थम सी गईं राहें… कृषि बिल के खिलाफ यूं लामबंद हुए किसान

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संसद के दोनों सदनों में पारित कृषि बिलों के खिलाफ किसानों का विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को और उग्र हो गया है। विभिन्न किसान संगठनों ने शुक्रवार को बिल के विरोध में देशव्यापी बंद का आह्वान किया है। इस बिल का सबसे ज्‍यादा विरोध हरियाणा और पंजाब में किया जा रहा है। इसके अलावा अन्य कई राज्यों में भी किसान संगठनों के साथ-साथ राजनीतिक दल भी विधेयक के विरोध में सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं।

पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी यूपी में खास असर

कृषि विधेयकों के पास होने के विरोध में किसानों के अलग-अलग संगठनों ने शुक्रवार को ‘भारत बंद’ का ऐलान किया है। शुक्रवार को इसका सबसे ज्यादा असर पंजाब, हरियाणा और वेस्ट यूपी में दिखा। किसान ने पहले से ही सड़कों पर चक्का जाम और रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन करने की तैयारी कर ली थी। इसे देखते हुए पंजाब-हरियाणा से होकर गुजरने वाली कई ट्रेनें अगले दो दिनों के लिए रद कर दी गई हैं।

कहीं-कहीं उग्र हुए प्रदर्शनकारी

कृषि बिल के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बरनाला-चंडीगढ़ हाइवे के पास ट्रैक्टर में आग लगा दी। हालांकि मौके पर पुलिस के पहुंचते ही प्रदर्शनकारी वहां से चल गए। बरनाला में शिरोमणि अकाली दल ने भी किसानों के पक्ष में विरोध-प्रदर्शन किया।

विपक्षी दल भी आए किसानों के साथ

पंजाब बंद के लिए भारतीय किसान यूनियन के साथ 31 किसान संगठन आए हैं। वहीं कांग्रेस और विपक्षी आप ने भी किसानों के प्रदर्शनों को अपना समर्थन दिया। उधर, शिरोमणि अकाली दल के बिक्रम सिंह मजीठिया ने अमृतसर में विरोध प्रदर्शन किया।

रेल की पटरियों पर डटे किसान

पंजाब में किसान मजदूर संघर्ष समिति ने अपना ‘रेल रोको’ आंदोलन जारी रखा है। कृषि बिल के विरोध में किसान अमृतसर में प्रदर्शन कर रहे हैं। यह प्रदर्शन गुरुवार से ही चल रहा है।

दिल्‍ली बॉर्डर पर हुआ चक्‍काजाम

गाजियाबाद-हापुड़ टोल प्लाजा पर किसानों ने जमकर प्रदर्शन किया। नोएडा से दिल्ली जाने के लिए किसान सेक्टर 14 बॉर्डर पर चक्काजाम किया। इतना ही नहीं किसानों ने मोदिनगर में मोदी नृत्यग्राम काजमपुर के बाहर दिल्ली मेरठ हाईवे को भी जाम कर दिया।

नोएडा-दिल्‍ली बॉर्डर पर किसानों का जमावड़ा

नोएडा में दिल्ली बॉर्डर के पास भी भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने जाम लगाया। हालात को काबू करने के लिए भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात करना पड़ा। यूपी में प्रमुख विपक्षी दल भी किसानों संग आ गए हैं।

पश्चिमी यूपी के बिजनौर में भी किसान उमड़े

पश्चिमी यूपी के जिले बिजनौर में किसानों ने नगीना कोतवाली मार्ग पर भी जाम लगाया। इस आंदोलन को देखते हुए कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सरकार किसानों से बात करने के लिए हमेशा तैयार है। अगर कोई किसान सरकार के किसी भी प्रतिनिधि से आधी रात को भी बात करना चाहेगा तो हम तैयार हैं।

सरकार ने विपक्ष पर लगाया भ्रम फैलाने का आरोप

कृषि बिलों के खिलाफ देश भर में किसानों के विरोध ने केंद्र सरकार को मुसीबत में डाल रखा है। सत्ताधारी दल लगातार विपक्षी दलों पर बिलों के प्रावधानों को लेकर किसानों में भ्रम फैलाने का आरोप लगा रहा है। केंद्र सरकार लगातार कृषि बिलों को किसान हितैषी सिद्ध करने का जतन कर रही है।

धमकी दी थी- सब्‍जी और दूध रोक देंगे

बंद से एक दिन पहले वेस्ट यूपी में किसान संगठनों ने दिल्ली को सब्जी-दूध आपूर्ति रोकने का भी दावा किया था। भारतीय किसान यूनियन का कहना था कि ऐम्बुलेंस और आवश्यक वस्तुओं को रोका नहीं जाएगा। यूनियन नेता राकेश टिकैत ने कहा, ‘हम चक्का जाम करेंगे। किसान झुकेगा नहीं। पूरा वेस्ट यूपी जाम रहेगा।’

यूपी में समाजवादी पार्टी भी मिली किसानों से

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी भी किसानों के विरोध प्रदर्शन में शामिल रही। पार्टी ने कृषि बिलों के खिलाफ किसानों के प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया है और कहा है कि वे हर जिले में विरोध प्रदर्शन आयोजित करेंगे और जिलाधिकारियों के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौपेंगे। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कृषि बिल को हानिकारक बताते हुए कहा कि यह किसानों और मजदूरों के हितों को चोट पहुंचाती है।



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