पाकिस्तानी सेना का उड़ाया मजाक तो होगी 2 साल की जेल, 5 लाख रुपये का जुर्माना भी, कानून बनाने की तैयारी

Spread the love


हाइलाइट्स:

  • पाकिस्तानी सेना की आलोचना करने वालों के खिलाफ इमरान खान सरकार बना रही है कानून
  • नए विधेयक में आलोचना करने पर 2 साल की जेल और 5 लाख के जुर्माने का प्रावधान
  • विपक्ष ने किया विधेयक का विरोध, बताया अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाने का प्रयास

इस्लामाबाद
पाकिस्तान में सेना की आलोचना करने वालों को अब इमरान खान सरकार जेल भेजने की तैयारी में है। पाकिस्तान की नेशनल असेंबली स्टैंडिंग कमेटी ऑन इंटीरियर ने बुधवार को एक नया आपराधिक कानून संशोधन बिल पारित किया है। इसके अनुसार, पाकिस्तान सशस्त्र बलों के आलोचकों को अब दो साल की जेल की सजा के साथ-साथ 500000 रुपये तक का जुर्माना भी भरना पड़ सकता है।

इमरान की पार्टी के नेता ने पेश किया बिल
इस बिल को इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के कानून के सबसे बड़े जानकार अमजद अली खान ने पेश किया था। जिसे कमेटी ने बहुमत के साथ मंजूरी दे दी है। स्थायी समिति के अध्यक्ष राजा खुर्रम शहजाद नवाज ने प्रस्तावित विधेयक के पक्ष में मतदान करके 5-5 वोटों से बराबर हां-ना के बीच फंसे बिल को हरी झंडी दिखा दी।

विपक्षी पार्टियों ने बताया बोलने की आजादी को दबाने का प्रयास
विपक्षी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के नेता सैयद आगा रफीउल्लाह, नवाज शरीफ की पीएमएल-एन की नेता मरियम औरंगजेब और चौधरी नदीम अब्बास रेबैरा ने इस बिल का जोरदार विरोध किया। उन्होंने कहा कि इसका इस्तेमाल पाकिस्तान में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाने के लिए किया जाएगा।

इमरान के गृह राज्य ने किया विरोध
खुद इमरान खान के गृह राज्य खैबर पख्तूनख्वा की सरकार ने इस विधेयक के खिलाफ मतदान किया है। वहीं, पाकिस्तान के अन्य राज्यों ने इस विधेयक पर अभी तक अपने विचार व्यक्त नहीं किए हैं। विपक्षी दलों का तर्क है कि यह हमारी अपनी संस्थाओं के खिलाफ है और हम अपनी इन संस्थाओं के साथ मजबूती के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अच्छे नीयत से की गई आलोचना को कभी भी गलत नहीं समझना चाहिए। हमें लोगों को डराकर रखने से बचना चाहिए।

दो साल की सजा और 5 लाख के जुर्माने का प्रावधान
इस आपराधिक कानून संशोधन बिल के तहत, पाकिस्तान के सशस्त्र बलों और उनके किसी कर्मी के खिलाफ जानबूझकर उपहास, अपमान और मानहानि नहीं किया जा सकेगा। ऐसा करने वालों को पाकिस्तान दंड संहिता (पीपीसी) की धारा 500 ए के तहत दो साल की जेल, 500000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों सजा दी जा सकती है। इसके अलावा पाकिस्तानी सशस्त्र बलों के आलोचकों को दीवानी अदालत में मुकदमे का सामना करना पड़ेगा।



Source link

Previous Article
Next Article

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *