ताइवान ने दुनिया को बताया चीन का सच तो भारतीय मीडिया पर भड़का ड्रैगन, दूतावास ने जताई आपत्ति

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हाइलाइट्स:

  • भारतीय मीडिया ने लिया ताइवान के विदेश मंत्री का इंटरव्यू
  • जोसफ वू ने इंटरव्यू में कहा था चीन का कभी नहीं था ताइवान
  • दुनियाभर से ताइवान के अस्तित्व को पहचानने की अपील की
  • इस पर बिगड़ा चीन, भारत से जताई है आधिकारिक आपत्ति

पेइचिंग
दुनिया के साथ कई देशों के साथ क्षेत्रीय विवाद पैदा करके बैठा चीन पूरे ताइवान पर अपना दावा ठोंकता है। कई बार उसकी सेना के जंगी जहाज ताइवान के एयरस्पेस में दाखिल होकर शक्ति प्रदर्शन भी करते हैं। यहां तक कि चीन ऐसे देशों के साथ भी कड़ाई से बर्ताव करता है जो ताइवान से करीबी दिखाते नजर आते हैं। हाल ही में भारत के मीडिया ने जब ताइवान के प्रति नरम रुख दिखाते हुए उसे अपनी आवाज उठाने का मौका दिया तो ड्रैगन को यह नागवार गुजरा है।

‘चीन की वन-चाइना पॉलिसी का उल्लंघन’
चीन के प्रॉपगैंडा अखबार ग्लोबल टाइम्स ने चीन के दूतावास के हवाले से ट्वीट किया है- ‘भारत में चीनी दूतावासकुछ भारतीय मीडिया के ताइवान अथॉरिटी के ‘विदेशी संबंध’ विभाग के हेड जॉशिया जोसफ वू के इंटरव्यू, जो खुले तौर पर ‘ताइवान की आजादी’ का समर्थन करते हैं, उसने वन-चाइना पॉलिसी का गंभीरता से उल्लंघन किया है और चीन की बॉटम लाइन को उकसाया है।’

आगे बताया गया है कि भारत में चीनी दूतावास ने भारत से इस बारे में आपत्ति जाहिर की है और भारतीय मीडिया से अपील की है कि ताइवान की आजादी की मांग करने वालों को प्लैटफॉर्म न दिया जाए और लोगों को गलत संदेश देने से बचा जाए।

ताइवान के विदेश मंत्री का इंटरव्यू
बता दें कि इंडिया टुडे से इंटरव्यू में ताइवान के विदेश मंत्री जोसफ वू ने कहा कि दुनिया के इस हिस्से में सिर्फ ताइवान को चीन से परेशानी नहीं है, जापान को ईस्ट चाइना सी में दिक्कत हो रही है जहां समुद्र में चीन घुसपैठ कर रहा है, वहीं दक्षिण चीन सागर के पास देशों को भी परेशानी हो रही है। भारत-चीन सीमा के पास भी विवाद चल रहा है। जोसफ ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संस्थानों को गंभीरता से ताइवान के अस्तित्व के बारे में सोचना चाहिए।

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‘ताइवान नहीं था चीन का हिस्सा’
जोसफ ने साफ कहा कि ताइवान चीन से बाहर है। उन्होंने कहा कि कई देशों को लगता है कि चीन के पास वन चाइना पॉलिसी है और चीन ताइवान का नेतृत्व करता है लेकिन ऐतिहासिक तर पर 1949 से ताइवान चीन का हिस्सा नहीं जब से चीनी रिपब्लिक की स्थापना हुई थी। उन्होंने कहा कि चीन ताइवान का नेतृत्व नहीं कर सकता, सिर्फ ताइवान की सरकार कर सकती है। यहां के लोगों के पास दुनिया में अपना प्रतिनिधित्व करने का अधिकार हैं।

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ग्लोबल टाइम्स ने किया ट्वीट

ग्लोबल टाइम्स ने किया ट्वीट



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