डेटिंग ऐप्स नहीं ओल्ड स्कूल रोमांस में यकीन करती हूंः कियारा आडवाणी

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कबीर सिंह और गुड न्यूज जैसी फिल्मों से ऐक्ट्रेस के रूप में अपनी जमीन को पुख्ता करनेवाली कियारा अडवानी इन दिनों चर्चा में हैं अपनी ताजा-तरीन फिल्म इंदू की जवानी से। कोरोनाकाल में लॉकडाउन के बाद तकरीबन 9 महीने पश्चात खुले सिनेमाहॉल में दर्शक फिल्म को देख पाएंगे। इस बातचीत में कियारा दर्शकों के थिएटर आने, फिल्म, डेटिंग ऐप्स, लॉकडाउन, फिल्म के प्रेशर जैसे कई मुद्दों पर बातें करती है।

आपकी फिल्म इंदू की जवानी थिएटर में रिलीज होने जा रही है। क्या आपको लगता है कोरोना काल में लोग यह फिल्म थिएटर में देखने आएंगे?
-मैं सबसे पहले यह सुनिश्चित करना चाहती हूं कि सब सुरक्षित रहें। सबको यह सोचना चाहिए कि क्या वे थिएटर में जाने के लिए कंफर्टेबल महसूस कर रहे हैं? अगर वह ऐसा महसूस कर रहे हैं, तो वह जाएं। हाल ही में जब मैं इतने महीनों के बाद फ्लाइट में बैठी, तो बैठने से पहले थोड़ी घबराहट हुई थी। मगर मैंने देखा कि फ्लाइट में कई लोग थे और थोड़ी देर बाद नॉर्मल महसूस हुआ। सब मास्क पहनकर बैठे हुए थे। हमें तमाम एहतियात बरतते हुए जिंदगी को भी आगे तो बढ़ाते रहना होगा। उसी तरह थिएटर में भी जाने से पहले लोगों के मन में खयाल आएगा कि फिल्म देखने जाएं या नहीं। थिएटर वाले भी पहली कुछ फिल्मों के लिए ज्यादा सावधानी बरतेंगे। सिनेमा हॉल का शुरू होना जरूरी है। इससे कितने लोगों के घर चलते हैं। वैसे यह लोगों की मर्जी और कंफर्ट पर निर्भर करता है कि वे थिएटर जाना चाहते हैं या नहीं?

यह फिल्म आपकी सोलो रिलीज है, इसका भार आप अकेले उठा रही हैं, क्या प्रेशर महसूस कर रही हैं?
-प्रेशर तो हमेशा रहता है। मैंने अब तक जितनी भी फिल्में की हैं, उनका सारा भार मैंने भी अपने मेल को-स्टार के साथ उठाया है। मुझे नहीं लगता कि सिर्फ हीरोज के कंधों पर फिल्म का भार होता है। इस फिल्म में भी आदित्य सील, मलिका दुआ और जितने भी आर्टिस्ट हैं, डायरेक्टर को मिलाकर यह सबकी फिल्म है। सभी पर इसकी जिम्मेदारी है। फिल्म बनाना एक टीम वर्क होता है। जितना दबाव मुझे अनुभव होता है, उतना ही फिल्म से जुड़े बाकी लोगों को भी होता है। कबीर सिंह हो या फगली मुझ पर अपनी हर फिल्म का प्रेशर रहा है

फिल्म के ‘दिल तेरा’ गाने में आप में रेट्रो लुक में नजर आ रही हैं, कैसा रहा अनुभव?
– जो लोग बचपन से ही फिल्म प्रेमी होते हैं, उनके लिए रेट्रो लुक खास अहमियत रखता है। मुझे इस गाने को करने में बड़ा मजा आया, क्योंकि इसमें हमने 4 लुक्स अपनाए। साठ के दशक की शर्मिला टैगोर जी का कश्मीर की कली वाले लुक को दोहराया, सेवेंटीज की हेमा मालिनी जी का हेयर स्टाइल, अस्सी में परवीन बाबी जी का नमक हलाल वाला लुक फिर स्क्रीन पर रीक्रिएट करने की कोशिश की और जाहिर तौर पर नब्बे के एरा में उर्मिला मातोंडकर जी का रंगीला फिल्म का स्टाइल तो हमें करना ही था। बहुत समय बाद ऐसा रेट्रो गाना देखने को मिल रहा है। इससे पहले आखिरी गाना दिल चाहता है में ‘वह लड़की है कहां’ था, जो काफी हिट हुआ था।

