डोनाल्ड ट्रंप के लिए अगले हफ्ते मुश्किल बढ़ा सकता है कोरोना, एक्सपर्ट्स को है डर

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वॉशिंगटन
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वॉल्टर रीड अस्पताल से वाइट हाउस आने के बाद से ही हेल्थ एक्सपर्ट्स चिंतित हैं। ट्रंप के फिजिशन डॉ. शॉन कॉनली का कहना है कि ट्रंप डिस्चार्ज किए जाने के सभी मानकों पर खरे उतरे थे। उन्होंने यह भी बताया है कि वाइट हाउस लौटने के बाद राष्ट्रपति ने पहली रात आराम से गुजारी। हालांकि, फ्रंटलाइन डॉक्टर्स का मानना है कि कोरोना मरीजों के मामले में अभी यह मान लेना कि वह ठीक होने लगे हैं, जल्दबाजी है।

दूसरे हफ्ते में बढ़ती है मुश्किल
कई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि बीमारी इन्फेक्शन के दूसरे हफ्ते में तेजी से बढ़ती है। सैन फ्रांसिस्को की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में डिपार्टमेंट ऑफ मेडिसिन के हेड रॉबर्ट वॉकटर ने बताया कि अभी यहां से कई संभावना हैं। उन्होंने कहा कि इस वक्त ट्रंप को ICU से 50 फीट दूर रहना चाहिए, न कि हेलिकॉप्टर राइड जितना दूर।

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ट्रंप के इलाज पर चिंता
एक्सपर्ट्स की चिंता का एक बड़ा कारण है ट्रंप के इलाज से जुड़ी जानकारियां। दरअसल, खुद कॉनली ने पहले बताया कि ट्रंप को ऑक्सिजन दी गई थी लेकिन बाद में ऐसा जताने की कोशिश की राष्ट्रपति की हालत इतनी भी खराब नहीं, जबकि रविवार को उन्होंने बताया था कि ट्रंप को dexamethasone दी गई थी। यह आमतौर पर ऐसे मरीजों को ही दी जाती है जिन्हें सांस लेने में समस्या हो।


मिलीजुली बातें कर रहे ट्रंप के डॉक्टर
ट्रंप को रेमेडेसिविर भी गई जो एक्सपेरिमेंटल दवा है। Gilead Sciences की बनाई इस दवा का इमर्जेंसी में इस्तेमाल करने की मंजूरी मई में दे दी गई थी। इसके अलावा ट्रंप को दो मोनोक्लोनल ऐंटीबॉडी कॉकटेल दी गई जो बायोटेक कंपनी Regeneron ने बनाई है। इन सब से संकेत मिलते हैं कि इन्फेक्ट होने के बाद ट्रंप की तबीयत तेजी से खराब हुई थी। यही नहीं, कॉनली ने ट्रंप के फेफड़ों के स्कैन में ‘उम्मीद के मुताबिक नतीजे’ मिलने की बात कही लेकिन यह नहीं कहा कि स्कैन नॉर्मल था। वॉक्टर का कहना है कि वह यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि कॉनली का क्या मतलब था।

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…कब हुआ इन्फेक्शन
ट्रंप के लक्षणों के अलावा एक बड़ा सवाल यह है कि ट्रंप को इन्फेक्शन कब हुआ। ऐसा इसलिए है क्योंकि इन्फेक्शन के बाद दूसरे हफ्ता काफी अहम होता है। इसी हफ्ते में वायरस के खिलाफ शरीर रिस्पॉन्स करता है। शरीर की यह प्रतिक्रिया बहुत आक्रामक होती है और इससे फेफड़ों को नुकसान हो सकता है। अगर इस दौरान मरीज की मॉनिटरिंग नहीं की गई थी तो कई अंग काम करना बंद कर सकते हैं और जान भी जा सकती है।

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सांस लेने में हुई थी दिक्कत
वाइट हाउस में अस्पताल की तरह की मेडिकल सुविधाएं मौजूद हैं जहां उन्हें मॉनिटर किया जा सकता है लेकिन वहां ICU नहीं है। इसलिए एक्सपर्ट्स का मानना है कि ट्रंप को कुछ दिन वॉल्टर रीड में ही रहना चाहिए था। गौरतलब है कि ट्रंप ने वाइट हाउस लौटने के बाद भी दावा किया था कि वह पहले से बेहतर हैं। उन्होंने लोगों से कोरोना से नहीं डरने के लिए भी कहा था। हालांकि, वीडियो में दिखाई दिया कि वह सांस नहीं ले पा रहे हैं जिसके बाद राष्ट्रपति को आलोचना का सामना करना पड़ा था।
(Source: Buzzfeed News)

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