नीना गुप्‍ता की जिससे होनी थी शादी, उसने आखिरी मिनट पर छोड़ा, करीना से बहुत कुछ कह गईं ऐक्‍ट्रेस

Spread the love


करीना कपूर खान (Kareena Kapoor Khan) ने सोमवार को ऐक्‍ट्रेस नीना गुप्‍ता (Neena Gupta) की ऑटोबायॉग्रफी ‘सच कहूं तो’ लॉन्‍च की। इसके साथ ही करीना ने इंस्‍टाग्राम पर बातचीत का एक वीडियो शेयर किया जिसमें वह नीना के साथ ‘अकेलेपन’ पर खुलकर चर्चा करती हैं।

नीना ने कहा कि कुछ छोटे अफेयर्स के अलावा उनका असल में कोई साथी नहीं रहा जब वह मुंबई आईं। उनकी अब विवेक मेहरा से शादी हो चुकी है। नीना ने करीना से कहा, ‘जब मैं बुक लिख रही थी, मैंने महसूस किया कि मेरे अच्‍छे वर्षों में मैं बिना प्रेमी या पति के थी। फिर मैं यहां आई, कुछ अफेयर्स हुए लेकिन कोई भी पूरा नहीं हो सका। कुल मिलाकर मैं पूरी तरह से अकेली थी।’

विवियन से कभी-कभी ही मिलती थीं नीना
नीना ने आगे कहा, ‘विवियन के साथ भी ऐसा ही था। वह बहुत दूर थे और उनकी अपनी लाइफ थी। हम कभी-कभी ही मिलते थे।’ बता दें, नीना की विवियन से एक बेटी मसाबा गुप्‍ता हैं जो कि अब मशहूर फैशन डिजाइनर हैं।

जब आखिरी मिनट पर कैंसल हुई शादी
नीना ने उस वक्‍त को भी याद किया जब उनकी एक शख्‍स के साथ शादी होनी थी और आखिरी मिनट पर उसने शादी कैंसल कर दी। उस वक्‍त ऐक्‍ट्रेस कपड़ों की शॉपिंग कर रही थीं। नीना बताती हैं, ‘आज तक मुझे नहीं मालूम कि क्‍या हुआ था लेकिन मैं क्‍या कर सकती हूं? मैं मूव ऑन हो गई। मुझे अच्‍छा लगता, अगर उससे शादी होती। उसके माता-पिता के लिए बहुत सम्‍मान है। मैं उनके घर में रहती थी। वह ये सब पढ़ने जा रहा है, वह जीवित है और शादीशुदा जिंदगी में खुश है। उसके बच्‍चे हैं।’


नीना को होती है जलन

नीना कहती हैं कि उन्‍हें अब भी जलन होती है जब वह लोगों को रेग्‍युलर रिलेशनशिप्‍स में देखती हैं। उन्‍होंने कहा, ‘लोगों कहते हैं कि मैं अपनी जिंदगी अपने शर्तों पर जीता/जीती हूं। असल में मैंने ऐसा नहीं किया। जहां भी मुझसे गलती हुई, मैंने माना और आगे बढ़ गई। मैं एक नॉर्मल पति, बच्‍चे और ससुरालवाले चाहती थी। जब मैं दूसरे लोगों को देखती हूं, मुझे थोड़ी जलन होती है। मैं आरोप नहीं लगा रही हूं। मैं दोष नहीं दे रही हूं, मुझे शराब की लत नहीं लगी क्‍योंकि जो मैं चाहती थी, मुझे नहीं मिला।’

किताब में पढ़ने को क्‍या-क्‍या मिलेगा?
बता दें, नीना की किताब में लोगों को उनका नैशनल स्‍कूल ऑफ ड्रामा से 80 के दशक में मुंबई मूव होने और सिंगल पैंरटहुड का सफर देखने को मिलेगा। इसमें फिल्‍म इंडस्‍ट्री में होने वाली पॉलिटिक्‍स, कास्टिंग काउच के अलावा एक यंग ऐक्‍टर को बिना गॉडफादर के सर्वाइव करने में कैसी मुश्‍किलें होती हैं, जैसी तमाम चीजें पढ़ने को मिलेंगी।





Source link

Previous Article
Next Article

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *