प्रयोग के तौर पर 6 केंद्र शासित प्रदेशों में राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन शुरू

Spread the love


नयी दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन (PM Modi Launched National Digital Health Mission On Independence Day) का उद्घाटन किया। जो शुरुआत में छह केंद्र शासित राज्यों में शुरू किया गया है जिसके तहत प्रत्येक भारतीय को एक स्वास्थ्य पहचान पत्र मिलेगा जिससे स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच सुगम होगी।

सरकार ने इस संस्था को सौंपी जिम्मेदारी
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के क्रियान्वयन के लिये जिम्मेदार शीर्ष एजेंसी राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकार (एनएचए) को सरकार ने देश में एनडीएचएम का प्रारूप तय करने, उसे तैयार करने और लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी है। एनएचए ने एक बयान में कहा कि प्रायोगिक परियोजना के तहत जिन छह केंद्र शासित राज्यों में यह मिशन शुरू किया गया है उनमें चंडीगढ़, लद्दाख, पुडुचेरी, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव, पुडुचेरी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप शामिल हैं।

पीएम मोदी का संबोधन
स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि प्रत्येक भारतीय नागरिक को एक स्वास्थ्य पहचान-पत्र मिलेगा जिसमें उसकी हर चिकित्सा जांच, हर बीमारी, उसको किस डॉक्टर ने कौन सी दवा दी, कब दी, उसकी रिपोर्ट क्या थीं, ये सारी जानकारी इसी स्वास्थ्य पहचान पत्र (आईडी) में समाहित होगी।

क्या कहा था पीएम मोदी ने
उन्होंने कहा, ‘आज से एक बहुत बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है जिसमें प्रौद्योगिकी बड़ी भूमिका निभाएगी। आज राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन शुरू किया जा रहा है। मिशन, भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र (National Digital Health Mission) में नई क्रांति लेकर आएगा। तकनीक के माध्यम से लोगों की परेशानियां कम होंगी।’ एनएचए ने एक बयान में कहा, ‘एनडीएचएम का उद्देश्य नागरिकों को सही चिकित्सक की तलाश, उनसे समय लेने, परामर्श शुल्क का भुगतान करने और कई बार अस्पताल के चक्कर लगाने जैसी दुष्वारियों से मुक्ति दिलाएगा और सभी भारतीयों को सही जानकारी और उनके आधार पर सही फैसला लेने के लिये सशक्त करेगा जिससे वे श्रेष्ठ स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा पाएं।’

डॉ हर्षवर्धन ने की शुरूआत
प्रधानमंत्री की घोषणा का स्वागत करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा, ‘केंद्र शासित प्रदेशों से मिलने वाली शुरुआती समझ के आधार पर हम क्रमिक रूप से राज्यों की सहभागिता से एनडीएचएम को शुरू करेंगे। मैं बाजी पलट देने वाली इस योजना को अपनाने के लिये चिकित्सकों, स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों, नागरिकों और राज्य सरकारों से खुले दिन से सहयोग, समर्थन और सुझाव की अपेक्षा रखता हूं।”



Source link

Previous Article
Next Article

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *