दिसंबर तक ऑक्सफर्ड की Coronavirus Vaccine आने की संभावना, लेकिन उम्मीद कम

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ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी की जिस कोरोना वायरस वैक्सीन से दुनियाभर को उम्मीदें हैं, उसके क्रिसमस से पहले तैयार होने की उम्मीद बेहद कम है। ब्रिटेन की वैक्सीन टास्कफोर्स की हेड केट बिंघम का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि साल के अंत तक सफलता की उम्मीद तो की जा सकती है लेकिन गारंटी नहीं है। गौरतलब है कि बीच में ऑक्सफर्ड के ट्रायल को रोकना पड़ा था लेकिन ये फिर शुरू कर दिए गए हैं। वहीं, हाल ही में जॉनसन ऐंड जॉनसन के ट्रायल को रोका जा चुका है। एक वॉलंटिअर में बीमारी देखे जाने के बाद यह फैसला किया गया था। इसके बाद ऐंटीबॉडी दवा पर काम कर रही Eli Lilly के ट्रायल को भी रोका गया।

अगले साल आम लोगों के लिए आ सकेगी

केट के बयान ऐसे वक्त में आया है जब ब्रिटेन के चीफ साइंटिफिक अडवाइजर सर पैट्रिक वॉलेस ने पिछले महीने कहा था कि देश में इन्फेक्शन का ज्यादा खतरा झेल रहे लोगों को 2020 से पहले वैक्सीन दी जा सकेगी और आम लोगों के लिए अगले साल इसे उपलब्ध किया जा सकेगा। कुछ वक्त पहले एक वॉलंटिअर के बीमार पड़ने पर वैक्सीन के ट्रायल को रोक दिया गया था लेकिन अब ज्यादातर जगहों पर यह फिर से शुरू हो गया है।

30 हजार लोगों पर ट्रायल

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बिंघम का कहना है कि क्रिसमस से पहले वैक्सीन आने की संभावना है लेकिन काफी कम। ऑक्सफर्ड की वैक्सीन आखिरी चरण के ट्रायल में। अभी तक के ट्रायल में यह सबसे असरदार और सुरक्षित पाई गई है। अब ब्रिटेन के अलावा अमेरिका, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका में करीब 30 हजार लोगों पर इसका ट्रायल किया जा रहा है। वैज्ञानिकों की नजर वैक्सीन के असर, इससे पैदा होने वाली ऐंटीबॉडी की मात्रा और सुरक्षा पर होगी। वैक्सीन दिए जाने के बाद हफ्तों और महीनों तक वॉलंटिअर्स पर नजर रखी जाएगी।

एक से ज्यादा खुराक की जरूरत

बिंघम ने यह भी कहा है कि वैक्सीन की एक ही खुराक से असर होना मुश्किल है। ज्यादा संभावना है कि पहली खुराक से लोगों को गंभीर रूप से बीमार होने या मरने से बचाया जा सकेगा। इसके जरिए कोविड-19 को फ्लू जैसे इन्फेक्शन में तब्दील किया जा सकेगा। उनका कहना है कि ज्यादा संभावना इस बात की है कि एक से ज्यादा खुराकें ही वायरस के खिलाफ सुरक्षा दे सकेंगी। उन्होंने कहा कि वायरस म्यूटेट हो रहा है और यह एक ऐसा वायरस है जो नाक से होकर स्नायुतंत्र में जा रहा है।

कई कंपनियों से उम्मीद

बिंघम ने यह भी बताया है कि Pfizer और NBioTech की वैक्सीन भी आखिरी स्टेज में है और इसका डेटा भी जल्द आ सकता है। इनके अलावा Valneva, Novavax, Johnson & Johnson और GlaxoSmithKline की वैक्सीन के लिए भी ब्रिटेन ने डील की है और इनके ट्रायल भी सफल हो सकते हैं। बिंघम का कहना है कि अगर सबकुछ ठीक रहा तो इस साल के अंत तक वैक्सीन आ सकती है लेकिन ज्यादा संभावना यह है कि अगले साल ही पाएगी।



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