ताइवान पर कब्जे की तैयारी में जुटा चीन, लगातार दूसरे दिन भेजे 19 फाइटर जेट

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पेइचिंग
अमेरिका से ताइवान की बढ़ती नजदीकियों से चीन सैन्य कार्रवाई करने का मन बना रहा है। शनिवार को लगातार तीसरे दिन चीन ने ताइवानी एयरस्पेस में अपने 19 जहाजों को भेजा। चीन के इस उकसावे की कार्रवाई के वक्त अमेरिकी उप विदेश मंत्री किथ क्राच ताइवान को लोकतांत्रिक व्यवस्था में तब्दील करने वाले पूर्व राष्ट्रपति ली तेंग हुई को श्रद्धांजलि दे रहे थे। शुक्रवार को चीन के 18 फाइटर जेट्स ने एक साथ ताइवानी सीमा में घुसपैठ की थी।

चीन के इन विमानों ने की घुसपैठ
चीन के इस घुसपैठी बेड़े में 12 जे-16 फाइटर जेट, 2 जे-10 फाइटर जेट, 2 जे-11 फाइटर जेट, 2 एच-6 परमाणु बॉम्बर और एक वाय-8 एंटी सबमरीन एयरक्राफ्ट शामिल था। जैसे ही ताइवानी रडार ने चीनी एयरफोर्स की इस घुसपैठ का पता लगाया वैसे ही वॉर्निग जारी कर दी गई। ताइवानी एयरफोर्स के लड़ाकू विमानों ने चीनी जहाजों को खदेड़ने का मिशन भी शुरू कर दिया। वहीं एंटी एयरक्राफ्ट गन और मिसाइलो को भी एक्टिवेट कर दिया गया।

ताइवान की खाड़ी में युद्धाभ्यास कर रहा है चीन
ताइवान से बढ़ते तनाव के बीच चीन पिछले कई दिनों से लाइव फायर एक्सरसाइज कर रहा है। बड़ी संख्या में चीनी सैनिक, बमवर्षक जहाज, रॉकेट लॉन्चर्स और आधुनिक युद्धपोत इस युद्धाभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं। इस युद्धाभ्यास का आयोजन पीएलएक ईस्टर्न थिएटर कमांड ने किया है। चीन और ताइवान के संबंध हाल के दिनों में सबसे खराब दौर से गुजर रहे हैं।

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चीनी मीडिया की धमकी- यह हमले का पूर्वाभ्यास
ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि पीएलएक का युद्धाभ्यास एक त्वरित प्रक्रिया है। ताइवान को इससे डर होना चाहिए। यह युद्धाभ्यास ताइवान पर कब्जे का ड्रिल है। अखबार ने दावा किया कि अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर क्रैच की ताइवान यात्रा की घोषणा नहीं की थी। लेकिन, जब वह ताइवान पहुंचे तो उनका स्वागत पीएलए ने युद्धाभ्यास के जरिए किया। इसलिए यह अभ्यास अंतिम-मिनट का निर्णय था। इतने कम समय में एक बड़े पैमाने पर कार्रवाई का आयोजन किया जा सकता है।

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बहुत कम समय पर ताइवान पर कर लेंगे कब्जा
यह दर्शाता है कि PLA में बहुत कम समय में ताइवान पर केंद्रित एक सैन्य कार्रवाई को अंजाम देने की क्षमता है। हालांकि इसे सैन्य अभ्यास ही नाम दिया गया है। पीएलए हर कीमत पर ताइवान को अपने देश में मिलाना चाहता है। इसके लिए वह किसी भी हद तक जाने को तैयार है। उधर अमेरिका ने खुलकर ताइवान का साथ देने का ऐलान किया हुआ है। इससे साउथ चाइना सी में विवाद के और बढ़ने की संभावना है।



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