‘ताइवान कार्ड’ पर भड़के ग्‍लोबल टाइम्‍स ने दी धमकी, आग के साथ खेल रहा है भारत

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पेइचिंग
चीन का सरकारी भोंपू ग्‍लोबल टाइम्‍स ताइवान के नैशनल डे के भारतीय मीडिया में कवरेज से बुरी तरह से भड़क उठा है। ग्‍लोबल टाइम्‍स ने अब इशारों-इशारों में भारत सरकार को अब पूर्वोत्‍तर के उग्रवादियों की धमकी दे डाली है। चीन के सरकारी अखबार ने कहा कि कोई भी देश दूसरे देश को अपने संप्रभुता के बारे में गलतफहमी पैदा करने की अनुमति नहीं दे सकता है। ग्‍लोबल टाइम्‍स ने कहा कि भारत सरकार आग के साथ खेल रही है।

ग्‍लोबल टाइम्‍स ने चीनी व‍िश्‍लेषक ली किंगकांग के हवाले से कहा, ‘यदि चीनी मीडिया सार्वजनिक रूप से पूर्वोत्‍तर भारत में उग्रवाद को समर्थन दे दे या भारतीय अलगाववाद समर्थक ताकतों के समर्थन में कंटेंट प्रकाशित करे तो इस पर भारत सरकार कैसी प्रतिक्रिया देगी? भारत सरकार की प्रतिक्रिया चीन से ज्‍यादा नरम नहीं होगी। क्‍या ऐसी आवाजें जो दूसरे देशों की संप्रभुता को उकसाती हैं, उनका विरोध किया जाना चाहिए?’

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‘एक चीन की नीति को चुनौती देने की स्‍वतंत्रता नहीं’
किंगकांग ने कहा कि भारत के कुछ मीडिया संगठनों को निश्चित रूप से यह बताया जाना चाहिए कि उनके पास एक चीन की नीति को चुनौती देने की स्‍वतंत्रता नहीं है। भारत खुद को ‘शानदार लोकतंत्र’ बताता है और चीन को पश्चिमी देशों के दृष्टिकोण से देखता है। जैसे-जैसे चीन-अमेरिका के बीच प्रतिस्‍पर्द्धा बढ़ रही है, वॉशिंगटन ने ताइवान कार्ड को और ज्‍यादा खेलना शुरू कर दिया है। भारत में भी कुछ लोग अमेरिका की राह बढ़ना शुरू हो गए हैं और इसका फायदा उठाना चाहते हैं।

उन्‍होंने कहा कि भारत सरकार को लगता है कि उसने अमेरिका और पश्चिमी देशों का समर्थन हासिल कर लिया है। इसी वजह से भारत ने चीन की ओर उकसावे वाली कार्रवाई शुरू कर दी है और यहां तक कि चीन के सबसे निर्णायक बिंदू को चुनौती देने का प्रयास किया। हालांकि अमेरिका का समर्थन अविश्‍वसनीय है जबकि चीन की जवाबी कार्रवाई निश्चित है। भारत आग के साथ खेल रहा है और अंत में केवल वही निराश होगा।

ताइवान के राष्ट्रीय दिवस समारोह से बचने की नसीहत दी
दरअसल, 10 अक्टूबर को ताइवान का राष्ट्रीय दिवस था। चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और चाहता है कि पूरी दुनिया उसे उसके ही हिस्से के तौर पर स्वीकार करे। भारत में चीन के दूतावास की तरफ से जारी बयान में भारतीय मीडिया को आगामी 10 अक्टूबर को होने वाले ताइवान के राष्ट्रीय दिवस समारोह से बचने की नसीहत दी गई थी। खास बात यह है कि वन चाइना की दुहाई देने वाला चीन लद्दाख को केंद्रशासित प्रदेश बनाने को ‘अवैध’ बताता आया है, जो भारत की क्षेत्रीय संप्रभुता का अपमान है।


चीन के विदेश मंत्रालय की तरफ से भारतीय मीडिया के लिए जारी बयान में कहा गया है, ‘ताइवान के आगामी तथाकथित राष्ट्रीय दिवस के बारे में भारत में चीनी दूतावास अपने मीडिया दोस्तों को याद दिलाना चाहता है कि दुनिया में सिर्फ एक ही चीन है और पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना सरकार ही पूरे चीन का प्रतिनिधित्व करने वाली इकलौती सरकार है। ताइवान चीनी का अभिन्ना हिस्सा है।’ चीनी दूतावास ने बयान में आगे कहा है, ‘चाइना के साथ कूटनीतिक संबंधों वाले सभी देशों को वन-चाइना पॉलिसी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का दृढ़ता से सम्मान करना चाहिए। भारत सरकार का भी लंबे समय से यही आधिकारिक रुख रहा है।’

भारत सरकार के बयान पर चीन को तीखी म‍िर्ची लगी
चीनी दूतावास ने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि भारतीय मीडिया ताइवान को लेकर भारत सरकार के रुख पर चलेगा और वन-चाइना पॉलिसी का उल्लंघन नहीं करेंगे। खासकर ताइवान को एक ‘देश (राष्ट्र)’ या ‘रिपब्लिक ऑफ चाइना’ या चीन के ताइवान क्षेत्र के नेता को ‘राष्ट्रपति’ के तौर पर संबोधित नहीं किया जाएगा ताकि आम लोगों में गलत संदेश न जाए।’ चीन के इस बयान पर भारत सरकार ने कहा था कि भारत में मीडिया अभिव्‍यक्ति की आजादी के लिए फ्री है। भारत सरकार के इसी बयान पर चीन को तीखी म‍िर्ची लगी है और अब वह धमकी दे रहा है।



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