जेपी और नानाजी देशमुख की जयंती पर पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि, सुनाया पटना वाला किस्‍सा

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नई दिल्‍ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘लोकनायक’ जयप्रकाश नारायण और नानाजी देशमुख को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा, “मैं लोकनायक जेपी के आगे उनकी जयंती पर शीश झुकाता हूं। वह भारत की आजादी के लिए बहादुरी से लड़े और जब हमारी लोकतांत्रिक परंपराएं खतरे में थीं तो उन्‍होंने उनकी रक्षा के लिए एक जनआंदोलन चलाया। उनके लिए राष्‍ट्रहित और लोक कल्‍याण से ऊपर कुछ नहीं था।”

पीएम ने देशमुख के लिए लिखा, “महान नानाजी देशमुख लोकनायक जेपी के परम शिष्‍यों में से एक थे। उन्‍होंने जेपी के विचारों और आदर्शों को लोकप्रिय बनाने के लिए अनथक परिश्रम किया। ग्रामीण विकास के प्रति उनका काम हमें प्रेरित करता है।” मोदी सरकार ने 2019 में देशमुख को भारत रत्‍न से सम्‍मानित किया था।

मोदी ने मन की बात के पिछले संस्‍करण में दोनों महापुरुषों का जिक्र किया था। मोदी ने कहा था कि ‘जेपी ने हमारे लोकतांत्रिक मूल्‍यों की रक्षा में अहम योगदान किया। भारत रत्‍न नानाजी देशमुख जेपी के बड़े निकट साथी थे। पटना में उनपर (जेपी) प्राणघातक हमला किया गया था। नानाजी ने वो हमला अपने ऊपर ले लिया। इस हमले में नानाजी को काफी चोटें आईं लेकिन वह जेपी को बचाने में कामयाब रहे।’

देशमुख ने लाठियां खाकर जेपी को बचाया थाजयप्रकाश नारायण एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, विचारक और राजनेता थे। उन्‍होंने 1970 के बाद पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ विपक्ष का नेतृत्व किया था। ‘लोकनायक’ और ‘जेपी’ के नाम से मशहूर नारायण ने ही इंदिरा के खिलाफ संपूर्ण क्रांति का आह्रान किया था। नानाजी देशमुख जेपी के आंदोलन से ही निकले थे। पटना में आंदोलन करते वक्‍त देशमुख ने लाठियां खाकर जेपी को बचाया था। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीन दयाल उपाध्याय के अलावा देशमुख का संघ की विचारधारा पर खासा प्रभाव है।



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