पाकिस्‍तानी क्रूरता से मुक्‍त हुआ दुनिया का सबसे अकेला हाथी, सुपरस्‍टार ने किया स्‍वागत

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पाकिस्‍तान में वर्षों तक प्रताड़ना झेलने वाला ‘दुनिया का सबसे अकेला हाथी’ अब खुली हवा में सांस लेने लगा है। कावन नामक यह हाथी हवाई मार्ग से करीब 4 हजार किलोमीटर का सफर करके कंबोडिया पहुंच गया है। कंबोडिया में अमेरिकी सुपरस्‍टार चेर और अभ्‍यारण्‍य के बाकी हाथियों ने कावन का जोरदार स्‍वागत किया। अपने जीवन के 36 बसंत देख चुके कावन के साथ पाकिस्‍तान की राजधानी इस्‍लामाबाद के चिड़‍ियाघर में इतना ज्‍यादा क्रूर व्‍यवहार और घटिया सुविधाएं दी गईं कि पूरी दुनिया में इसके खिलाफ जोरदार तरीके से विरोध शुरू हो गया था। आइए जानते हैं कारवान की पूरी कहानी…..

नए-नए दोस्‍त बने हाथी ने यूं क‍िया स्‍वागत किया

पाकिस्‍तानी क्रूरता से मुक्‍त होने वाला कावन करीब 8 साल बाद पहली बार किसी दूसरे हाथी से मिला। कावन की यह मुलाकात देखने लायक थी। कावन के नए-नए दोस्‍त बने हाथी ने सूंड से सूंड मिलाकर उसका स्‍वागत किया। कावन को अपना यह नया घर बेहद पसंद आया है। उसने कंबोडिया के अभ्‍यारण्‍य में स्थित कीचड़ में खुद को सराबोर कर दिया। इस कीचड़ से कारवान न केवल सूरज की तेज धूप से बचा रहेगा बल्कि कीड़े भी उसे नहीं काटेंगे। कंबोडिया पहुंचकर कावन तनावमुक्‍त दिखा और कुछ देर तक उसने नींद भी ली। अब कावन को सिएम रीप से पड़ोस के ओड्डार मिआंचे प्रांत में ले जाया जाएगा जहां वह 600 अन्‍य हाथियों के साथ एक वन्‍यजीव अभ्‍यारण्‍य में अपनी आगे की जिंदगी बिताएगा।

कावन की ‘सहेली’ की मौत, पाक में क्रूरता

कावन को श्रीलंका से पाकिस्‍तान के चिड़‍ियाघर में लाया गया था। श्रीलंका ने वर्ष 1985 में पाकिस्‍तान के साथ संबंधों को बेहतर करने के लिए कावन हाथी गिफ्ट में दिया था। करीब 5 साल तक अकेले रहने के बाद कावन के पास वर्ष 1990 में बांग्‍लादेश से सहेली नाम मादा हाथी को लाया गया था। कावन और सहेली दोनों वर्ष 2012 तक साथ रहे। वर्ष 2012 में सहेली की मौत हो गई जिससे कारवान एक बार फिर से अकेला हो गया। इस दौरान पाकिस्‍तान के जू में कावन के साथ क्रूरता बढ़ती गई। उसे हमेशा जंजीरों में बांधकर रखा जाता था। वर्ष 2016 में कावन को मुक्‍त कराने के लिए अभियान तेज हो गया।

कावन की मदद को आगे आईं अमेरिकी सिंगर

कावन की पीड़ा को अमेरिकी गायिका चेर ने बखूबी समझा और उन्‍होंने सोशल मीडिया पर अभियान शुरू किया। उनका प्रयास रंग लाया और पाकिस्‍तान की एक कोर्ट ने मई महीने में कावन को इस्‍लामाबाद से कहीं और बेहतर जगह पर ले जाने का आदेश दिया। अक्‍टूबर में ऐलान किया गया कि कावन हाथी को कंबोडिया ले जाया जाएगा। कावन को कंबोडिया ले जाने के लिए नवंबर में तैयारी शुरू हो गई। कावन को विदाई देने के लिए इस्‍लामाबाद में एक पार्टी का भी आयोजन किया गया। अमेरिकी गायिका चेर कावन को विदाई देने के लिए पाकिस्‍तान पहुंच गईं। चेर पाकिस्‍तान के बाद कंबोडिया भी गईं जहां उन्‍होंने कावन का जोरदार स्‍वागत किया।



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