इंदू की जवानी में आप एक दिलचस्प किरदार में दिख रही हैं। असल जिंदगी में आपको कब अहसास हुआ कि अब आप जवान हो गई हैं?
-मुझे लगता है लड़कियों को जब मम्मी इजाजत देती हैं कि अब आप काजल और मेकअप कर सकते हैं, तो समझो आप जवान हो गई हैं, क्योंकि मैं पहले छुप-छुप कर मम्मी का मेकअप लगाती थी। लड़कियों को बड़ा शौक होता है मेकअप का। मैं उस वक्त नाइंथ क्लास में थी, जब उन्होंने मुझे मंजूरी दी। वे बहुत ही स्ट्रिक्ट मां थीं। आज भी वे मुझे लेकर बेहद प्रॉटेक्टिव हैं। मैं जब भी पार्टी में जाती, वे पूछतीं कि इतने समय तुम को वापस आना है। आज भी जब मैं बाहर होती हूं, तो वह अब भी मुझे फोन करके पूछती है, कहां हो? घर कब तक आओगी?

फिल्म में आप एक ऐसी लड़की का किरदार निभा रही हैं, जो डेटिंग ऐप्स के जरिए पार्टनर की तलाश में है। व्यक्तिगत तौर पर आप डेटिंग ऐप्स के बारे में क्या सोचती हैं?
– मेरे कई दोस्त हैं, जिनकी शादी उनसे हुई, जिन्हें वे पहली बार डेटिंग ऐप्स पर मिले थे। पर मेरा कभी ऐसा इरादा नहीं रहा कि मैं डेटिंग ऐप्स के जरिए किसी को डेट करूं। इस मामले में मैं ओल्ड स्कूल लड़की हूं, जो थोड़े पुराने खयालात की है। लेकिन, आजकल डेटिंग ऐप्स काफी आम हो गए हैं। तकरीबन सभी लोग डेटिंग ऐप्स पर हैं। इसलिए इस फिल्म से लोग खुद को जोड़ पाएंगे।

आप किस तरह के प्यार में यकीन करती हैं?
-मैं ओल्ड स्कूल रोमांस मैं विश्वास करती हूं। मुझे लगता है कि मेरे सपनों का राजकुमार एक दिन खुद ब खुद मेरे सामने आएगा। मगर ऐसा कब होगा, इसका जवाब तो समय ही दे पाएगा।

आपका ट्वीट देखा, जिसमें आपने लिखा है कि आप रितिक रोशन के लिए टिंडर जॉइन करेंगी?
– मैं कहो न प्यार है के जमाने से उनकी बहुत बड़ी फैन रही हूं। किसी ने मुझसे पूछा था कि किस ऐक्टर के लिए आप टिंडर जॉइन करेंगी, तो मैंने कहा सिर्फ रितिक रोशन के लिए।

लॉकडाउन से आपका टेकअवे क्या रहा?
-सबसे जरूरी बात लॉकडाउन में मेरे लिए यह थी कि आज में जीना है। सब सोचते रहते हैं कि कल क्या होगा? वह समय थम-सा गया था। उसने हमें सिखाया कि रुको आज जो है, उसमें रहो, उसमें देखो, कृतज्ञ रहो और जिंदगी की वैल्यू करो। यह वक्त सभी के लिए बहुत मुश्किल था। हम सब बहुत खुशकिस्मत हैं कि स्वस्थ हैं। मैंने तो यही सीखा कि हर पल को खास बनाओ। आपको जिसको जो कहना है चाहे ई लव यू या सॉरी वह कह दो। सच में किसी को नहीं पता है कि कल क्या होने वाला है।

अपनी आनेवाली फिल्मों से कितनी उम्मीदें हैं?
-बहुत उम्मीदें हैं। बहुत मेहनत और पूरे दिल के साथ फिल्मों में काम किया है। शेरशाह का शूट पूरा हो चुका है, लेकिन इसके पोस्ट प्रॉडक्शन का काम चल रहा है। एक बार यह पूरा हो जाए तो हमें पता चलेगा कि यह कब रिलीज होगी।



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