न्यूजीलैंड की मस्जिदों में हमला करके 51 मुस्लिमों की जान लेने वाले ने की थी भारत यात्रा: जांच रिपोर्ट

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हाइलाइट्स:

  • क्राइस्टचर्च की दो मस्जिदों पर हमला करने वाले हत्‍यारे ने की थी भारत समेत कई देशों की यात्रा
  • हमले से संबंधित एक विस्तृत रिपोर्ट मंगलवार को जारी की गई जिसमें यह जानकारी सामने आई
  • जांच रिपोर्ट के अनुसार टैरंट ने भारत में तीन महीने बिताए थे जिसकी विस्‍तृत जानकारी नहीं दी

मेलबर्न
गत वर्ष क्राइस्टचर्च की दो मस्जिदों पर हमला कर 51 मुस्लिमों की जान लेने वाले ब्रेंटन टैरंट ने न्यूजीलैंड जाने से पहले भारत समेत कई देशों की यात्रा की थी। हमले से संबंधित एक विस्तृत रिपोर्ट मंगलवार को जारी की गई जिसमें यह जानकारी सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार टैरंट ने भारत में तीन महीने बिताए थे। पिछले साल 15 मार्च को हुए आतंकी हमले में दर्जनों लोग घायल हुए थे और मारे गए लोगों में पांच भारतीय भी शामिल थे।

‘रॉयल कमीशन ऑफ इंक्वायरी’ की 792 पेज की रिपोर्ट में बताया गया है कि तीस वर्षीय हमलावर ने स्कूल छोड़ने के बाद एक स्थानीय जिम में 2012 तक व्यक्तिगत प्रशिक्षक के तौर पर काम किया था। रिपोर्ट में कहा गया, ‘उसने वेतनभोगी कर्मचारी के तौर पर उसके बाद कभी काम नहीं किया। इसकी बजाय वह अपने पिता के पैसों पर जीता रहा। अपने पिता से प्राप्त पैसों से उसने कई देशों की यात्रा की। पहले, 2013 में वह न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया तथा उसके बाद 2014 से 2017 तक उसने दुनियाभर के देशों की यात्रा की।’

टैरंट ने भारत में तीन महीने के दौरान क्या किया, नहीं पता
रिपोर्ट के अनुसार टैरंट ने 15 अप्रैल 2014 से 17 अगस्त 2017 के बीच अकेले यात्रा की। इस दौरान वह उत्तर कोरिया की यात्रा पर एक समूह के साथ गया था। रिपोर्ट को तैयार करने में लगभग 18 महीने लगे। इसमें कहा गया, ‘सबसे लंबे समय तक वह भारत में रहा जहां वह 21 नवंबर 2015 से 18 फरवरी 2016 तक रहा। वह एक महीने या उससे अधिक समय तक चीन, जापान, रूस, दक्षिण कोरिया इत्यादि देशों में रहा।’ जांच रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि टैरंट ने भारत में तीन महीने के दौरान क्या किया।

‘द न्यूजीलैंड हेराल्ड’ अखबार की खबर के अनुसार इसके साक्ष्य नहीं मिले हैं कि विदेश में घूमते हुए टैरंट किसी चरमपंथी समूह के संपर्क में आया या उसने हमला करने का कोई प्रशिक्षण लिया। जांच रिपोर्ट के अनुसार यह नहीं माना जा सकता कि टैरंट द्वारा की गई यात्राओं से उसे हमला करने की प्रेरणा मिली। रिपोर्ट में कहा गया कि उसके पास करने के लिए कोई काम नहीं था। इसलिए उसने यात्राएं की। जांच रिपोर्ट में कहा गया कि टैरंट इंटरनेट पर कट्टरपंथी सामग्री और ऐसी विचारधारा वाले यूट्यूब चैनल देखा करता था। रिपोर्ट के अनुसार उसने प्रवास और ईसाइयत तथा इस्लाम के बीच ऐतिहासिक लड़ाई का गहन अध्ययन किया था।



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