…तो क्या पुणे की आधी आबादी को हो चुका कोरोना? सीरो सर्वे में 51.5% सैंपल में Covid एंटीबॉडी

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हाइलाइट्स:

  • पुणे में कोरोना सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा
  • शहर की आधी आबादी को हो चुका कोरोना
  • सर्वे में 51 प्रतिशत लोगों के शरीर में एंटीबॉडी
  • एंटीबॉडी होने का मतलब संक्रमण हो चुका है

पुणे
कोरोना प्रभावित महाराष्ट्र के पुणे में लोगों में संक्रमण (Coronavirus in Pune) चेक करने के लिए सीरो सर्वे कराया गया। इस सर्वे में पुणे के 51.5 प्रतिशत निवासियों के शरीर में एंटीबॉडी पाया गया। नतीजे चौंकाने वाले हैं क्योंकि शरीर में Covid-19 एंटीबॉडी होने का मतलब है कि शख्स संक्रमित हो चुका है। इसका मतलब यह कि शहर के आधे से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं।

पुणे में महामारी और सीरम सर्विलांस कोविड-19 की स्टडी नगर निगम के तहत पांच प्रभावित इलाकों से 1644 सैंपल लिए गए थे। इन इलाकों में पॉजिटिविटी की दर 36.1 प्रतिशत से 65.4 प्रतिशत के बीच रही।

लोहियानगर-कासेवाडी इलाकों में संक्रमण सर्वाधिक
भवानी पेठ वॉर्ड के तहत आने वाले लोहियानगर-कासेवाडी इलाकों में कोरोना संक्रमण सर्वाधिक रहा। सर्वे टीम का हिस्सा सीनियर रिसर्चर अर्णब घोष के अनुसार जांच में इन प्रभाग में कोरोना संक्रमण सबसे ज्यादा पाया गया। यह स्टडी पुणे नगर निगम और भारतीय विज्ञान शिक्षा एंड रिसर्च इंस्टिट्यूट (IISER) ने मिलकर की। शरीर में SARS-CoV-2 के मुकाबले IgG एंटीबॉडी की मौजूदगी का पता लगा।

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20 जुलाई से 5 अगस्त के बीच हुआ सर्वे
एक जुलाई तक मिले कोरोना पॉजिटिव मामलों को बेसलाइन मानकर 20 जुलाई से 5 अगस्त के बीच यह सर्वे किया गया। एंटीबॉडी की मौजदूगी हर तरह की आवासीय सुविधा वालों में पाई गई। बंगले में रहने वाले 49 प्रतिशत, आबादी वाली झुग्गियों में रहने वाले 56 से 62 प्रतिशत, अपार्टमेंट में रहने वाले 33 प्रतिशत लोगों में सीरोपॉजिटिविटी रजिस्टर की गई।


सर्वे का हिस्सा रहे पुरुष 52.8 प्रतिशत, महिलाएं 50.1 प्रतिशत प्रभावित मिले। वहीं कॉमन टॉइलट का यूज करने वाले 62.2 प्रतिशत और अलग टॉइलट का यूज करने वाले 45.3 प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडी मिला।

सांकेतिक तस्वीर

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