दिल्ली वाले कृपया ध्यान दें!नतुरंत लगवाएं स्टीकर और HSRP प्लेट, वरना लगेगा भारी जुर्माना

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नई दिल्ली
दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग (Delhi Government Transport Department) की ओर से मंगलवार को एक आदेश जारी किया गया जिसमें वाहनों पर टैम्पर प्रूफ हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (डिजिटल प्लेट) और कलर कोड वाले स्टीकर (Fuel Sticker) लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। परिवहन विभाग ने कहा कि अगर वाहनों में यह दोनों नहीं पाया गया तो वाहन मालिकों को भारी जुर्माना देना पड़ेगा।

अगले महीने स्पेशल ड्राइव
दिल्ली परिवहन विभाग अगले महीने से स्पेशल ड्राइव (Delhi Special Drive) चला रही है जिसमें कार सबसे पहले टारगेट में होगी। अगर किसी भी वाहन में ये दोनों नहीं पाए गए तो पांच हजार से 10 हजार तक का चालान भरना पड़ेगा। राजधानी दिल्ली में 2012 के बाद जो भी वाहन आ रहे हैं उनमें डिजिटल नंबर प्लेट ही आ रही है। ये वो वाहन हैं जो इससे भी पुराने हैं। उनमें नंबर प्लेन न होने से दिक्कत आ रही है।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के अक्टूबर 2018 के निर्देशों के बावजूद कलर-कोडित ईंधन स्टिकर वाले वाहनों की संख्या बहुत कम है। परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार HSRP के बिना कम से कम 40 लाख वाहन हैं जिसमें कार और दोपहिया वाहन दोनों शामिल हैं। जबकि केवल कारों के लिए ईंधन स्टिकर की आवश्यकता होती है, जो कि केवल 3.5 लाख के आसपास की संख्या में होते हैं।

भाजपा का हमला
दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने मंगलवार को लेफ्टिनेंट गवर्नर अनिल बैजल को पत्र लिखकर मांग की है कि परिवहन विभाग को निर्देश दें कि वे कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए विशेष अभियान को स्थगित करें और ऐसी सूचना से अराजकता फैल जाएगी। उन्होंने कहा कि हमने दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत से इस बाबत संपर्क किया लेकिन बात नहीं हो सकी।

किस रंग का क्या मतलब
हल्के नीले रंग का स्टिकर पेट्रोल या सीएनजी से चलने वाले वाहन को प्रदर्शित करेगा, जबकि नारंगी डीजल को चिह्नित करेगा। 2 अक्टूबर 2018 से पंजीकरण के समय एचएसआरपी और ईंधन स्टिकर वाहनों पर चिपकाए गए हैं। हालांकि, वाहन मालिकों की उदासीनता के अलावा HSRP और ईंधन स्टिकर दोनों के बारे में अभी भी स्पष्टता और जागरूकता की कमी है।

नोटिस का मतलब जल्द कराएं लोग काम
परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि नोटिस के पीछे का मतलब है कि लोग जल्द से जल्द ये दोनों काम कराएं। क्योंकि दो साल पहले सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद वाहन मालिकों की ओर से कलर कोटेड फ्यूल स्टिकर लगाने में देरी हुई है। उन्होंने कहा कि यह अचानक निर्णय नहीं है। हालांकि, लोगों को एचएसआरपी और ईंधन स्टिकर दोनों लगाने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।

इसका क्या है मतलब
राजधानी दिल्ली में चलने वाले वाहनों पर लगे स्टीकर अब बताएंगे कि वाहन पेट्रोल व सीएनजी का है या फिर डीजल का है। दरअसल, एक अप्रैल 2019 के बाद के सभी वाहनों पर 30 अक्टूबर तक कलर कोड वाले स्टीकर लगवाना अनिवार्य कर दिया गया है। दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग की ओर से मंगलवार को इस बाबत सूचना जारी कर दी गई। इसके मुताबिक किसी भी मान्यता प्राप्त डीलर से होलोग्राम आधारित कलर कोड स्टीकर और हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाई जा सकती है।

पिछले साल दिया गया था आदेश
वाहनों की तुरंत पहचान करने के लिए इसमें प्रयोग होने वाले ईंधन की प्रकृति के मुताबिक अलग-अलग रंगों के होलोग्राम आधारित रंगीन स्टीकर लगाए जाएंगे। पेट्रोल और सीएनजी वाहनों के लिए हल्का नीला रंग, डीजल वाहनों के लिए संतरी रंग और अन्य ईंधन से चलने वाले वाहनों के लिए ग्रे रंग के स्टीकर लगाने का आदेश दिया गया है। केंद्रीय परिवहन मंत्रलय ने पिछले साल 16 अक्टूबर को जारी आदेश में कहा था कि राज्यों की अनुमति से मान्यता प्राप्त डीलर भी ये स्टीकर व हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगा सकते हैं।



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