तुर्की के खिलाफ ऐक्शन की तैयारी में यूरोपीय यूनियन, राष्ट्रपति एर्दोगन बोले- हम नहीं झुकेंगे

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ब्रसेल्स
मुस्लिम देशों का नए खलीफा बनने की कोशिश कर रहे तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तैयप एर्दोगन को तगड़ा झटका लगने वाला है। यूरोपीय यूनियन के देश भूमध्य सागर क्षेत्र में मौजूद गैसों के उत्खनन विवाद को लेकर तुर्की के खिलाफ प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहे हैं। यूरोपीय देशों के विदेश मंत्रियों ने सोमवार को प्रतिबंधों के प्रभाव को लेकर एक बैठक भी की है। माना जा रहा है कि 10-11 दिसंबर को तुर्की के खिलाफ नए प्रतिबंधों का ऐलान किया जा सकता है।

एर्दोगन बोले- नहीं झुकेंगे
वहीं, तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तैयप एर्दोगान ने कहा है कि उनका देश खतरों और ब्लैकमेलिंग करने से नहीं झुकेगा। हालांकि, उन्होंने भूमध्य सागर में गैस क्षेत्रों को लेकर जारी विवाद को हल करने के लिए बातचीत की पेशकश की है। बता दें कि इस क्षेत्र में गैस को लेकर तुर्की का ग्रीस के बीच तनाव चरम पर है। इन क्षेत्रों में दोनों देशों की सेनाएं भी आमने-सामने हैं।

तुर्की के खिलाफ खुलकर आया ग्रीस
ग्रीस के विदेश मंत्री निकोस डेंडियास ने कहा कि यूरोपीय यूनियन के सभी देशों ने सोमवार को सहमति व्यक्त की कि तुर्की ने पूर्वी भूमध्यसागरीय क्षेत्र में गैस की खोज की अपनी नीति में कोई सकारात्मक बदलाव नहीं किया है। इसलिए यह स्पष्ट किया गया है कि तुर्की के खिलाफ एक दंडात्मक प्रतिक्रिया होनी चाहिए। इसे लेकर अब यूरोपीय काउंसिल की बैठक में भी चर्चा की जाएगी।

तुर्की ने यूरोपीय यूनियन और फ्रांस को दी थी चेतावनी
तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने कुछ दिन पहले ही खुलेआम यूरोपीय यूनियन को सैन्य चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि इस सप्ताह के अंत से हम हर संभावना और परिणाम के लिए तैयार हैं। एक अस्पताल के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए एर्दोगन ने कहा था कि तुर्की के पास दूसरों के अनैतिक नक्शे और दस्तावेजों को फाड़ने के लिए राजनीतिक, आर्थिक और सैन्य शक्ति है। 14 अगस्त को भी एर्दोगन ने ग्रीस को धमकी देते हुए कहा था कि अगर हमारे जहाज पर हमला बोला गया तो इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

क्या है विवाद
दरअसल पिछले कुछ महीने से तुर्की का समुद्री तेल खोजी शिप ओरुक रीस ग्रीस के द्वीप कस्तेलोरिज़ो के नजदीक रिसर्च गतिविधि को अंजाम दे रहा है। ग्रीस का दावा है कि तुर्की का शिप उसके जलक्षेत्र में ऑपरेट कर रहा है। जबकि, तुर्की ने ग्रीस के दावे को नकारते हुए उस समुद्री हिस्से को अपना बताया है।

फ्रांस ने भी तैनात की नेवी
तुर्की के खिलाफ ग्रीस की सहायता के लिए विवादित क्षेत्र के पास फ्रांस ने भी अपनी नौसेना को तैनात कर दिया है। तुर्की इस इलाके में ऑफ-शोर ड्रिलिंग को आगे बढ़ाने पर अड़ा है जबकि फ्रांस ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर तुर्की ने विवादित क्षेत्र में ऐसी कोई गतिविधि शुरू की तो वह मूक दर्शक नहीं बना रहेगा। विवाद की जड़ पूर्वी भूमध्यसागर क्षेत्र में साढ़े तीन ट्रिलियन क्यूबिक मीटर (टीसीएम) गैस है, जिसमें 2.3 टीसीएम स्पष्ट रूप से इजिप्ट, इजरायल और साइप्रस के इकनॉमिक इंट्रेस्ट जोन में है।



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