नेपाल में राजा ही अभिभावक के तौर पर नेपाल की सभ्यता से सबको जोड़ पाएंगे : राजाराम बरतौला

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हाइलाइट्स:

  • नेपाल में आंदोलन कर रही पार्टी के नेता ने कहा कि हम डेमोक्रेसी के साथ राजतंत्र चाहते हैं
  • कहा केंद्र सरकार और स्थानीय सरकार चाहिए
  • प्रदेश सरकार की जरूरत नहीं क्योंकि यह अनचाहा बोझ है
  • कहा कम्युनिस्टों ने भारत विरोधी भावनाओं को भड़काने का काम किया

नई दिल्ली
नेपाल में राजतंत्र की वापसी के लिए आंदोलन कर रही पार्टी राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी का कहना है कि हम डेमोक्रेसी के साथ राजतंत्र चाहते हैं। सर्वधर्म समभाव के साथ नेपाल को सनातन हिंदू राष्ट्र चाहते हैं। साथ ही नेपाल को सिर्फ स्थानीय सरकार और केंद्र सरकार की जरूरत है। प्रदेश सरकार महज देश पर बोझ है।

एनबीटी से बात करते हुए नेपाल की राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी के सेंट्रल कमिटी मेंबर राजाराम बरतौला ने कहा कि लोगों को यह समझ आ गया है कि नेपाल की मौजूदा शासन व्यवस्था से लोगों का कोई भला नहीं हो रहा है। जनता आक्रोशित है क्योंकि महंगाई, भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। विपक्ष भी अपनी भूमिका नहीं निभा रहा है। उन्होंने कहा कि हम डेमोक्रेसी के खिलाफ नहीं है, बल्कि डेमोक्रेसी के अनुसार ही व्यवस्था परिवर्तन चाहते हैं।

राजाराम ने कहा कि हम वक्त के हिसाब से आगे बढ़ना चाहते हैं इसलिए सिर्फ राजतंत्र नहीं चाहते। हम अधिकारविहीन राजसत्ता चाहते हैं और सरकार जनता के चुने हुए प्रतिनिधि ही चलाएंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र में स्थिर सरकार हो और लोकल गर्वनमेंट हो। हम ऐसा मॉडल चाहते हैं। प्रदेश सरकारें नहीं होनी चाहिए क्योंकि यह छोटे से देश नेपाल पर महज बोझ हैं। भौगोलिक रूप से भी नेपाल छोटा है और अभी ज्यादातर पैसा प्रशासनिक खर्चों में चला जाता है। हम राजा के साथ डेमोक्रेसी चाहते हैं। राजा केवल सेरिमोनियल होगा।

जब राजा के पास कोई अधिकार नहीं होंगे तो फिर राजतंत्र की मांग ही क्यों? इस सवाल पर प्रजातंत्र पार्टी के नेता ने कहा कि फैसले राजनीतिक दल के नेता ही लेंगे लेकिन राजा अभिभावक की भूमिका में होंगे। राजा ही धर्म-संस्कृति और हमारी सभ्यता को जोड़ने में सफल होंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति यह भूमिका नहीं निभा पा रहे हैं न ही वह सबको साथ लेकर चल रहे हैं। राजाराम ने कहा कि राष्ट्रपति तो किसी पार्टी से ही जुड़े होते हैं, जैसे अभी कम्युनिस्ट पार्टी के हैं। नेपाल की पहचान सनातन हिंदू राष्ट्र के रूप में रहे इसलिए राजा चाहिए। उन्होंने कहा कि हम सर्वधर्म समभाव के साथ हिंदू राष्ट्र चाहते हैं।

नेपाल में कम्युनिस्ट पार्टी में चल रही उथल-पुथल में क्या वह चीन का कोई हाथ देखते हैं? इस सवाल पर राजाराम ने कहा कि हम भारत और चीन दोनों से अच्छी दोस्ती चाहते हैं। किसी एक देश से प्रभावित होकर काम करना नेपाल के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत से नेपाल का रोटी-बेटी का संबंध है और नेपाल के लोगों का दिल से रिश्ता जुड़ा है। हम चाहते हैं कि नेपाल की जनता की भावना का सम्मान कर आगे बढ़ा जाए। उन्होंने कहा कि भारत-विरोधी भावनाओं को भड़काने में कम्युनिस्ट सरकार काम कर रही है। हम चाहते हैं कि दोनों पड़ोसी देशों से समान दूरी से अच्छे रिश्ते रहें।



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