पैगंबर कार्टून विवाद: फ्रांस में इस्‍लामिक कट्टरपंथियों के खिलाफ जोरदार ऐक्‍शन, दर्जनों छापे

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पेरिस
फ्रांस में एक टीचर की इस्‍लामिक कट्टरपंंथियों के गला काटकर हत्‍या करने के बाद पुलिस ने जोरदार कार्रवाई शुरू की है। फ्रांस की पुलिस ने दर्जनों स्‍थानों पर छापा मारा है और 80 से ज्‍यादा जांचें शुरू की हैं। इस बीच फ्रांस के गृहमंत्री गेराल्‍ड दरमेनिन ने कहा है कि स्‍कूली छात्रा के पिता और कुख्‍यात इस्‍लामिक उग्रवादी ने फांसीसी टीचर के हत्‍या का आह्वान किया था। फ्रांसीसी टीचर की पिछले दिनों उग्रवादी की बेटी को पैगंबर मोहम्‍मद का कार्टून दिखाने पर गलाकर काटकर हत्‍या कर दी गई थी।

मंत्री गेराल्‍ड ने कहा, ‘उन्‍होंने (इस्‍लाम‍िक उग्रवादियों ) ने संभवत: टीचर के खिलाफ फतवा जारी किया था।’ उन्‍होंने कहा कि पुलिस ने इस्‍लामिक उग्रवादियों के खिलाफ देशभर में दर्जनों जगहों पर छापे मारे हैं और ऑनलाइन घृणा भाषण देने के लिए 80 से ज्‍यादा जांचें शुरू की गई हैं। बता दें कि फ्रांस में पैगंबर मोहम्मद को लेकर हुए विवाद में पेरिस में एक शख्स ने अपने बच्चे के टीचर का सिर इसलिए काट दिया क्योंकि उन्होंने पैगंबर मोहम्मद का कार्टून बच्चों को दिखाया था। इसके बाद यह शख्स ‘अल्‍लाहू अकबर’ के नारे लगाने लगा।

टीचर ने हाल में बच्चों को पैगंबर का कार्टून दिखाया था
बाद में मौके पर पहुंची पुलिस को भी उसने बंदूक दिखाकर डराने की कोशिश की और बाद में पुलिस की गोली का शिकार हो गया। डेलीमेल की खबर के अनुसार टीचर ने हाल में बच्चों को पैगंबर का कार्टून दिखाया था जिससे यह शख्स नाराज था। वह टीचर के सामने चाकू लेकर पहुंचा और उनका सिर काट दिया। सूचना पाकर जब पुलिस वहां पहुंची तो आरोपी वहीं मौजूद था। पुलिस को हथियार दिखाकर वह मौके से भाग निकला। करीब दो मील दूर पहुंचकर उसने फिर से पुलिस को बंदूक दिखाई और सरेंडर करने से इनकार कर दिया।

अखबार ने सूत्र के हवाले से लिखा है कि उसने बंदूक पुलिस के ऊपर तान दी जिसके बाद पुलिस ने उसे गोली मार दी। घटनास्थल से करीब 10 गोलियां चलने की आवाज सुनी गई। घटना की जांच कर रहे अधिकारियों ने आरोपी को संदिग्ध आतंकी करार दिया है। गला काटने की क्रूर घटना के बाद पूरे फ्रांस में जोरदार प्रदर्शन हुए हैं। यह घटना ऐसे वक्त में हुई है जब पेरिस में 2015 में हुए शार्ली एब्दो हमले की सुनवाई चल रही है। वह आतंकी हमला भी पैगंबर मोहम्मद के कार्टून छापने से नाराज होकर किया गया था। यही नहीं, इस साल उस केस की सुनवाई शुरू होने के बाद मैगजीन ने फिर से कार्टून छापे थे जिस पर अल-कायदा ने धमकी दी थी कि 2015 का हमला आखिरी नहीं था।



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