पाकिस्तान: विपक्ष की संयुक्त रैलियों से डरे इमरान खान, विरोधी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई तेज

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इस्लामाबाद
पाकिस्तान में एकजुट हुए विपक्ष ने रैलियों के जरिए प्रधानमंत्री इमरान खान की कुर्सी को हिलाकर रखा हुआ है। इसी कारण विपक्षी नेताओं के खिलाफ सरकारी प्रशासन की कार्रवाई भी तेज हो गई है। सोमवार को मुल्तान में हुई रैली के बाद विरोधी पार्टी के 3000 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्रशासन ने मुकदमा दर्ज किया है। इन नेताओं पर आरोप है कि इन्होंने पंजाब प्रांत में कोविड-19 तथा सार्वजनिक सुरक्षा दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर विरोध प्रदर्शन किया है।

पूर्व पीएम गिलानी के तीन बेटों पर भी केस दर्ज
जिन नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, उनमें पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के वरिष्ठ नेता और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के तीन बेटे भी शामिल हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री की विशेष सहायक फिरदौस आशिक अवान ने कहा कि मुल्तान में पीडीएम रैली के आयोजकों के खिलाफ विभिन्न तरीकों से कानून का उल्लंघन करने के लिये मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि पीडीएम ने मुल्तान में अदालत के आदेश और कोविड-19 मानक संचालन प्रक्रिया की अवहेलना की। हम विपक्ष को लोगों की जान से खेलने नहीं दे सकते।

16 अक्टूबर से हो रही हैं सरकार विरोधी रैलियां
अक्टूबर से ही पाकिस्तान के 11 विपक्षी दलों का गठबंधन पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) देश के अलग-अलग हिस्सों में रैली कर रहा है। इस गठबंधन की पहली रैली 16 अक्टूबर को गुजरांवाला में, जबकि दूसरी रैली 18 अक्टूबर को कराची में हुई थी। तीसरी रैली 25 अक्टूबर को क्वेटा में और चौथी रैली 22 नवंबर को पेशावर में हुई थी। सोमवार को विपक्षी दलों ने पांचवी रैली पंजाब के मुल्तान शहर में की थी। अंतिम रैली 13 दिसंबर को लाहौर में होगी।

सोमवार को मुल्तान में गरजे थे विपक्षी नेता
ग्यारह विपक्षी दलों के गठबंधन पीडीएम ने सोमवार शाम मुल्तान के घंटाघर चौक पर रैली का आयोजन किया था। मुख्य विपक्षी दलों पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) तथा पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) ने प्रधानमंत्री इमरान खान नीत पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी सरकार को सत्ता से हटाने के लिये अगले महीने इस्लामाबाद में मार्च का आयोजन करने की बात कही है।

नवाज के दामाद की गिरफ्तारी पर गरमाई थी सियासत
कराची में पाकिस्तान के संयुक्त विपक्ष की 18 अक्टूबर वाली रैली की रात को पुलिस ने इमरान खान की बेटी मरियम नवाज के पति कैप्टन (सेवानिवृत्त) मुहम्मद सफदर को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, पुलिस को कुछ घंटे में उन्हें रिहा भी करना पड़ा। क्योंकि, गिरफ्तारी का कोई ठोस आधार नहीं था। सफदर की गिरफ्तारी के बाद से ही पाकिस्तान में राजनीतिक बवाल शुरू हो गया। बाद में आरोप लगाया गया था कि पाकिस्तानी सरकार के कहने पर उनकी गिरफ्तारी की गई थी।

सेना ने छोड़ा इमरान खान का साथ
पाकिस्तानी सेना ने भी अपने ऊपर बढ़ते दबावों को देखते हुए इमरान खान की मदद करने से इनकार कर दिया है। इसी कारण पाकिस्तान आर्मी चीफ के निर्देश पर हाल में ही चीन पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर के चेयरमैन और पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल असीम सलीम बाजवा ने भ्रष्टाचार के आरोपों पर अपना इस्तीफा दे दिया था। अब जल्द ही पाकिस्तानी सेना अपने अधिकतर जनरलों को सरकार की सेवा से हटाने जा रही है।



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