकारी प्राप्त करूंगा।

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चिकित्सकों के बीच रोष व्याप्त
नोटिस की बात सामने आने के बाद से इंडियन मेडिकल एसोसिएशन भीलवाड़ा के अध्यक्ष डॉक्टर दुष्यंत शर्मा ने भी नाराजगी जताई है। इसके अलावा इनसर्विस डॉक्टर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर अजय चौधरी ने भी नोटिस देने पर कड़ा एतराज जताया है। डॉक्टरों का कहना है कि हम इस नोटिस के खिलाफ कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे । वहीं डॉक्टर मुश्ताक ने कहना है कि भीलवाड़ा शहर में हजारों कोरोना संक्रमितों की रोकथाम के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य कर्मियों को शहर में रोटेशन से लगाया गया था, इसे लेकर नोटिस मिलने से हतोत्साहित हूं। वहीं जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोपाल राम अभी भी नोटिस को उचित ठहरा रहे हैं।



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